इनकम टैक्स की दिल्ली शाखा के लगभग 300 अधिकारियों ने पिछले तीन दिनो में अवैध फार्महाउस कब्जेदारों के यहां छापेमारी की. इनमें राजनेता, नौकरशाह, न्यायाधीश और बड़े व्यापारी शामिल हैं. इनमें से कुछ ने तो नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के पास इंडियन एयरफोर्स की जमीन तक हजम कर ली.
आईटी विभाग की दिल्ली इकाई ने दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा और फरीदाबाद में डेवलपर्स के 20 परिसरों पर छापा मारा और 200 करोड़ रुपये से ज्यादा के बेहिसाब लेन-देन दिखाने वाले दस्तावेज बरामद किए. साथ ही सबूत दिया कि क्षेत्र में फार्महाउस और भूखंडों की आधी बिक्री कैश के माध्यम से हुई थी.

अंग्रेजी अखबार टीओआई के मुताबिक एक बड़े आईटी अफसर ने बताया कि, बड़ी संख्या में नौकरशाहों, व्यापारियों, कुछ न्यायाधीशों और दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और हिमाचल के राजनेताओं ने नकद में फार्महाउस खरीदे हैं. उन्होंने कहा कि इन खरीदारों की नकद लेनदेन के लिए जांच की जा सकती है. इनकम टैक्स अधिकारियों ने फार्महाउसों की नकद खरीद में शामिल राजनेताओं, नौकरशाहों और न्यायाधीशों के नामों का खुलासा करने से इनकार कर दिया, हालांकि एक सूत्र ने टीओआई को बताया कि, इसमें कुछ बड़े नाम शामिल हैं.
भारतीय वायुसेना ने 1950 में अपने तिलपत फायरिंग और बमबारी रेंज के तहत फरीदाबाद और तत्कालीन बुलंदशहर जिले के कुछ गांवों में जमीन का टुकड़ा हासिल किया था. जब वायु सेना ने इस बाढ़ क्षेत्र का उपयोग बंद कर दिया, जो अब नोएडा प्राधिकरण के अधिकार क्षेत्र में है, तो किसानों ने कृषि गतिविधियाँ शुरू कर दीं. बाद में भू-माफियाओं ने फार्महाउस बना लिए.
अधिकांश फार्महाउस, जो यमुना के बाढ़ क्षेत्र में नंगली नगला और नंगललैंड नंगली सागपुर गांवों में आते हैं, पिछले पांच-छह वर्षों में बने हैं और इस क्षेत्र को दिल्ली के छतरपुर की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है.

शीर्ष सूत्रों ने कहा कि दो डेवलपर्स, डीपीएल फ्लोरा फार्म्स (कमल दत्ता के स्वामित्व वाले) और ग्रीन ब्यूटी फार्म्स (दिनेश त्यागी के स्वामित्व वाले), यहां फार्महाउस और प्लॉट बेच रहे थे और खरीदारों से कई लाख/करोड़ रुपये वसूले गए थे.
त्यागी की ग्रीन ब्यूटी फार्म्स की वेबसाइट अभी भी नोएडा एक्सप्रेसवे पर 4,550 प्रति वर्ग गज की दर पर 1,000 वर्ग गज और उससे अधिक क्षेत्र के फार्महाउसों के साथ फार्महाउस/प्लॉट प्रदान करती है. कथित तौर पर हरियाणा में अवैध खनन सहित अन्य अवैधताओं के लिए भी उनकी जांच की गई है.
डीपीएल फ्लोरा डेवलपर्स अपनी वेबसाइट पर पूर्ण रूप से विकसित फार्महाउसों की बिक्री भी सूचीबद्ध करता है.
इन ने दोनों डेवलपर्स से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन संपर्क नहीं हो सका. अधिकारियों ने कहा कि जब भारतीय वायुसेना को 2011 में अपनी भूमि पर अतिक्रमण के बारे में शिकायतें मिलीं, तो एक निरीक्षण किया गया और यह पाया गया कि बड़े पैमाने पर अतिक्रमण, अनधिकृत खेती, अवैध फार्महाउस का निर्माण, कंटीले तारों की बाड़, सीमा के निर्माण के माध्यम से भूमि की अवैध साजिश रची गई थी.
यह खुलासा तब हुआ जब, मार्च 2015 में, नोएडा के कार्यकर्ता अजीत सिंह ने इस सिलसिले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की थी.


