दिव्य भास्कर ने खोली पोल, कोरोना से मौतों को सरकारी काग़ज़ों में दूसरे रोगों के नाम दर्ज किया जा रहा!

शीतल पी सिंह-

गुजरात मॉडल

गुजरात ही सबसे पहले उठ कर खड़ा हो रहा है, जिसे बेचकर देश को ठग लिया गया था!

गुजरात के अखबारों ने सबसे पहले केंचुल उतार दी है और सरकार के सामने आईना कर दिया है।

तो दिव्य भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि बीते 71 दिनों में गुजरात में 1.23 लाख मृत्यु प्रमाणपत्र जारी हुए लेकिन इसी दौरान कोरोना से मरने वालों की संख्या बताई गई कुल 4218 !

दिव्य भास्कर ने गुजरात के जिलों में फैले अपने रिपोर्टर नेटवर्क से यह संख्या जुटाई और सरकार की पोल खोल दी।

रिपोर्ट में बताया गया है कि कोरोना के मरीजों की मृत्यु का कारण बदल दिया जाता है।

किसी को दिल का दौरा पड़ने/निमोनिया के कारण/गुर्दे की बीमारी या अन्य किसी वजह से मृत्यु होना दर्ज़ किया गया है जबकि तमाम मृतकों के परिजनों ने संवाददाताओं को बताया कि उनके परिजन की मृत्यु कोरोना से हुई है।

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