Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

सुख-दुख

ऑनएयर उल्टी नहीं की, इसके लिए चौरसिया जी बधाई के पात्र हैं!

Dipankar-

दीपक जी के साथ जो हुआ वो थोड़ा ज्यादा दिख गया. “सब जानते हैं” कि दीपक जी तो ‘जनहित’ के मुद्दों की तमाम बहसें भी “दो घूंट लेकर” ही किया करते थे.

पहले दो चार घूंट लेने के बाद आमतौर पर वो लड़खड़ाते नहीं थे बल्कि शो में थोड़ी और जान आ जाती थी, आवाज़ में खनक आ जाती थी.

वो लड़खड़ाए इसलिए क्योंकि “जर्नलिस्ट(जनरल) वीपी सिंह (विपिन रावत)” से उनका वास्तविक रूप से जुड़ाव था. काफी भावुक कर देने वाला क्षण था.

दारू और भावना दोनों का एक साथ मिलना ख़तरनाक कॉकटेल बनाता है, ऑनएयर उल्टी नहीं की, इसके लिए चौरसिया जी बधाई के पात्र हैं.

जानकारों का मानना है कि मदिरा लेकर कॉपियां एडिट करना, कीबोर्ड बजाना,लाइव काटना इंडस्ट्री में ये सब आम है और अगर साथ में गांजा हो तो एडिटिंग के दौरान काफ़ी तेजी से बारीक से बारीक से बारीक काम हो जाता है. और तो और वायस ओवर में एक अलग गहराई और उंचाई आ जाती है। नाइट शिफ्ट के दौरान अगर दो घूंट ले लिए जाएं तो इंटरनेशनल न्यूज भी लोकल लगने लगती है ट्रंप को साले की तरह ट्रीट करते हुए ख़बर यूं बन जाती है और गुड मॉर्निंग हो जाती है.

जानकारों की मानें तो दारू पीकर लिखने से हार्ड न्यूज कॉपी भी फीचर का पुट लेकर आती है, दारू पीने मात्र से दो-ढाई हजार तो यूं ही चुटकियां बजाते हुए, सिगरेट हिलाते हुए टाइप हो जाते हैं।

इसलिए दोष दारू का नहीं है दोष उस भावना का है जो जो दारू के साथ उमड़ने को बेताब हो जाती है.


ममता मल्हार-

जब दीपक चौरसिया जैसे लोग घटिया हरकतें करते हैं तो 75 प्रतिशत लोगों की न तो देशभक्ति जागती है न ही एक सेनापति के अंतिम संस्कार के दौरान शराब पीकर किये गए अपमान से इनको फर्क पड़ता है।

इतने सिलेक्टिव भी मत बनो कि अलग से दिखने लगो।

जो लोग देश के सेनाध्यक्ष की शहादत के साथ बाकी 13 सैनिकों की विदाई पर भी हिन्दू-मुस्लिम, भाजपा-कांग्रेस कर सकते हैं वे कुछ भी कर सकते हैं।

कल्पना करिये अगर दीपक चौरसिया की जगह कोई और पत्रकार होता तो अभी तक सोशल मीडिया में भूकंप आ गया होता।

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन