
यूपी के बुलंदशहर में एक नेशनल स्तर की महिला बॉक्सर खिलाड़ी के साथ जहांगीराबाद पुलिस की खुली गुंडई सामने आई है। पुलिस ने न सिर्फ महिला बॉक्सर खिलाड़ी और उसके परिवार के खिलाफ फर्जी रिपोर्ट दर्ज की, बल्कि उसके पूरे परिवार का आधी रात तक कोतवाली में टॉर्चर भी किया। महिला बॉक्सर जब बेहोश हो गई तो उसे आनन फानन में वहां से भगा दिया गया। यही नहीं पुलिस ने मनगढ़ंत कहानी बनाकर उसके और उसके नाबालिग भाई बहनों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करवा दी।
अब पीड़ित परिवार न्याय नहीं मिलने पर आत्महत्या की चेतावनी दे रहा है। वहीं पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के आला अफसर हरकत में आ गए है। पूरे मामले की जांच कर कड़ी कार्रवाई की बात कही जा रही है।
क्या है पूरा मामला?
जहांगीराबाद निवासी सुरेंद्र शर्मा की बेटी छमा शर्मा राष्ट्रीय स्तर की बॉक्सिंग खिलाड़ी है। छमा राष्ट्रीय स्तर पर कई पदक जीतकर जिले का नाम रोशन कर चुकी है। वह अपने भाई नितिन के साथ एक चौराहे पर खड़ी थी। इसी दौरान उसके भाई की एक लड़के के साथ मारपीट हो गई। जिसके बाद चौकी इंचार्ज कोमल कुंतल छमा के घर मय फोर्स के साथ पहुंच गए और सभी को कोतवाली ले गए। छमा का आरोप है कि चौकी इंचार्ज ने उनके साथ जमकर गाली गलौच की, बल्कि उनके साथ अपराधियों की तरह मारपीट की। देर रात तक उनके साथ कोतवाली में टॉर्चर होता रहा। रात करीब 2 बजे जब बॉक्सिंग खिलाड़ी बेहोश हो गई तब पुलिस के हाथ पांव फूल गए। आनन फानन में सभी को छोड़ दिया गया।
आत्महत्या की दी चेतावनी
बॉक्सिंग खिलाड़ी छमा शर्मा ने चेतावनी दी है कि यदि उनके साथ न्याय नहीं हुआ तो वह अपनी बहनों के साथ आत्महत्या कर लेगी। हालांकि पुलिस के आला अफसरों ने पूरे मामले की जांच कर कड़ी कार्रवाई की बात कही है।
कड़ी कार्रवाई होगी : एसपी
एसपी देहात रोहित मिश्र का कहना है कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी। जो भी पुलिसकर्मी दोषी होगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


