C10 न्यूज़ चैनल के मालिकों में झगड़ा शुरू, बात पुलिस तक पहुँच गई

नए शुरू हुए न्यूज़ चैनल C10 न्यूज़ में आपसी झगड़ा रगड़ा शुरू हो चुका है। इस चैनल में सुभाष शर्मा और मनीष यादव ने पैसे लगाए हैं। इन दोनों के बीच की लड़ाई सड़क पर आ चुकी है।

फ़िलहाल पुलिस वाले इनके बीच के मामले में सुलह समझौता कराने में जुटे हैं। सुभाष शर्मा के साथ पत्रकारों की ब्राह्मण लॉबी ऐक्टिव है। बृजेश निगम, विवेक पाठक, नीरज मिश्रा पूरी तरह से सुभाष शर्मा के साथ सक्रिय हैं। आरोप है कि ये लॉबी चैनल पर क़ब्ज़ा करने की कोशिश में है। मनीष यादव को चैनल से निकालने की साज़िश है।

सुभाष शर्मा और मनीष यादव दोनों ने काफ़ी पैसा चैनल में लगा दिया है। समाजवादी पार्टी के सत्ता में न आने से मनीष की स्थिति थोड़ी कमजोर पड़ी है। ऐसे में ब्राह्मण लॉबी मनीष यादव को निपटाने की पूरी तैयारी में है।

पुलिस अफ़सरों ने सुझाव दिया है कि कोई एक चैनल से अपना पूरा पैसा लेकर हट जाए। मतलब सुभाष शर्मा जितना पैसा मनीष लगाए हैं उन्हें देकर चैनल से मुक्त कर दें या फिर मनीष जितना पैसा सुभाष लगाए हैं उन्हें देकर चैनल से मुक्त कर दें। फ़िलहाल दोनों ही पक्ष चैनल से निकलने को तैयार नहीं है।

इस चक्कर में चैनल के कर्मचारी बुरी तरह परेशान हैं। कई महीने से इन्हें सेलरी नहीं मिली है। ऊपर से मालिकों का रगड़ा झगड़ा।

स्टाफ की सेलरी 3 महीने से बकाया है। ऑफिस का रेंट 3 महीने से बकाया है। बिजली की बिल 3 महीने से बकाया है। कल मनीष यादव ने पैसे जमा कराए।

ज्ञात हो कि मनीष यादव ने कलकत्ता में बिजनेस करने वाले सुभाष शर्मा से सी टेन न्यूज़ चैनल का पूरा सेटअप कई करोड़ में लगवाया। सुभाष शर्मा की कम्पनी ईवनिंग स्टार सी टेन में साठ फ़ीसदी की हिस्सेदार है।

सुभाष शर्मा के लोगों का आरोप है कि निवेश किए गए पैसे का पूरा हिसाब नहीं मिल रहा है। सुभाष शर्मा जो कि कंपनी के चेयरमैन हैं, ऑफिस और गए जब उन्होंने पेपरों की छानबीन की तो कई विसंगतियाँ मिलीं। इसी को लेकर जब मनीष यादव से बात की तो रायता फैलता गया। तनाव बढ़ता देख सुभाष शर्मा ने 100 नंबर पर कॉल करके पुलिस की मदद मांगी ल. पुलिस पहुंची. पुलिस वाले उनको नोएडा सेक्टर 63 थाने में लेकर आए. नोएडा सेक्टर 63 पुलिस मनीष यादव और सुभाष शर्मा में समझौता कराने में जुटी है।

मनीष यादव के क़रीबियों का कहना है कि मनीष का चैनल में एक रुपए भी नहीं लगना था लेकिन उन्हें मजबूरी में करोड़ों रुपए की अपनी जमीन बेच कर पैसे का निवेश करना पड़ा ताकि चैनल चलता रहे. फ़िलहाल मनीष और सुभाष शर्मा के बीच सेटलमेंट हो रहा है, SHO के कहने पर। कुछ लोग साज़िश रच कर मनीष को बदनाम करने में जुटे हैं और अनर्गल अफ़वाह फैला रहे हैं।

मनीष के क़रीबियों का कहना है कि सी टेन के दफ़्तर के ठीक ऊपर एक नया न्यूज़ चैनल खुल रहा है। सी टेन के स्टाफ़ को मिला कर उनसे चोरी कराया जाता है, तोड़ फोड़ कराया जाता है। इसके प्रमाण मौजूद हैं। ये कौन कौन कराता है, इसके प्रमाण मौजूद है। ये सब इसलिए कराया गया ताकि मनीष बदनाम हो जाएँ, जेल चले जाएँ पर CCTV के खुलासे से पानी फिर गया।

सी टेन के दो कर्मचारियों को दारू पिला खिलाकर व पैसों का लालच देकर ऊपर जो चैनल खुल रहा है उसमें चोरी कराई गई थी और सारा सामान सी टेन चैनल में इधर-उधर छुपा के रख दिया गया था ताकि इल्जाम मनीष यादव के ऊपर लग जाए और वे जेल चले जाएँ। इन लोगों ने सीसीटीवी कैमरा बंद करने का प्रयास किया था लेकिन सीसी कैमरा यूपीएस से चलता है यह बात किसी को पता नहीं था। इन्होंने CCTV का स्विच ऑफ किया लेकिन स्विच ऑफ नहीं हुआ, सीसी कैमरा ऑन रहा और सारी चीजें सीसी कैमरे में आ गईं। इसलिए यह लोग 12 घंटे में पकड़े गए। मनीष ने थाने में तहरीर देकर एफ आई आर कराई। पकड़े गए लोगों ने बृजेश निगम विवेक पाठक नीरज मिश्रा का नाम लिया जिनके कहने पर ये चोरी कांड किया गया।

मनीष यादव के क़रीबियों का कहना है कि न्यूज़ चैनल के चक्कर मनीष ने अपना चलता चलाया पेट्रोल पंप बेच के इधर सारे पैसे लगा दिए। फिर भी साज़िशें हो रही हैं। अगर मनीष के साथ कुछ बुरा घटित होता है तो उसकी सारी जिम्मेदारी सुभाष शर्मा उनके बेटे प्रतीक शर्मा बृजेश निगम विवेक पाठक नीरज मिश्रा और उनके कुछ साथियों की होगी। मनीष को आशंका है कि उनके ऊपर जानलेवा हमले भी कराए जा सकते हैं।

पूरे प्रकरण को समझने के लिए ये वीडियो भी देखें-

इस खबर पर विवेक पाठक और नीरज मिश्रा की प्रतिक्रिया पढ़ें-

चोरी की घटना में मेरा नाम भी बताया गया है, आपके पास क्या प्रमाण है?



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