चित्रा त्रिपाठी के सोशल मीडिया हैंडल देख आइये। सत्ता को सपोर्ट, पाखंड को बढ़ावा और विपक्ष पर प्रहार। ये तीन टाइप के पोस्ट दिखेंगे। चित्रा त्रिपाठी ने आज रविवार 5 अक्तूबर को अपने शो “चर्चा विद चित्रा” में कानपुर के संतोष भदौरिया उर्फ करौली शंकर को आमंत्रित किया था। शो को लेकर चित्रा ने एक एफबी पोस्ट भी शेयर की है। इस शो में उन्होंने भदौरिया से न सिर्फ अनिरुद्धाचार्य को टारगेट कराया बल्कि करौली शंकर की तारीफ में इतने पुल बांधे की सोशल मीडिया यूजर्स अपनी ही तरह से प्रतिक्रियाएं कर रहे हैं।
नीचे पढ़ें चित्रा ने क्या लिखा है, वीडियो भी देखें, उसके बाद कुछ कमेंट्स भी हैं…
चित्रा त्रिपाठी ने लिखा है-
देश में सनातन धर्म को लेकर चल रही बहस के बीच, आध्यात्मिक गुरुओं के मध्य विवाद की स्थिति बनी हुई है. करौली शंकर महादेव ने 10 लाख से अधिक लोगों के उपचार का दावा किया है.
वे प्राचीन पद्धति और अदृश्य शक्तियों के माध्यम से उपचार का उल्लेख करते हैं, चमत्कारों से इनकार करते हैं. उनका 40 वर्षों का अनुसंधान 400 न्यूरो रोगों पर केंद्रित है. वे रोगों का कारण नकारात्मक स्मृतियों को बताते हैं, जिन्हें प्रार्थना और संकल्प से नष्ट कर उपचार का दावा करते हैं.
करौली शंकर महादेव कैंसर के उपचार से इनकार करते हैं और उनके आश्रम में निशुल्क उपचार प्रदान किया जाता है. एक डॉक्टर पर मारपीट के आरोप भी सामने आए थे. वे अपने बेटे को आयुर्वेद की शिक्षा दे रहे हैं. उनके दरबार में 30 ब्राह्मण आचार्य वैदिक अनुष्ठान संपन्न कराते हैं. वे चंदा स्वीकार नहीं करते.
उन्होंने अनिरुद्धाचार्य द्वारा महिलाओं पर की गई टिप्पणियों का विरोध किया और उनके 15 अगस्त से संबंधित बयान को भ्रामक बताया. करौली शंकर महादेव तंत्र-मंत्र और भूत-प्रेत जैसी अवधारणाओं का खंडन करते हुए ऐसे मामलों में कानून बनाने की मांग करते हैं. उनका दरबार सनातन वैदिक परंपरा पर आधारित है, जहां आस्था, विश्वास और श्रद्धा से स्वास्थ्य लाभ का दावा किया जाता है….
इन सारी बातों, सवालों और आरोपों का जवाब दिया करौली शंकर महादेव ने Charcha With Chitra में.
चित्रा त्रिपाठी की इस पोस्ट पर आए कुछ कमेंट भी पढ़िए….
अभिषेक शुक्ला-
क्या इस चोर को बैठाकर नाटक कर रही है, कुछ पत्रकारिता भी कर लो
विवेक राय-
सब चंदा का धंधा करते हैं खुजली तक ठीक नहीं कर पायेगा हमेशा जनता ही ठगी जाती हैं!
सौरभ खुराना-
अगर इस इंसान के पास दैवीय शक्तियां होती तो सबसे पहले ये उन शक्तियों का इस्तेमाल आपके सवालों के जवाब न देने के लिए करता और आपका सर्वनाश कर देता।
अनुपम भारद्वाज-
1993 में एक किसान की हत्या के लिए जेल गए.. चार साल बाद जमानत पर छूटे उसके बाद आढ़त की दलाली का काम किया फिर जमीनों की ख़रीद बिक्री में किस्मत आजमाई उसके बाद बाबागिरी शुरू की और आप बता रही हो 40 साल का शोध तजुर्बा… पत्रकारिता का स्तर गिर गया है आजकल
लक्ष्मी दुबे-
भूत प्रेत के अतिरिक्त किसी भी बीमारी का इलाज झाड़ फूंक, मंत्रों से नहीं हो सकता है सिर्फ हड्डी, टूटने, दर्द होने एवं नस इधर उधर खिसकने पर जानकर लोग बैठाते हैं! कोई कहे हम हार्ट, किडनी, लीवर या अन्य अंदरूनी बीमारी मंत्र से ठीक कर देंगे वह व्यक्ति आपको धोखा दे रहा है ! ऐसे नीम हकीमों से दूर ही रहना चाहिए और चिकित्सीय उपचार कराना चाहिए !! भोले भाले ग्रामीणों से पैसा ऐंठना इनका उद्देश्य है !!
जनेश्वर तिवारी-
यह आज के युग का सबसे बड़ा फ्रॉड है। इसकी कहानी पढ़ लो चित्रा त्रिपाठी। इससे बचो। अनिरुद्धाचार्य फ्रॉड नहीं हैं।
मीतेश मिश्रा-
शर्मनाक, ऐसे ढोंगी बाबा और अपराधी को ABP News मंच देकर अपनी विश्वसनीयता को साबित कर रहा है। आज से boycott ABP न्यूज़ और चित्रा Chitra Tripathi।
बृज मोहन-
ये शक्ति अवतार सब चुतियापा है। परिश्रम ही सबसे बड़ा धन है। ये ढोंगी और पाखंड फैलाने वाले सभी लोग अपना उल्लू सीधा करते हैं अपनी दुकान चलाते हैं और आम जनता को बेवकूफ बनाते हैं उनकी आस्था से खिलवाड़ करते हैं। ऐसे कार्यक्रम को मीडिया जगत द्वारा और बढावा दिया जाता है। आप लोग इनको प्रचारित करना बंद कीजिये। सच्चाई हम आप सब जानते हैं।
नोट- भड़ास मीडिया ने चित्रा त्रिपाठी की पोस्ट से उन्हीं कमेंट्स को उठाया है जो भाषा के लिहाज से वल्गर नहीं हैं। बाकी अन्य कमेंट्स चित्रा की पोस्ट पर पढ़ी जा सकती हैं।


