अमेरिका जाने का सपना लाखों भारतीयों के लिए अब महंगा हो गया है। ट्रंप प्रशासन ने H-1B वीज़ा पर सालाना लगभग 88 लाख रुपए का टैरिफ लगा दिया है। यह सिर्फ एक संख्या नहीं, बल्कि उन हजारों भारतीय परिवारों के लिए परेशानी का संकेत है जो अपने बच्चों या पेशेवरों को अमेरिका भेजने की योजना बना रहे थे। एक ओर जहां मीडिया ट्रंप-मोदी की दोस्ती के नज़ारे दिखा कर राहत देती है, वहीं दूसरी ओर यह फ़ैसला लाखों के लिए चिंता की घंटी बन गया है।
अब सवाल यही है कि भारत की सरकार इस संकट के बीच अपने नागरिकों को कैसे भरोसा और राहत देगी।
अशोक कुमार पांडेय-
प्रधानमंत्री की स्वदेशी योजना को बढ़ावा देते हुए ही ट्रम्प ने H-1 Visa पर तक़रीबन एक करोड़ सालाना का टैरिफ लगाया है।
अब भारत को स्वदेशी इंजीनियर मिलेंगे, टेक्नीशियन मिलेंगे। बाहर जाकर देशभक्ति नहीं करनी पड़ेगी।
रहा हाउडी करने वालों का मामला, तो उतने तो वहाँ हैं ही। नहीं रहें तो स्वदेशी ले जाये जाएँगे साथ में आँसू बहाने के लिए। दोस्त हो तो ऐसा!
रवीश कुमार-
प्रधानमंत्री ट्रंप गोल्ड वीज़ा योजना लांच की जा सकती है। H1B वीज़ा से प्रभावित प्रतिभाशाली भारतीयों को इसके तहत 100K डॉलर का भुगतान किया जाएगा।
परेशानी की इस हालत में गोदी चैनलों के वीडियो से राहत मिलेगी जिसमें ट्रंप और मोदी की दोस्ती में सौर ऊर्जा का प्रभाव बताया गया है। ट्रंप ने एक ट्वीट क्या किया, झट से जवाब आ गया है। इसे अहसास-ए-कमतरी कहते हैं। फिर आप कहेंगे कि ट्रंप के आगे झुके भी नहीं। उस ट्वीट के लाइक करने से और जवाब देने से क्या होगा। उसके बाद भी तो इतने फैसले आ गए।
मज़ाक छोड़िए, इस एक फ़ैसले से भारत के लाखों घरों में फोन की घंटियाँ घनघना रही हैं। कोई अमेरिका की फ्लाइट कैंसिल करा रहा है तो किसी को अमेरिका से बाहर जाने से रोका जा रहा है। सब परेशान हो गए हैं।
विदेश मंत्रालय को अध्ययन का बहाना छोड़ कर तुरंत बयान देना चाहिए जिससे भारतीय परिवारों को पता चले कि सरकार क्या कर रही है और इसका क्या हल निकाला जाएगा।
आवेश तिवारी-
दोगली मीडिया ने कसीदे गढ़े थे जब ट्रंप ने विश्वगुरु के जन्मदिन पर बधाई दी। ट्रंप ने अब फिर से H1B वीजा पर 88 लाख रुपए का शुल्क लगा दिया है।
आपको पता हो कि हर साल लाखों भारतीय अमेरिका जाते हैं। अब 88 लाख रुपया सालाना सरकार को ही देना तो कोई कैसे देगा। एक बधाई देकर ट्रंप ने भारतीयों के लिए अमेरिका का दरवाजा बंद कर दिया।



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