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दैनिक जागरण के खिलाफ पत्रकार हरेंद्र का केस खारिज, अभी लड़ाई शेष है!

दैनिक जागरण कानपुर के पत्रकार हरेंद्र सिंह ने अपर सिविल जज जूनियर डिविजन प्रथम के यहां उत्पीड़न का केस किया था। जागरण ने नोटिस और पुलिस जांच में उनको कर्मचारी न मानते हुए उनसे न्यूज खरीदने और उसका पैसा देने की बात कही थी, जबकि हरेंद्र ने पीएफ कमिश्नर अनूप कटियार का वह आदेश कोर्ट में लगाया था, जिसमें पीएफ कोर्ट ने उनको कर्मचारी माना था।

डेस्क पर काम के दौरान सजा की मेल, बाइलाइन रिपोर्ट, जिला प्रभारी पद पर ट्रांसफर लेटर, बैंक स्टेटमेंट, एमबीबीएस डॉक्टर की रिपोर्ट सहित तमाम दस्तावेज साक्ष्य के रूप में लगाए थे। 20 अप्रैल 2024 को इसकी लिखित बहस दाखिल की गई थी।

28 जुलाई 2023 को पत्रावली आदेश पर थी। इसके बाद कई बार बहस हुई। पुलिस जांच का भी न्यायमूर्ति प्रफुल्ल उपाध्याय ने कराई। इसके बाद कई बार बहस हुई, लेकिन तलबी आदेश नहीं हुआ। 21 मई 2024 को बहस पूरी होने का प्रार्थना पत्र दिया।

इसके बाद तीसरी डेट पर उनका केस खारिज हो गया। करीब पौने तीन साल चली इस कानूनी जंग में आखिर कर्मचारी हरेंद्र सिंह हार गए और नियोक्ता दैनिक जागरण की जीत हुई। हरेंद्र का कहना है कि वह जल्द डीजे के यहां अपील करेंगे। वहां भी खारिज हुआ तो हाईकोर्ट जाएंगे।

जागरण के मैनेजर पूर्व में हरेंद्र को धमकी दे चुके हैं कि वह उसको उसका पैसा कभी नहीं देंगे। कंपनी के पास बहुत पैसा है, वह सबको बांट देंगे, उसे नहीं देंगे। इसकी न्यूज भड़ास पर पहले ही ऑडियो के साथ चल चुकी है।

नीचे पढ़ें मूल खबर और जागरण का लीक ऑडियो भी सुनें…

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