भड़ास4मीडिया की तरफ से कन्हैया शुक्ला जी ने इंडिया न्यूज़ के एचआर हेड साजिद अली को फोन किया। क्या बातचीत हुई- पढ़िए…
भड़ास– इंडिया न्यूज़ को लेकर कई जगहों से शिकायतें आई हैं कि पिछले कई महीनों से सैलरी नहीं दी जा रही है।
साजिद अली– सैलरी ऑलरेडी प्रोसेस में है। बहोत सारे लोगों की ऑलरेडी प्रोसेस में है।
भड़ास– प्रोसेस में होने का क्या मतलब है, सर? दो-तीन महीनें की सैलरी प्रोसेस में है।
साजिद– आपको मेरा नंबर कहां मिला?
भड़ास– हमलोग भी मीडिया से जुड़े हुए हैं। जो शिकायतकर्ता होता है वह नंबर भी उपलब्ध करा देता है। मैं आपसे जानना चाह रहा हूं- प्रोसेस का क्या मतलब है?
साजिद– आप बताइये किसके पक्ष से बात कर रहे हैं।
भड़ास– मैं किसी के पक्ष में बात नहीं कर रहा हूं। देखिए- हम लोग मीडिया पोर्टल हैं। आपका पक्ष तो ले ही सकता हूं।
साजिद– पक्ष लेना है तो मिलकर लीजिए आके। किसे दिक्कत है?
भड़ास– मिलना मिलाना क्या होता है। मैं आपका वर्कर तो हूं नहीं। पक्ष लेना है फोन पर ही लिया जा सकता है। मिलने से मतलब नहीं होता।
साजिद– ठीक है जी धन्यवाद।
इसके बाद कन्हैया जी के पास साजिद अली का पलटकर कॉल आता है….
साजिद– हैलो, कन्हैया जी बोल रहे हैं। इंडिया न्यूज से बोल रहा हूं, साजिद।
भड़ास– जी साजिद जी बताइये।
साजिद– सैलरी तो ऑलरेडी जा चुकी है जुलाई की.
भड़ास– अभी तो आपने कहा कि- सैलरी प्रोसेस में है।
साजिद– सैलरी हम लोग नहीं देते हैं, वह अकाउंट से जाती है। अभी मैंने पता किया है तो बताया गया कि जुलाई की सैलरी जा चुकी है। अगस्त की भी दे दी गई है।
भड़ास– हमें बताया जा रहा है कि सैलरी नहीं दी गई है। हमारे पास आपके कर्मचारी जानकारी साझा कर रहे हैं।
साजिद– मैंने चेक किया है अभी। सैलरी सबकी जा चुकी है। तो आप इस तरह की रॉन्ग स्टोरी रन मत करिए। सैलरी अगस्त तक पूरी हो चुकी हैं।
भड़ास– तो क्या आपके कर्मचारियों की जो कम्प्लेंट हैं, वो गलत हैं। लोग फोन करके बोल रहे हैं। मैं आपकी कंपनी का वर्कर नहीं हूं, क्रॉसचेक करने के लिए आपको फोन कर रहा हूं। ठीक है जी।
साजिद– जिनकी कम्प्लेंट हैं वो लोग ऑफिस आकर बात करें। किसकी गई किसकी बाकी है।
भड़ास– अभी आपने ही कहा प्रोसेस में है। फिर कह रहे हैं- अगस्त तक फाइनल हो गई। चलिए ठीक है।
मूल खबर…
‘इंडिया न्यूज़’ में आर्थिक संकट का दौर जारी, पढ़िये कर्मचारियों का दर्द और प्रबंधन का खंडन



Dhruv
September 22, 2025 at 5:35 pm
sir mere father ki gratuity abhi tak nahi mili hai