
कन्हैया शुक्ला-
लोकसभा चुनाव के परिणाम बहुत ही सुलझे हुए आये. और ऐसा ही अपेक्षित भी था क्योंकि भले बीजेपी सरकार बनाये पर विपक्ष के लिए 2024 लोकसभा चुनाव ने एक ऊर्जा दे दी.
ये विपक्ष की जीत नही हैं ये बीजेपी की बीजेपी से हार है. क्योंकि इस चुनाव में बीजेपी पार्टी, संघ, संगठन सब को गुजराती जोड़ी ने दरकिनार कर दिया. हर जगह मोदी-शाह. मानो ऐसा लग रहा था कि बीजेपी को इतनी बड़ी पार्टी बनाने में सिर्फ इन्हीं दोनों का हाथ है पर ऐसा है नहीं बल्कि बीजेपी पार्टी को बड़ा बनाने में बहुत से नेताओं का हाथ है. जिनको इन गुजराती जोड़ी ने अपंग बना दिया.
अपनी मनमानी की वजह से वरिष्ठ नेताओं की कुर्सी छीन ली. इसके लेटेस्ट उदाहरण मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में सीएम पद ही देख लीजिए. ऐसे ही बड़े दिग्गज़ नेताओं को हटा दिया जिन्होंने पूरी ज़िंदगी BJP के लिए लगा दी, ऐसा लग रहा था कि मानो BJP में सिर्फ दो ही नेता हैं एक मोदी और दूसरा अमित शाह, पर अब बैलेंस बराबर हुआ.
इस बार की 5 साल की सरकार में अब गुजराती मॉडल नही चलने वाला और आने वाले दिनों में अब BJP में बड़े बदलाव दिखने वाले हैं, साथ ही एक जाल टूटने वाला है. पहला तो ब्जेपी अध्यक्ष जी अब हटेंगे क्योंकि उनका बयान की BJP अब आपने पैरों पर खड़ी हो चुकी है और आरएसएस की भूमिका को ही नजरअंदाज करना नड्डा और BJP के दो लीडर का अहंकार दिखा देता है.
वैसे तो अबकी बार PM शिवराज सिंह को बनाना चाहिए. क्योंकि शिवराज बीजेपी में एक ऐसा नेता हैं जिसका जनाधार प्रदेश में कभी कम नहीं हुआ. अबकी जनता ऊब गई सिर्फ मोदी-मोदी सुन कर. मोदी भी इतने अहंकार में थे कि हर जगह मोदी की गारंटी, मोदी 400 पार.. मतलब पार्टी से भी बड़े हो गए?
अभी तो ये शुरुवात है आने वाले दिनों में अगर पार्टी ने गुजराती मॉडल को कंट्रोल नही किया तो बीजेपी ही बीजेपी को हराएगी और बीजेपी टूटेगी. उसका शुरुवाती रुझान 24 के लोकसभा चुनाव में रिज़ल्ट में दिख भी गया है.


