निगार परवीन-
LIVE हिंदुस्तान की डेस्क पर बैठा कोई प्रवीन शर्मा ‘मूत्र’ से रोटियाँ बना रही ‘ रीना’ की खबर में मुस्लिम महिला का फोटो लगा रहा है आप बताइए इसपर क्या कहेंगे ? है ना थूक आक थू पत्रकारिता, ऐसे नफरती लोग पत्रकारिता के माथे पर कलंक है..लानत है !
समर अनार्या-
ग़ाज़ियाबाद से एक परिवार की घरेलू सहायिका रीना के खाने में पेशाब मिलाने की खबर आई है। रीना भी हिंदू हैं और जिस परिवार में काम करती थीं वो भी।
लेकिन दैनिक हिंदुस्तान ने खबर के साथ “प्रतीकात्मक” फोटो हिजाब पहने महिला की लगाई है। क्या कारण होगा?
वसीम अकरम त्यागी-
गाजियाबाद में कारोबारी के घर खाना बनाने वाली नौकरानी खाने में पेशाब मिला देती थी सीसीटीवी में इस बात का खुलासा हुआ। नौकरानी का नाम रीना देवी है। अब इस खबर में खेल देखिए। ये खबर लाइव हिंदुस्तान ने लगाई है। फोटो में जो नौकरानी दिखाई है वो हिजाब में है।
यानी खबर देखकर ये ही लगे कि ये काम किसी मुस्लिम ने किया था। आज भी 80 फीसद लोग पूरी खबर नहीं पढ़ते केवल फोटो और हेडिंग पढ़ते हैं। हिंदुस्तान ने अपनी हेडिंग और फोटो से जहर परोसने का काम कर दिया।
शशि शेखर साब आपकी डिजिटल डेस्क पर भी ऐसे कुंठित आ गए हैं! उन्हें तुरंत नौकरी से बर्खास्त कीजिए। आज के दौर में अगर सबसे ज्यादा कोई नफ़रत एंव सांप्रदायिकता फैला रहा है तो वो भारतीय मीडिया है। इसके बाद हमारे नेता। जनता आज भी मासूम है!
मोहम्मद अम्मार खान-
गाजियाबाद में कारोबारी के घर खाना बनाने वाली नौकरानी खाने में पेशाब मिला देती थी। सीसीटीवी में इस बात का खुलासा हुआ।
नौकरानी का नाम रीना देवी था। ये खबर कल रात ही मेरे पास आ गई थी।
अब इस खबर में खेल देखिए। ये खबर हिन्दुस्तान अखबार ने लगाई है। फोटो में जो नौकरानी दिखाई है वो हिजाब में है।
यानी खबर देखकर ये ही लगे कि ये काम किसी मुस्लिम ने किया था। आज भी 80 फीसद लोग पूरी खबर नहीं पढ़ते केवल फोटो और हेडिंग पढ़ते हैं।
हिंदुस्तान ने अपनी हेडिंग और फोटो से जहर परोसने का काम कर दिया। आज के दौर में अगर सबसे ज्यादा कोई धार्मिक उन्माद फैला रहा है तो वो भारतीय मीडिया है।
इसके बाद हमारे नेता। जनता आज भी मासूम है। क्योंकि मैं इस पेशे में कई सालों से हूँ। इनकी धूर्ताएं और मक्कारियां खबर पढ़ते ही समझ लेता हूं।
सौजन्य : फेसबुक


