मुख्यमंत्री की घोषणा के बावजूद पत्रकारों पर दर्ज मुकदमे नहीं हुए रद्द

न्यायालय ने जारी की सम्मन भेजने की प्रकिया

मण्डी (हिमाचल प्रदेश) : कोविड-19 की आड़ व बदले की भावना से लॉकडाउन में प्रदेश भर के पत्रकारों पर सैकड़ों मुकदमे दर्ज हुए जिसकी देश ही नहीं विदेशों तक आलोचना हुई।

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पत्रकार संगठनों व एनजीओ ने इसका विरोध किया। वहीं मामले की गम्भीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कुछ माह पूर्व अपने गृह जिले मण्डी में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए घोषणा की कि लॉक डाउन में पत्रकारों पर हुए मुकदमे निरस्त होंगे।

मुख्यमंत्री की घोषणा पर आजतक कोई अमल नहीं हो पाया है। अब प्रदेशभर में पत्रकारों पर लॉक डाउन में दर्ज मामलों से सबंधित सम्मन कोर्ट से आने शुरू हो गए हैं।

हिमाचल प्रदेश यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट के अध्यक्ष रणेश राणा ने सरकार से मांग की है कि लॉक डाऊन में पत्रकारों पर बदले की भावना से दर्ज किए गए सभी प्रकार के मुकदमे मुख्यमंत्री जयराम घोषणा मुताबिक तुरन्त प्रभाव से वापिस लें।
रणेश राणा ने कहा कि पत्रकारों का लगातार शोषण हो रहा है। पत्रकारों को उचित सेलरी नहीं मिल रही है। उन्हें फर्जी मुकदमों में फंसा कर प्रताड़ित किया जा रहा है। इस पर रोक लगाने के लिए तुरन्त उचित कानून बनाया जाना चाहिए।



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