नई दिल्ली: टीवी टुडे नेटवर्क लिमिटेड ने मंगलवार को घोषणा की कि उसकी स्पेशल कमेटी ऑफ डायरेक्टर्स ने 25 फरवरी 2025 को हुई बैठक में इश्क एफएम से जुड़े अपने एफएम रेडियो प्रसारण व्यवसाय की बिक्री से संबंधित प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है।
इस फैसले के तहत कंपनी ने क्रिएटिव चैनल एडवरटाइजिंग एंड मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक समझौता ज्ञापन (MOU) को अधिकृत किया है। इस सौदे के तहत मुंबई, दिल्ली और कोलकाता में 104.8 एफएम पर संचालित तीन रेडियो स्टेशनों की बिक्री प्रस्तावित है।
20 करोड़ रुपये में तय हुई डील
कुल 20 करोड़ रुपये की इस डील में 10 करोड़ रुपये का भुगतान MOU के निष्पादन पर किया जाएगा, जबकि शेष 10 करोड़ रुपये सौदा पूरा होने पर दिए जाएंगे। हालांकि, यह सौदा सूचना और प्रसारण मंत्रालय सहित अन्य नियामक मंजूरियों और अनुपालनों (compliances) के अधीन होगा।
टीवी टुडे नेटवर्क यह बिक्री सीधे कर सकता है या अपनी सहायक कंपनी विबग्योर ब्रॉडकास्टिंग प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से भी इसे पूरा किया जा सकता है। सौदे के 31 जनवरी 2026 तक पूरा होने की संभावना है।
रेडियो बिजनेस घाटे में, इसलिए लिया गया फैसला
वित्त वर्ष 2023-24 में टीवी टुडे के रेडियो व्यवसाय का कुल टर्नओवर 16.18 करोड़ रुपये था, जो कंपनी के कुल कारोबार का 1.7% था। हालांकि, रेडियो कारोबार से कोई शुद्ध लाभ (net worth contribution) नहीं हुआ, क्योंकि यह घाटे में था।
क्रिएटिव चैनल को रेडियो स्टेशनों का एडवर्टाइजिंग सेल्स राइट भी मिला
टीवी टुडे ने इस बिक्री के साथ-साथ क्रिएटिव चैनल के साथ एक एडवर्टाइजिंग सेल्स एग्रीमेंट को भी मंजूरी दी है। इस समझौते के तहत क्रिएटिव चैनल को इन तीन रेडियो स्टेशनों का एयरटाइम बेचने का अधिकार दिया गया है, जिसके लिए उसे एक पेशेवर शुल्क (professional fee) मिलेगा।
गौरतलब है कि क्रिएटिव चैनल एडवरटाइजिंग एंड मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना 26 अप्रैल 1991 को हुई थी। इसकी अधिकृत पूंजी 5.6 करोड़ रुपये और चुकता पूंजी (paid-up capital) 5.23 करोड़ रुपये है।
बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने जनवरी में ही कर लिया था बंद करने का फैसला
टीवी टुडे नेटवर्क के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 9 जनवरी 2025 को एक प्रस्ताव पारित कर रेडियो व्यवसाय को बंद करने का फैसला किया था। बाद में, जब संभावित खरीदारों की रुचि सामने आई, तो 11 फरवरी 2025 को बिक्री को मंजूरी दी गई।
अगर यह सौदा सीधे किया जाता है तो यह रिलेटेड-पार्टी ट्रांजैक्शन (Related-Party Transaction) नहीं होगा। लेकिन यदि इसे किसी सहायक कंपनी के माध्यम से पूरा किया जाता है, तो भी यह आर्म्स-लेंथ ट्रांजैक्शन (arms-length transaction) के तहत निष्पादित किया जाएगा।
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Amar Chaudhary
February 26, 2025 at 3:17 pm
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