नूरजहां मूविंग इमेजेस, लखनऊ की जीवंत सांस्कृतिक धरोहर से जुड़ी एक प्रतिष्ठित फिल्म निर्माण कंपनी है, जिसने अपने पहली हिंदी फीचर फिल्म इमामदस्ता के साथ फीचर फिल्म निर्माण में एक रोमांचक कदम बढ़ाया है। सच्ची घटना से प्रेरित यह फिल्म व्यंग्य और हास्य का अनोखा मिश्रण लेकर आई है इतना ही नहीं इमामदस्ता दर्शकों के शानदार सिनेमाई अनुभव के लिए शानदार और विविध कलाकारों को साथ लेकर आई है
फिल्म के मुख्य किरदार में नजर आएंगे सहर्ष कुमार शुक्ला, जो छिछोरे, रंगून, रंगबाज, तलवार और रईस जैसी फिल्मों में अपनी उत्कृष्ट भूमिकाओं के लिए जाने जाते हैं। फिल्म में दूसरे मुख्य किरदार में हैं राकेश शर्मा, जिन्होंने गली बॉय, केसरी और आज़ाद में अपने शानदार प्रदर्शन से दर्शकों का दिल जीता है। इसके अलावा, अनुभवी थिएटर कलाकार राजू पांडे, जय शंकर पांडे और संदीप यादव फिल्म की कहानी में गहराई जोड़ते हैं।
फिल्म के सबसे दिलचस्प किरदार, इंस्पेक्टर चौबे, की भूमिका निभाई है अभिजीत सरकार ने, जो देश के प्रमुख कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन और स्पोर्ट्स मैनेजमेंट विशेषज्ञ होने के साथ-साथ एक कुशल थिएटर अभिनेता भी हैं।

इमामदस्ता को लिखा और निर्देशित किया है रिज़वान सिद्दीकी ने और इसे डॉ. अब्दुल अहद सिद्दीकी ने सह-निर्मित किया है।
इमामदस्ता एक छोटे शहर के दो बेरोजगार युवाओं की कहानी है, जो रोजमर्रा की जिंदगी की कठिनाइयों से जूझ रहे हैं। उनकी दुनिया तब पूरी तरह बदल जाती है जब दो अनचाहे मेहमान उनके घर आते हैं। इसके बाद घटनाओं की एक ऐसी श्रृंखला शुरू होती है, जो समाज के महत्वपूर्ण मुद्दों को हंसी-हंसी में उजागर करती है।फिल्म में पत्रकारिता की स्थिति और आध्यात्मिक गुरुओं पर आंख मूंदकर विश्वास करने जैसे विषयों पर प्रकाश डाला गया है। यह फिल्म सीमित बजट में, स्थानीय संसाधनों से बनाई गई है।
राष्ट्रव्यापी थिएटर रिलीज़ के बाद, इमामदस्ता को व्यापक सराहना मिली है। फिल्म ने IMDb पर 8.5 की शानदार रेटिंग हासिल की है और प्रमुख फिल्म समीक्षकों से प्रशंसा प्राप्त की है। जो दर्शक इस फिल्म को देखना चाहते हैं, उनके लिए इमामदस्ता अब अमेज़न प्राइम, गूगल प्ले, एप्पल टीवी और बुक माइ शो पर किराए पर उपलब्ध है।
यह एक ऐसी कहानी को देखने का अवसर है जो समाज के दिल को छूती है और लखनऊ की सिनेमाई और सांस्कृतिक धरोहर का जश्न मनाती है।


