लखनऊ | बीते दिनों पूर्व मुख्यमंत्री व सपा मुखिया अखिलेश यादव ने हिंदी पट्टी के प्रमुख अखबार दैनिक जागरण के बायकॉट की घोषणा कर दी। इसके बाद तूफान खड़ा हो गया। प्रदेश के कई जिलों में दैनिक जागरण की प्रतियां जलाई गईं। लेकिन एक दो दिन से सोशल मीडिया पर एक नया चलन देखने को मिल रहा है। अखबार के कर्मचारी व अन्य संपादकीय विभाग अखबार को ट्रेंड कराने में लगा हुआ है। लोग अखबार को अपना अभिमान बताने जैसी पोस्ट कर रहे हैं। इसमें मजेदार मोड़ आज देखने को मिल रहा है। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना और भाजपा के अन्य मंत्री भी अखबार पकड़कर सोशल मीडिया पर अपलोड हो रहे हैं। नीचे पढ़ें…
हर्ष कुमार-
अखिलेश यादव ने दैनिक जागरण का बायकॉट कर दिया है, ये उसी का असर है कि मंत्री भी पोस्ट डाल रहे हैं। वैसे अख़बार के मालिकों ने सारे स्टाफ़ को भी ऐसी पोस्ट सोशल मीडिया पर डालने के आदेश दिये हैं। हद है। खबरों से विश्वास बनता है ना कि इन टोटकों से।
कपिल देव अग्रवाल-

दैनिक जागरण — सत्य की निर्भीक आवाज। दैनिक जागरण सिर्फ एक अख़बार नहीं, बल्कि सच्चाई की वह बुलंद आवाज़ है, जो न कभी डरी और न ही कभी झुकी। यह अखबार हमेशा भ्रष्टाचारियों, असामाजिक तत्वों और जनविरोधी ताकतों के खिलाफ खड़ा रहा है, और जनता के हक में मजबूती से बोला है।
आज विश्व का सबसे बड़ा हिंदी अखबार दैनिक जागरण उनका निशाना बन रहा है, जिन्हें जनता पहले ही नकार चुकी है। जब कोई सच बोलता है, तो झूठ की ताकतें डरती हैं। और वही डर आज बहिष्कार की शक्ल में सामने आ रहा है। हम दैनिक जागरण के साथ हैं। जय हिंद।
कुछ प्रतिक्रियाएं भी पढ़ें…
मदन मोहन मानव-
अखबार नहीं यह पंपलेट है एक पार्टी का एजेंडा चलता है।
नवीन आचार्य-
नियमित पाठक जो पढता है वही पढ़ेगा वो इस मध्य किसी की क्यों सुनेगा। मेरे यहाँ बरसों बरस से अमर उजाला और रॉयल बुलेटिन आते है और इन्हीं में सुबह का चाय का स्वाद आता है।
प्रदीप कौशिक-
देख लिजिएगा, कुछ दिन में इसी तरह समाज में उजाला भी नज़र आयेगा… वह भी कुछ इसी तरह से अपने आप को प्रायोजित करायेगा… बहाना चाहे कुछ भी रहे…
मूल खबर…
सपा मुखिया ने दैनिक जागरण के बहिष्कार की अपील की, News24 चैनल पर प्रवक्ता नहीं जाएगा, आईएएस अवनीश अवस्थी को साजिशकर्ता बताया!



Ravikant Sharma
April 11, 2025 at 11:40 pm
मतलब अखिलेश के भैंस पानी म गै