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‘डब्बा ट्रेडिंग’ ऐड मामला: नवभारत/नवराष्ट्र के कर्मचारियों से ED द्वारा पूछताछ की चर्चा

मुंबई/नई दिल्ली। ‘डब्बा ट्रेडिंग’ से जुड़े एक विज्ञापन प्रकरण में नवभारत/नवराष्ट्र अखबार के कुछ कर्मचारियों से प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा पूछताछ किए जाने की चर्चा है। सूत्रों के मुताबिक, अखबार के जीएम, एक मैनेजर और विज्ञापन विभाग की एक कर्मचारी से हाल में 3–4 घंटे तक अलग-अलग पूछताछ की गई।

बताया जा रहा है कि देवनार-गोवंडी क्षेत्र के एक स्थानीय स्ट्रिंगर को क्राइम रिपोर्टर बताकर साथ लाया गया था, जिसे एजेंसी ने औपचारिक पूछताछ में शामिल नहीं किया। सूत्रों का यह भी दावा है कि संबंधित महिला कर्मचारी ने बाद में इस्तीफा दे दिया। होली के बाद संबंधित लोगों को फिर से ED कार्यालय बुलाए जाने की बात कही जा रही है।

अभी तक इन दावों पर संबंधित संस्थान या एजेंसियों की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

मामला क्या है?

जानकारी के अनुसार, 13 जुलाई 2025 को प्रकाशित एक विज्ञापन को लेकर Securities and Exchange Board of India (SEBI) ने सख्त नियामकीय कार्रवाई की। आरोप है कि विज्ञापन में कथित तौर पर बिना पंजीकरण और गैर-नियंत्रित “डब्बा ट्रेडिंग” गतिविधि को बढ़ावा दिया गया था।

डब्बा ट्रेडिंग शेयर बाजार से बाहर, ऑफ-मार्केट और बिना नियामकीय निगरानी के होने वाली अवैध सट्टा-प्रवृत्ति मानी जाती है। इसमें लेन-देन अधिकृत स्टॉक एक्सचेंज पर दर्ज नहीं होता, जिससे निवेशकों के साथ धोखाधड़ी और बड़े वित्तीय जोखिम की आशंका रहती है।

SEBI और एजेंसियों की कार्रवाई

सूत्रों के मुताबिक: SEBI ने पब्लिशर को औपचारिक संचार जारी किया। साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।

यह कार्रवाई अवैध ट्रेडिंग नेटवर्क और कथित ‘ट्रेडिंग दोस्त’ जैसे स्कैम की व्यापक जांच के क्रम में बताई जा रही है।

यह भी कहा जा रहा है कि पहले आर्थिक अपराध शाखा (EOW) स्तर पर देखे जा रहे मामले को बाद में ED ने अपने हाथ में लिया। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।

निवेशकों के लिए चेतावनी

वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि डब्बा ट्रेडिंग में निवेशक किसी भी वैधानिक सुरक्षा से वंचित रहते हैं। चूंकि लेन-देन मान्यता प्राप्त एक्सचेंज के बाहर होता है, इसलिए विवाद की स्थिति में कानूनी संरक्षण सीमित हो सकता है।

नियामक एजेंसियां समय-समय पर निवेशकों को ऐसे अनियमित और गैर-पंजीकृत प्लेटफॉर्म से दूर रहने की सलाह देती रही हैं।

इस पूरे घटनाक्रम पर एजेंसियों और संबंधित मीडिया संस्थान की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी। फिलहाल मामला जांच के दायरे में बताया जा रहा है।

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