क्रांति कुमार-
नीदरलैंड की इस निडर महिला पत्रकार का नाम Helle Lyng है जो नीदरलैंड के Dagsavisen अखबार में काम करती है.

Helle Lyng ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से प्रेस फ्रीडम पर सवाल किया तो बिना जवाब दिए चले गए.

इसके बाद Helle Lyng अपने एक्स पर पोस्ट में लिखा, भारत के PM मोदी ने मेरा सवाल नही लिया. और मुझे इसकी उम्मीद भी नही थी,
विश्व प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक में नॉर्वे पहले स्थान पर है. जबकि भारत 157वें स्थान पर है. जहां उसकी तुलना फलीस्तीन, UAE और Cuba से हो रही है.
क्या भारत में किसी पत्रकार में Helle Lyng जैसी इतनी हिम्मत है. सभी न्यूज़ चैनल के एंकर तो दिन रात बीजेपी सरकार का ढोल बजाते हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नॉर्वे की पत्रकार Helle Lyng के सवाल से कतरा कर निकले और अपनी और देश की फजीहत करा ली। सब जगह गोदी मीडिया थोड़ी है जो पूछे कि प्रधानमंत्री जी आप थकते क्यों नहीं हैं। नॉर्वे वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम सूचकांक में पहले नंबर पर है जबकि भारत 157वें नंबर पर है। भारत के टीवी चैनल नरेंद्र मोदी के विदेश दौरों पर उनकी ऐसी छवि बनाते हैं जैसे उनके आगे दुनिया बिछी जा रही हो । नार्वे की पत्रकार Helle Lyng ने सारी हवा निकाल दी और अपने एक्स ( पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर व्यंग्य में लिख भी दिया कि प्रेस फ्रीडम के मामले में भारत का मुकाबला फिलिस्तीन, अमीरात और क्यूबा से है। उन्होंने यह भी लिखा कि उन्हें उम्मीद थी कि मोदी उनका सवाल नहीं लेंगे , लेकिन सवाल पूछना उनका काम है।
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी मौके पर चौका जड़ दिया। उन्होंने चुटकी लेते हुए एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा कि जब छुपाने को कुछ न हो तो किसी बात का डर नहीं होता। राहुल ने लिखा जब दुनिया एक कंप्रोमाइज़्ड प्रधानमंत्री को घबराकर सवालों से भागता देखती है तो भारत की छवि का क्या होता है?
-अमिताभ श्रीवास्तव
शीतल पी सिंह-
Helle Lyng, नार्वेजियन पत्रकार हैं। वहां दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री मोदीजी से उन्होंने सवाल करना चाहा और संलग्न X पोस्ट लिखी।
“भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेरा सवाल नहीं लिया, और सच कहूं तो मुझे इसकी उम्मीद भी नहीं थी।
नॉर्वे प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक में दुनिया में पहले स्थान पर है, जबकि भारत 157वें नंबर पर है — फिलिस्तीन, यूएई और क्यूबा जैसे देशों के साथ।
सत्ता से सवाल पूछना ही पत्रकारिता का असली काम है, चाहे वह अपने देश की सरकार हो या किसी दूसरे देश की।”
देखें वीडियो और मूल पोस्ट-
प्रेस की आज़ादी के मामले में नॉर्वे का मीडिया दुनिया में टॉप पर है।
उसी प्रेस के सवालों से बचने के लिए अपना वाला फुर्ती से मैदान छोड़कर भाग गया।
प्रेस की आज़ादी के मामले में भारत की मीडिया 157वें नंबर पर औंधी पड़ी है।
गोदी मीडिया के एंकरों के मुंह में सत्ता की हड्डी है।
-सौमित्र रॉय
When there is nothing to hide, there is nothing to fear.
What happens to India’s image when the world sees a compromised PM panic and run from a few questions?
-Rahul Gandhi
नार्वे में प्रधानमंत्री मोदी से एक पत्रकार का आग्रह : PM मोदी आप फ्री प्रेस से प्रश्न क्यों नहीं ले रहे?
मोदी जी का इस तरह प्रेस से भागना , हमारे देश के लिए काफ़ी शर्म की बात है!!
यह देख कर आप समझ सकते है कि क्यों भारत
India Media— 157वें स्थान पर है!
ये मोदी जी हैं. भारत के प्रधानमंत्री हैं. अपने दौरे पर नॉर्वे गए हुए हैं. एक पत्रकार ने इनसे सवाल पूछ लिया. मोदी जी सवाल सुनकर वहां से निकलते बने. मोदी जी भूल गए कि नॉर्वे प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में नंबर 1 देश है जबकि अपना भारत 157 वें स्थान पर है। अब आप बताइए क्या उन्हें सवाल का जवाब नहीं देना चाहिए था..? ऐसे इग्नोर करने से क्या उनकी छवि ख़राब नहीं हुई..? ख़ैर ही ही ही खी खी खी के अलावा वो बोलते भी क्या ही हैं!
-प्रतीक पटेल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज नार्वे के दौरे पर हैं, नार्वे प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में नंबर -1 पर हैं।
नार्वे की महिला पत्रकार ने पूछा कि आप मीडिया से सवाल क्यो नहीं लेते?
पत्रकार के सवाल को बिना जवाब दिए मोदी जी वहाँ से निकल जाते हैं, सोचिए भारत का कोई पत्रकार ये सवाल कर सकता है?
-ज्योत्सना यादव


