अभिनव कुमार-
हताशा की सबसे बुरी बात है कि हताशा में मनुष्य कुछ ग़लत निर्णय ले लेता है। ऐसा ही कुछ हुआ दिसंबर, 2023 में।
भारत में बेरोज़ग़ारी एक विक्राल समस्या ही नहीं बल्कि यह पूरे विश्व के सामने एक बड़ी चुनौती भी है वो भी तब जब आर्टिफिश्यल इंटेलिजेंस आए दिन हमारी जीवन शैली को प्रभावित कर रहा है।
बात 2023 के नवंबर की है जब एक इमीग्रीशन कंसल्टेंट कंपनी आइरिश एक्सपर्ट Irish Expert ने मुझे एक सेवा बेचने की बात की जिसमें आयरलैंड में नौकरी दिलाने की बात थी।

मैं मुंबई स्थित आयरिश एक्सपर्ट के विले पार्ले ऑफिस पहुंचा जहां मेरी मुलाक़ात उनकी एक प्रतिनिधि से हुई। उसने मुझे भुगतान का तरीका बताया कि कैसे दो इंस्टॉल्मेंट में आप भुगतान कर सकते हो और यदि आपको हम एक साल के भीतर आयरलैंड नहीं भेज पाए तो आपको 75 प्रतिशत रिफंड मिलेगा। मैंने उन पर विश्वास करते हुए 70,800 की राशि का भुगतान किया और कुछ अपने कागज़ों की प्रतिलिपि भी जमा कर दी।
छ: महीने गुज़रते हैं और मैं प्रतीक्षा करता हूं लेकिन कोई अपडेट नहीं आता। यदि काम के नाम पर कुछ देखा जाए तो उन्होंने केवल एक मॉक कॉल अरेंज की थी। दो महीने और गुज़रते हैं तो मुझे समझ आ जाता है कि मैंने इन्हें 70,800 की राशि देकर शायद ग़लती की। देखते देखते पूरा एक साल हो जाता है।
एक साल होते ही मैं रिफंड के लिए ईमेल करता हूं तो मुझे बताया जाता है कि उनकी पॉलिसी है कि वो रिफंड की भुगतान 6 महीने बाद ही करेंगे। मैंने मुंबई के पोलिस थाने में शिकायत भी लिखकर दी लेकिन कुछ नहीं हुआ।
जब 6 महीने पूरे हुए तो मुझे सुनने को मिलता है वो मुझे पूरा रिफंड नहीं देंगे यानि 53100 की बजाय 45000 ही देंगे।
सितंबर 2025 को मुझे एक चेक मिलता है जिसमें जनवरी 2026 की तारीख लिखी होती है यानि तीन महीने के बाद। मैंने विनम्रता से प्रतीक्षा की और जब चेक लेकर बैंक गया तो मुझे सुनने को मिलता है कि ये चेक एनकैश नहीं हो सकता इसके शायद हस्ताक्षर मैंच नहीं हो रहे हैं। जब मैंने उन्हें ईमेल पर बताया कि ये कैसा चेक मुझे मिला तो उनका कहना था कि अब वे मुझे बैंक ट्रांसफर करेंगे। मैंने उसकी भी प्रतीक्षा की और मुझे कोई पैसा नहीं आया। मैंने जब उनसे पूछा तो उस पर उन्होंने कहा कि कोई तकनीकी समस्या के कारण बैंक ट्रांसफर नहीं हो पाया।
2 साल से ज्यादा हो चुके हैं। मेरे पैसे गए। समय गया। इतनी सरदर्दी ली और आखिरकार मुझे कुछ नहीं मिला।
अब आता है 3 मई, 2026 जब मैं लिक्डिन पर अपनी ये आपबीती साझा करता हूं केवल इसलिए कि आयरिश एक्पर्ट जैसी ठगी किसी और के साथ न हो। जैसे ही मैं पोस्ट साझा करता हूं मुझे एक मिनट के भीतर उनके वकील का संदेश आता है। मुझे कई कॉल्स आते हैं और वो भी रविवार के दिन।



आयरिश एक्सपर्ट का कहना है कि जल्द से जल्द वो पोस्ट डिलीट करें नहीं तो वे क़ानूनी कार्रवाई करेंगे जिस पर मेरा कहना था कि मुझे मेरा पूरा रिफंड दीजिए तभी मैं पोस्ट डिलीट करूंगा।
मुझे समझ नहीं आता कि लोगों को सताना, उन्हें ठगना और ठगी करने के बाद ऐसा आत्मविश्वास आना कि आप हमें डिफेम कर रहे हैं ये ताज्जुब की बात है।
मेरा यही कहना है खासकर के देश के युवाओं को कि कोई भी भारतीय आपको विदेश में नौकरी दिलाने की बात करे जिसका वो पैसा ले तो उस पर बिल्कुल भी विश्वास न करें।
जय हिंद
लेखक अभिनव कुमार पत्रकार हैं और आईआईएमसी से पत्रकारिता की शिक्षा ली हुई है.



