हिमाचल प्रदेश में एसएमओ ने बंधक बनाए पत्रकार, कमरा बंद करके कैमरा और आईडी कार्ड छीने

ऊना (हिमाचल प्रदेश) :  क्षेत्रीय अस्पताल में व्याप्त खामियां ‘हिमाचल दस्तक’ में प्रकाशित होने से खफा एसएमओ ने मंगलवार को अस्पताल में कवरेज के लिए पहुंचे पत्रकारों को बंधक बना लिया। कमरे की कुंडी लगाकर पत्रकारों के कैमरा व आईडी कार्ड छीन लिए और पुलिस को भी बुला लिया। घटना की सूचना मिलते ही प्रेस क्लब के पदाधिकारी क्षेत्रीय अस्पताल पहुंचे। माजरा जानने पर मीडिया कर्मियों ने एसएमओ की जमकर खिंचाई की। माहौल बिगड़ता देख अंत में एसएमओ को सॉरी फील करके अपना पल्लू छुड़ाना पड़ा।

चार दिन पहले प्रदेश सरकार द्वारा चिकित्सकों को ड्यूटी पर साढ़े नौ बजे पहुंचने के आदेश जारी किए गए। सरकार के इन आदेशों पर कितना अमल हो रहा है, यह जानने के लिए पत्रकार प्रिंट मीडिया से चंद्रमोहन चौहान व राजन पुरी और इलेक्ट्रानिक मीडिया से अमित शर्मा सुबह सवा नौ बजे अस्पताल पहुंचे। एसएमओ कार्यालय में तैनात कर्मचारी से चिकित्सकों की उपस्थिति बारे जानकारी हासिल की। इस समय तक अस्पताल में 24 चिकित्सकों के स्टाफ में से महज पांच चिकित्सक ही अस्पताल के तय समय पर पहुंचे थे। स्वयं एसएमओ भी दस बजे पहुंचे। इसके उपरांत पत्रकारों ने सीएमओ डॉ. जीआर कौशल के बयान लिए और अस्पताल में अपने एक परिचित से मिलने चले गए। इसी दौरान एसएमओ पहुंचे और पत्रकारों को अधिक जानकारी देने के बहाने अपने ऑफिस में ले गए। जहां कमरा बंद करके एसएमओ ने पत्रकारों के पहचान पत्र और कैमरा आदि छीन लिया व इसके साथ ही पुलिस को सूचना देकर पत्रकारों को रिकार्ड से छेड़छाड़ करने के आरोप में बाऊंड करवाने की धमकियां देने लगे।

माजरा भांपकर कमरे में कैद किए गए पत्रकारों ने अन्य मीडिया कर्मियों को दूरभाष पर सूचना दी और मीडिया कर्मी चंद मिनटों में अस्पताल पहुंच गए। जहां दोनों पक्षों में जमकर तकरार हुई। गुस्साए मीडिया कर्मियों ने अस्पताल प्रबंधन एवं प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरु कर दी। पत्रकारों के साथ इस व्यवहार को देखकर ओपीडी में आए कई रोगी भी मीडिया कर्मियों के साथ हो लिए और अस्पताल में कुप्रबंधन के आरोप लगाने लगे। मामला सीएमओ तक पहुंचा और सीएमओ से मुलाकात करके वापिस जा रहे पत्रकारों के साथ घटित हुई घटना की सीएमओ डॉ. जीआर कौशल ने भी निंदा की। अंत में एसएमओ ने मीडिया कर्मियों को सॉरी फील करके अपना पल्लू छुड़ाया।

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