FIIT JEE कोचिंग संस्थान का फर्जीवाड़ा अब खुलकर सामने आ गया है। जमकर फर्जीवाड़ा करने के बाद भोपाल से लेकर दिल्ली और नोएडा में FIIT JEE अपने संस्थान बंद कर दिए हैं।
इस कोचिंग संस्थान ने दादागिरी दिखाते हुए छात्रों के अभिभावकों से ली गई करोड़ों रुपये की फीस तक नहीं लौटाई। दिल्ली और नोएडा में भी करोड़ों की फीस लेकर न लौटाने की बात सामने आई है।
बीते एक सप्ताह में उत्तर भारत के कम से कम आठ शहरों में FIIT JEE ने अचानक अपने सेंटर्स बंद कर दिए हैं।
फिटजी की वेबसाइट के अनुसार यह देशभर में 73 कोचिंग संस्थान चलाता है। इनमें दिल्ली, नोएडा, मेरठ, गाजियाबाद, लखनऊ, बनारस, भोपाल और पटना के सेंटर बंद हो चुके हैं।
FIIT JEE को लेकर सबसे पहला खुलासा करने वाले पत्रकारों (वेबदुनिया) ने दावा किया है कि संस्थान का खुलासा करने के बाद उनके रिपोर्टर को संस्थान की तरफ से लाखों रुपये की घूस देने की कोशिश की गई थी। यह रकम वेबसाइट से खबर हटाने की एवज में दी जा रही थी।

इस प्रकरण में अब तक सैकड़ों एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। अकेले पुणे में 300 एफआईआर दर्ज कराई गईं हैं। FIIT JEE ने एडवांस फीस के जरिए 200 करोड़ रुपये से ज्यादा रकम की धोखाधड़ी की है।
FIIT JEE पर 2000 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप
नोएडा समेत देशभर में छात्रों और उनके अभिभावकों को इसी सप्ताह बुधवार 22 जनवरी को FIIT JEE ने बड़ा झटका दिया। संस्थान ने अचानक एक मेल जारी किया कि वह अब आकाश संस्थान में मर्ज हो गया है। इस घोषणा ने FIIT JEE के नोएडा सेक्टर 62 के तमाम छात्रों व अभिभावकों को टेंशन में ला दिया। सेक्टर 62 स्थित संस्थान के छात्रों ने थाना 58 में शिकायत दी थी। नोएडा सेक्टर 58 पुलिस ने FIIT JEE के चेयरमैन समेत 12 लोगों पर केस दर्ज किया है।
कंपनी की वित्तीय स्थिति-
FIITJEE, जो कभी एक प्रमुख कोचिंग संस्थान के रूप में जानी जाती थी, की वित्तीय स्थिति हाल के वर्षों में तेजी से कमजोर हुई है। Entrackr की एक रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2021 में कंपनी का राजस्व 99% घट गया। हालांकि, वित्तीय वर्ष 2023 (31 मार्च को समाप्त) में कंपनी ने 481 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया, लेकिन 71 करोड़ रुपये का घाटा भी दर्ज किया। Tracxn के मुताबिक, कंपनी का आकार 5% की वार्षिक औसत दर (CAGR) से घट रहा है।
आय के स्रोत-
FIITJEE की कमाई मुख्य रूप से शैक्षिक सेवाओं और अन्य सहायक गतिविधियों पर आधारित है। वित्तीय वर्ष 2021 में कंपनी ने 461 करोड़ रुपये का कुल राजस्व अर्जित किया, जिसमें:
- 244.6 करोड़ रुपये शैक्षिक सेवाओं से।
- 122.5 करोड़ रुपये एडमिशन फीस से।
- शेष आय स्टडी मटेरियल और अन्य स्रोतों से हुई।
विवाद और आरोप- FIITJEE का नाम कई विवादों में जुड़ा रहा है।
- पैराडाइज पेपर्स कांड (2017): FIITJEE के फाउंडर डीके गोयल का नाम पैराडाइज पेपर्स में सामने आया था।
- स्टाफ से दुर्व्यवहार: 2022 में टीचिंग स्टाफ ने आरोप लगाया कि उन्हें महीनों से वेतन नहीं मिला। इसके अलावा, डीके गोयल पर कर्मचारियों से बदसलूकी और अभद्र भाषा का उपयोग करने के भी आरोप लगे। सोशल मीडिया पर ऐसे कई ऑडियो-वीडियो सामने आए, जिनमें उनकी कथित बदतमीजी रिकॉर्ड की गई थी।
कौन है इसका मालिक डीके गोयल?

FIITJEE के संस्थापक और चेयरमैन दिनेश कुमार गोयल (डीके गोयल) ने आईआईटी दिल्ली से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया है। 1992 में उन्होंने दिल्ली में पहला FIITJEE सेंटर शुरू किया। इसके बाद उन्होंने फ्रैंचाइजी मॉडल के जरिए अपने कारोबार का विस्तार किया।
FIITJEE का इतिहास भले ही सफलता की मिसाल रहा हो, लेकिन मौजूदा वित्तीय और आंतरिक चुनौतियां इसकी साख पर सवाल खड़े कर रही हैं।



