
आईआईएमसी की गिनती देश के टॉप क्लास मीडिया संस्थानों में होती है. यहां से पढ़े ज्यादातर छात्र आज देश के चुनिंदा टीवी चैनलों अखबारों में बड़ा नाम हैं. एक ऐसा संस्थान जहां पढ़ने वाला स्टूडेंट को हाथों हाथ लिया जाता है. लेकिन हाल के कुछ वर्षों में इस संस्थान की लुटिया डूबती सी लग रही है. इसका कारण यहां का मैनेजमेंट, प्रोफेसर और छात्र ही हैं.
हाल ही में एक सुधा यादव नाम की एक लड़की का मामला सामने आया था. लड़की ने अपने प्रोफेसर राकेश उपाध्याय पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था. भड़ास4मीडिया में भी इसे लेकर एक खबर प्रकाशित की गई थी.
इस मामले में प्रोफेसर के खिलाफ क्या एक्शन हुआ पता नहीं लेकिन यह बात जरूर सामने आई है कि प्रोफेसर ने छात्रों की एक पूरी लॉबी लड़की के विरोध में लगा दी है. ये लॉबी लड़की को जलील करने और खलनायक साबित करने का भरसक प्रयत्न कर रहे हैं.
लड़की ‘यादव’ समुदाय है और प्रोफेसर साहब ‘उपाध्याय’ जाति के सवर्ण हैं. हो सकता है प्रोफेसर राकेश उपाध्याय की एक कुंठा यह भी हो कि लड़की यादव जात है, जो उनपर आरोप लगा रही है. आखिर यूपी बिहार के यादवों के चक्कर में ही उनकी पार्टी भाजपा, उनके कहे अनुसार 400 पार जो नहीं कर सकी.

ऊपर दिया गया प्रोफेसर राकेश उपाध्याय का यह ट्वीट देखें जो उन्होंने बीजेपी को 400 पार करने का दिनी स्वप्न देखकर किया होगा, लेकिन उनकी मंशा के अनुसार उनकी पार्टी इन आँकड़ों को छूने में न सिर्फ असफल रही बल्कि सरकार भी अधर में फंसी नजर आ रही है. पूर्ण बहुमत जो नहीं मिला.
राकेश उपाध्याय टीवी चैनलों की डिबेट्स में भी बैठते हैं. बाकायदा वरिष्ठ पत्रकार के तौर पर फोटो के नीचे नाम लिखा जाता है. टीवी पर बैठकर वह सत्ता के पक्ष में बैटिंग भी करते हैं.

लेकिन एक पीड़िता के खिलाफ अपनी लॉबी उतारकर प्रोफेसर द्वारा गंदे ट्वीट कराना, एक गलत ट्रेंड है. पीड़ित के खिलाफ भीड़तंत्र को ट्रोलर्स की माफिक इस्तेमाल करना शायद प्रोफेसर महोदय ने उसी मौजूदा सत्ता से सीखा होगा जिसकी वह तरफदारी करते हैं. लेकिन प्रोफेसर साहब इन सबमें अपने शिक्षक होने की मर्यादा का एक तरह से बलात्कार कर लेते हैं.
बहुत कम ऐसा हो पाता है जब एक लड़की सामाजिक लोकलाज छोड़कर अपने खिलाफ हुए उत्पीड़न की आवाज उठा पाती है. जैसी आवाज सुधा यादव नाम की इस लड़की ने उठाई है. इसे प्रोत्साहित करने की बजाए प्रोफेसर की लगाई लॉबी के स्टूडेंट्स छात्रा के लिए उल्टे सीधे मैसेज लिख रहे हैं उसकी घोर निंदा होनी चाहिए. अगर समाज को स्वस्थ बनाने की दिशा में काम करना है तो ऐसे सभी पुरूषों पर सख्त से सख्त कार्रवाई करनी चाहिए ना कि उसके लिए ढाल बनकर खड़े हो जाएं.
नीचे लड़की के लिए किए गए कमेंट्स हैं उससे पहले देखें भड़ास पर लड़की के सपोर्ट में आया एक कमेंट जो शिवशंकर सारथी नाम के यूजर ने किया है.. और उसके बाद मूल खबर भी पढ़ें जिसमें पीड़िता ने प्रोफेसर पर आरोप लगाया है “Sudha ही एक अच्छी पत्रकार साबित होंगी जो अपने हक के लिए नहीं लड़ सकता वो जन या समाज के लिए क्या लड़ेगा/लड़ेगी. शुभकामनायें सुधा जी.”


मूल खबर…
IIMC के प्रोफेसर द्वारा मेरा उत्पीड़न बर्दाश्त के बाहर हो रहा है, इसलिए लिख रही हूँ!



Rupesh
June 22, 2024 at 7:26 pm
आपने यह खबर छापने से पहले आईआईएमसी के किसी विद्यार्थी से बात करने की भी जरूरत नही समझी, ऐसी एकतरफा खबर तो कोई एजेंडावादी पोर्टल ही चला सकता है। वैसे नाम से ही स्पष्ट है कि यहां बस अपने मन की कुंठा यानि भड़ास निकाली जाती है।