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छोटे अखबारों को कर मुक्त करने का मसला- GST Council पर एक्शन ले सकता है PCI

भारतीय प्रेस परिषद की एक विशेष बैठक में स्मॉल एण्ड मीडियम न्यूजपेपर्स को GST से मुक्त करने का निर्णय पारित किया गया था। काफी लंबा समय व्यतीत होने के बाद भी GST Council ने उक्त विषय में कोई निर्णय लेने की सूचना भारतीय प्रेस परिषद को नहीं भेजी है।

परिषद के सचिव द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि, “PCI की ओर से अनेकों पत्र GST Council को लिखकर की गई कार्यवाही से भारतीय प्रेस परिषद को अवगत कराने को कहा गया है। किंतु GST Council निरंतर अपनी हठधर्मी पर कायम है। भारतीय प्रेस परिषद को अपने निर्णय को लागू कराने के लिए न्यायिक शक्तियां भी प्राप्त है। भारतीय प्रेस परिषद भारतीय संसद द्वारा पारित कानून से गठित एक संवैधानिक संस्था है। PCI को समन जारी करके परिषद के समक्ष प्रस्तुत होने के लिए निर्देश पारित करने का भी अधिकार प्राप्त है।

यदि समन तामील होने के बाद भी परिषद के समक्ष उपस्थित नहीं होने के बाद वारंट जारी करने का भी कानूनी अधिकार प्राप्त है।

निवर्तमान अध्यक्ष न्यायमूर्ति चंद्रमौली कुमार प्रसाद ने परिषद का निर्णय नहीं मानने पर श्री अजय मित्तल सचिव, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार को गिरफ्तारी वारंट जारी करने को विवश होना पड़ा था। बाद में उन्हें परिषद के निर्णय को लागू करना ही पड़ा था। सचिव को जारी गिरफ्तारी वारंट पर न्यायालय से स्थगन आदेश भी लेना पड़ा था।

भारतीय प्रेस परिषद को अपनी प्रतिष्ठा के लिए फिर से अपनी शक्ति का प्रयोग करके सचिव GST Council को समन जारी करके तलब करना चाहिए। यदि वह नोटिस जारी होने के बाद परिषद के समक्ष नहीं आते है तो कानूनी कार्रवाई करके उनको विवश किया जाना चाहिए।

भारतीय प्रेस परिषद का दायित्व है कि वह समाचार पत्रों एवं पत्रकारों के हित में भी कार्य करें। भारतीय प्रेस परिषद का उद्देश्य समाचार पत्रों व पत्रकारों के हित में कार्य करने का भी है। समाचार पत्रों से लेवी वसूली की जाती है। जब समाचार पत्रों का कोई हित ही नहीं करना है तो समाचार पत्रों से किसी भी प्रकार की लेवी की वसूली नहीं की जानी चाहिए।”

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