सीएम के सूचना सलाहकार मृत्युंजय के जन्मदिन पर ‘फेसबुकिया युद्ध’ की एक झलक देखें!

Yashwant Singh : आज भाई Mrityunjay Kumar का जन्म दिन है। बिहार के एक साहित्यिक परिवार का यह शांत, संवेदनशील, दंद-फंद से दूर रहने वाला कलम का धनी चुप्पा लड़का एक दिन अमर उजाला जैसे अखबार का संपादक बनेगा, फिर प्रबल राजयोग के तहत यूपी के सीएम का मीडिया सलाहकार हो जाएगा, इसका एहसास शायद इन्हें भी न रहा होगा।

मृत्युंजय के पिता योगेश्वर प्रसाद सिंह ‘योगेश’ का नाम मगही लोकभाषा के बड़े साहित्यकारों में गिना जाता है. उन्होंने गौतम बुद्ध पर आधारित ‘गौतम’ नामक महाकाव्य मगही में लिखा. मृत्युंजय की पर्सनाल्टी में उनके पिता का साहित्यिक और संवेदनात्मक असर है.

योगी सरकार से मेरी ढेर सारी वैचारिक असहमतियों के बावजूद मृत्युंजय को मीडिया एडवाइजर बनाए जाने के फैसले का समर्थक हूं। कई बड़े मामलों में जब सिस्टम किसी निरपराध को बुरी तरह परेशान करता है तो मैं सम्बंधित प्रकरण मृत्युंजय के संज्ञान में ले आता हूँ। वो फौरन एक्शन मोड में आ जाते हैं।

मृत्युंजय कुमार

आपको याद होगा बुलन्दशहर में एक निर्दोष युवक को कागजों में चुपचाप इनामी बदमाश घोषित कर मुठभेड़ में मारने की पुलिसिया साजिश का प्रकरण मैंने भड़ास और फेसबुक पर प्रकाशित किया था। उसमें मृत्युंजय जी की सक्रियता से हुआ यूं कि खुद डीजीपी ने पीड़ित युवक के पिता से फोन पर आधे घण्टे बात की और अपनी तरफ से एक स्वतंत्र जांच कराई।

जांच पूरी जो चुकी है और जल्द ही युवक को राहत मिलने के आसार हैं। ऐसे ही कई मामलों में उनकी सक्रियता का कायल हूं। विनम्र, सहज और ईमानदार शख्सियत के मालिक मृत्युंजय से अपन का उनके अमर उजाला के पत्रकारीय कार्यकाल से ही सम्बन्ध-संवाद है। वे रिश्तों को निभाते हैं। अपने कार्याधिकार में सही चीजों के पक्षधर रहते हैं।

उन्हें जन्मदिन की बहुत बहुत बधाई, मेरी तरफ से। आप भी चाहें तो यहां उन्हें विश कर सकते हैं। उम्मीद करता हूँ कि वो आगे भी इस राजयोग का जनहित में इस्तेमाल करते रहेंगे, तमाम प्रतिकूल हालात के बावजूद!

भड़ास के फाउंडर और एडिटर यशवंत सिंह की उपरोक्त एफबी पोस्ट पर आए ढेरों कमेंट्स में से कुछ प्रमुख यूं हैं….

Zafar Irshad जन्मदिन मुबारक. लेकिन मीडिया adviser होने के बाद भी भाई साहिब मीडिया से नहीं मिलते. Any way enjoy the Media Adviser post of CM sir.

Yashwant Singh मीडिया एडवाइजर cm के हैं, मीडिया के नहीं! 🙂

Zafar Irshad यशवंत सिंह जी, Thanks Gyanwardhan के लिए. मुझे यह बात नहीं मालूम थी.

Yashwant Singh जफर भाई, वैसे मालूम तो मुझे भी नहीं है। बस वाईसवर्सा कह दिया, तंज़ में। मुझे भी जानना है कि मीडिया एडवाइजर के दायित्व में सभी मीडिया वालों से मिलना अनिवार्य होता है क्या?

Zafar Irshad यशवंत भाई, जब मीडिया से मिलेंगे ही नहीं तो आप मुख्यमंत्री जी को सलाह क्या देंगे. मेरी समझ से उत्तर प्रदेश राज्य मुख्यालय लखनऊ के 750 मान्यता प्राप्त पत्रकारों मे से मुश्किल से 75 ने Adviser साहिब से मुलाकात की होगी. बाकी लोग तो शायेद घास कूड़ा है. कुछ ऐसा ही गुमान पहले IAS नवनीत सहगल को भी था पिछली सरकार में.

Yashwant Singh जफर भाई, नवनीत सहगल जी तो आईएएस हैं। उनका पद शायद मीडिया एडवाइजर का घोषित तौर पर न था। सेकंड, क्या सभी मान्यताप्राप्त पत्रकारों से मिलना अनिवार्य है? 75 बड़ी संख्या है। मैं होता तो 25 से ज्यादा पत्रकारों से नहीं मिलता। अब पत्रकार नहीं, मालिक एडिटोरियल पॉलिसी तय करते हैं, इसलिए किसी भी पत्रकार से मिलने की क्या ज़रूरत?

Zafar Irshad यशवंत जी, किसी और Patrakar से भी पूछ सकते हैं. शायेद मै किसी पूर्वाग्रह से ग्रसित हूँ. वैसे मुझे Adviser साहिब से न कभी मिला और न ही मुझे सरकारी मकान या किसी अखबार के लिए विग्यापन या कोई ठेका चाहिए.

Yashwant Singh जफर इरशाद भाई, आप पर किसी को कोई शक नहीं है। बात निजी नहीं, सैद्धांतिक हो रही है।

Zafar Irshad यशवंत सिंह जी, तो सैद्धान्तिक बात ही कर ले. Adviser का काम मुख्यमंत्री और पत्रकारों के बीच आपसी समन्वय बनाने और एक पुल के रूप में काम करने का होता है. इसमे सभी वरिष्ठ पत्रकार शामिल हो सकते हैं. लेकिन ये क्या कि आप 10-12 लोगो के किसी गुट के लिए ही काम करे न कि सभी genuine पत्रकारों के लिए. मेरा Adviser साहिब से कोई नाराज़गी नहीं और न ही कोई मतलब. आप ने तारीफों के पुल बांधे तो बरदाश्त नहीं हुआ. आप 500 किलोमीटर दूर है इसलिए आपकी आंखे खोलना ज़रूरी समझा बस भाई…

Zafar Irshad मै न आज तक मिलने गया और न ही टाइम मांगा Adviser साहिब से. मुझे कोई काम नहीं है. खबर से संबंधित कोई काम होता है तो अवनीश अवस्थी जी काफी है बस

Zafar Irshad यशवंत सिंह जी, आप नहीं बन सकते Adviser. क्योंकि आप के पास रीढ़ की हड्डी है. जो आप झुका नहीं सकते. आप को करीब 12 साल से ज्यादा से जानता हूँ और आपका स्वाभिमान ही आपकी ताकत है भाई.

Yashwant Singh जफर भाई, ha ha 🙂 जब न मिलने गए न टाइम मांगा तो फिर मिलेंगे कैसे? मेरे ख़याल से मिलना चाहिए आपको, यही आपत्ति दर्ज कराने के लिए। आपकी राय उनसे मिलकर बदल जाएगी।

Ravish Shukla ई चुप्पे हैं तो CM के सलाहकार काहे बन गए। सत्ता की नजदीकियों के अपने फायदे और क्रेडिबिलिटी का अंत होता है। ये मोहतरम निहायत ही घमंडी हैं और चुनिंदा हैं। अगर आप मुख्यमंत्री के सलाहकार है तो व्यवहारिक होना पड़ेगा वरना संपादक बने रहे ।

Yashwant Singh Ravish भाई, Bjp राज में ndtv वालों से संवाद! अपेक्षा कुछ ज्यादा है! 🙂 वैसे कांग्रेस राज में ndtv के मालिक और जाने माने पत्रकार प्रणव राय ने भी सरकार से खूब फायदे लिए हैं। ये डॉक्यूमेंटेड है, अफिसियली। तीसरी बात, किसी आदमी से हर आदमी खुश हो जाए तो वो भगवान बन जाएगा, इसलिए नापसंदगी के प्राकृतिक अधिकार का सम्मान करता हूँ। आखिरी बात ये कि आपकी आखिरी बात से सहमत हूँ, मृत्युंजय को और ज्यादा व्यावहारिक बनना चाहिए ताकि वो भविष्य में सीएम के मीडिया सलाहकर पद से उठ कर पीएम के मीडिया सलाहकार बन सकने की हैसियत हासिल कर लें 🙂

Ravish Shukla यशवंत सिंह जी, संवाद तो मैंने कभी कायम ही नहीं किया और न लिखा। जब योगी जी मुख्यमंत्री नहीं थे तो मेरा संवाद उनसे घंटों होता था ये जानते हुए कि मैं NDTV का हूं। लोकतंत्र की यही खासियत है। व्यवहारिक नहीं हैं तो मंत्री से बड़ी पोजिशन क्यों होल्ड कर रहे हैं। आप के मित्र है आप का स्नेह है। दूसरों से उम्मीद न करें कि आप जैसा सम्मान और अपनापन हर पत्रकार करेगा।

Ravish Shukla बात बुरी लगे तो मुझ पर कमेंट करें जो इस परिधि में नहीं है उसे खींचना अच्छा नहीं है। मैंने ये बात अपनी कैपिसिटी में लिखी थी आप मेरे दायरे में बात करेंगे तो अच्छा लगेगा।

Yashwant Singh रवीश शुक्ला जी, भाई बात बुरी लगने का सवाल ही नहीं है। पर बात जब होगी तो संपूर्णता में होगी। जब पत्रकारिता, क्रेडिबिलिटी , सत्ता से करीबी आदि की बात होगी तो एकतरफा कैसे हो सकती है, वाइसवर्सा होगी। सम्भव है ndtv से जुड़े लोगों से न बात करते हों, रणनीतिक वजहों से, इसलिए बात न करने के आधार पर ##*&&^%$#@k@jhgfs#ftyijc)(!^%$#xsrjkj%bvzwt तो नहीं ही किया जाना चाहिए 🙂

Yashwant Singh रवीश शुक्ला जी, योगी जी द्वारा बात करने और उनके सलाहकार द्वारा बात करने में बड़ा फर्क होता है। नेता सबसे मिलता है, दुश्मनों से भी मुस्करा कर मिलता है।

Ravish Shukla यशवंत सिंह जी, मुझसे बात न करे…या करें मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता है। मैंने बात करने की कभी कोशिश भी नहीं की। आपके मित्र है ज्यादा जानते होंगे। सरकार आती है जाती है।लोकतंत्र के मूल भावना संवाद को कभी नहीं मारना चाहिए। जब मैं ईटीवी मेॉ था तब भी योगी जी से बात होती थी जब मैं NDTV में था तब भी दो साल पहले तक बात होती थी। मुख्यमंत्री बनने के बाद न तो मैंने कोशिश की उनसे बात करने की न मैं उम्मीद करता हूं कि वो अपने व्यस्ततम समय निकालकर मुझसे बात करेंगे। यहां बात शायद व्यक्तिगत हो रही है। आप संस्थान से छोड़कर इसे विशेष कर रहे हैं।

Ravish Shukla यशवंत सिंह जी, चलिए अच्छे सलाहकार हैं, शुभकामनाएं, जो नेता जी की आदत को सलाह नहीं देते हैं। शुभकामनाएं। तरक्की करें।

Yashwant Singh रवीश शुक्ला भाई, अच्छे मौके पर अच्छी ही बात करनी चाहिए ब्रदर। आपकी योग्यता और ऊर्जा का मैं प्रशंसक हूं। आपके बर्थडे पर भी लिखूंगा तो चाहूंगा कि लोग आपको विश करें, पर्सनाल्टी एनालिसिस न करें 🙂

Ravish Shukla यशवंत भाई, मेरी ओर से मृत्युंजय जी को बधाई। वो खुश रहें तरक्की करें दुआ है। आप बेबाक हैं बस बात से बात निकल पड़ी। बाकी कोई खोंट नहीं मेरे मन में बड़े भाई।

Mrityunjay Kumar जन्मदिन पर शुभेक्षाओं के लिए Yashwant Singh सहित सभी बंधुओं को हार्दिक धन्यवाद। Ravish Shukla और Zafar Irshad जी को विशेष रूप से धन्यवाद…

Dharmendra Pratap Singh गर्व होता है, जब अपनी पत्रकार बिरादरी के किसी सीनियर-जूनियर का ओहदा बढ़ते देखता हूं। मृत्युंजय जी के बारे में यशवंत जी के माध्यम से जानने-समझने का अवसर मिला… साधुवाद ! मृत्युंजय जी को जन्मदिन की अनेकानेक बधाई एवं शुभकामनाएं…

Mohammad Haider Dear Yashwant Singh bhai, the qualities that you have just narrated are the qualities which a journalist, as a part of this noble profession ought to have… However this quality is becoming rare and people of the likes of Mrityunjay bhai are hard to find. Wishing him a very happy birthday, I extend my best wishes to him for a brilliant and satisfying journalistic career ahead which enables him reach out to masses and rid the ailing society of the vices that engulf it.

Ashish Kumar Singh जो लोग बिना कुछ सोच विचार के आरोप लगाते है उनके लिए…. ये बात तो बिल्कुल गलत है, मृत्युंजय जी का दरवाज़ा ना तो कभी बंद रहता है और ना ही पहले visting card औऱ फिर आदमी का कद देख कर entry का प्रावधान है। जब भी जाइये दरवाज़ा खोल कर मिल लीजिए इतने सरल है। और आरोप लगाना तो उससे भी अधिक सरल है, कठिन है तो सरल और शानदार आदमी बनना, जो कि मृत्युंजय भाई साहब है और एक बात और मैं इनसे लखनऊ आने से पहले कभी नहीं मिला था, लेकिन पहली मुलाकात में fan हो गया, जो कि सामान्य तौर पर एक पत्रकार अपने अलावा किसी का fan नहीं होता। और महीनों बाद आज जब मैं उनसे मिलने गया तो उसी जोश से मिले जैसे वो मुझसे पहले दिन मिले थे, पूरा कमरा भरा था लेकिन फिर भी सभी से व्यक्तिगत रूप से मिले। बाकी आलोचना तो किसी भी आदमी की किसी भी समय कर लीजिए, इसकी कोई सीमा नही। Happy Birthday #Mritunjay Ji

Vinod Mishra आशीष सिंह की बातों का समर्थन करता हूं। बहुत कुछ लिख दिया है आशीष ने। वैसे भी किसी से बिना मिले और उसे जाने वगैर उसके बारे में कोई भी विचार बनाना ठीक नही होता और आप तो पत्रकार है फिर सिर्फ एक पहलू को कैसे देख सकते है। मृत्युंजय जी के बारे में मेरा विचार उनसे मिलकर ही बना को वो एक बेहतर इंसान भी है।

Arun Kumar Verma मेरे अमर उजाला के संपादक रह चुके है मृत्युंजय सर बेहद सरल व गम्भीर व्यक्ति है। उनसे कभी कोई मिल सकता है अब वह पूरे प्रदेश से किसको किसको बुलाते फिरेंगे। उनके बारे में जिसको जानकारी नही वही गुमराह कर रहे है।

Mukesh Singh ऐसे अजीम शख्सियत का जन्मदिन बेहद यादगार होता है ।अशेष शुभकामनाएं ।

Omprakash Ashk जी, सदा सुखी-प्रसन्न और आगे बढ़ते रहने की शुभकामनाएं और जन्मदिन की बधाई, मृत्युंजय जी!

Anehas Shashwat Yashwant ki sifarish hai to aapko badhai deni padegi Mrityunjay ji -badhai ho janamdi ki

Praveen Pathak यशवंत भाई मैं आपकी बात से पूर्णता सहमत हूं… बड़े भाई मृत्युंजय जी को जन्मदिन की बहुत-बहुत शुभकामनाएं

Arun Khare मृत्युंजय भाई को बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएं ।

Vaibhav Singh मृत्युंजय जी सभी पत्रकारों से समान भाव से मिलते हैं शायद आप कभी आए नहीं इसलिए आपको अंदाजा ही नहीं वो कितने सरल और बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं और सभी पत्रकारों के सुख दुख में शामिल होते हैं समस्याओं का भी हल निकालते हैं..

Rafi Khan Yashwant भाई मेरी तरफ से Mrityunjay जी को यौमे पैदाइश की मुबारकबाद दीजियेगा…

Ved Ratna Shukla मृत्युञ्जय सर की नेकदिली और सहजता का मैं भी कायल हूं। उन्हें जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। प्रभु उन्हें और उन्नति दें।

Gyan Pandey हमारे प्रिय मृदुल एवं अतीव सरल मृत्युंजय जी को जन्मदिन की अनन्त शुभकामनायें …अमर उजाला; नोएडा की स्मृतियां अभी भी ताजी हैं …जीवन पथ सदा आलोकित हो आपका …..

Golesh Swami Very nice. Congrats Mritunjay ji.

Arun Kumar Verma आपके नेतृत्व क्षमता के हम भी ख्याल है, हमें भी सौभाग्य प्राप्त हुआ है आपके अमर उजाला संपादकीय कार्यकाल में लेखनी का…

Umesh Srivastava Socialist अच्छे लोग हर जगह होते हैं ,जो अपनी कार्य क्षमता से ही जाने जाते हैं, उसी में से एक मृत्युंजय जी हैं, उनको जन्मदिन की ढेर सारी शुभकामनाएं ,इसी तरह से लोगों की सेवा करते रहे, और जसवंत जी को भी ढेर सारी शुभकामनाए , कि ऐसे शख्स को हम लोग भी जान सके….

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Comments on “सीएम के सूचना सलाहकार मृत्युंजय के जन्मदिन पर ‘फेसबुकिया युद्ध’ की एक झलक देखें!

    • अजीत कुमार सिंह says:

      मृत्युंजय जी को जन्मदिन की अशेष बधाई। वाकई मृत्युंजय जी एक सहज और गम्भीर व्यक्ति हैं। उनकी गम्भीरता को ही शायद लोग घमंड समझ बैठते हैं।

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