तीन महीने की सेलरी खा गया आईटीवी मैनेजमेंट!

विनोद शर्मा ने बेटे के जेल से रिहा होने की खुशी में कर्मचारियों की सेलरी काटी तथा नौकरी से निकाला

चंड़ीगढ़। मुख्यमंत्री राहत कोष में करोड़ों रुपए देने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री विनोद शर्मा ने अपनी मीडिया कंपनी आईटीवी नेटवर्क के कर्मचारियों को करोना के इस संकट के दौर में क्या सिला दिया, यह जानकर सब लोग सकते में हैं।

हरियाणा की राजनीति में अपने आपको तुर्रमखां समझने वाले विनोद शर्मा ने न केवल इंडिया न्यूज चैनल व आज समाज अखबार से कर्मचारियों को दरबदर कर दिया बल्कि जो बच गए उनकी सेलरी में 50 प्रतिशत तक कटौती तक कर डाली।

हालात ये हो गए कि अंबाला में प्रोडेक्शन यूनिट के लोगों ने अखबार छापने तक से मना कर दिया।

इसके बाद संपादक अजय शुक्ला ने किसी तरह से कर्मचारियों को समझाया तो वे काम करने को राजी हुए।

इतना ही नहीं, फरवरी, मार्च, अप्रेल की सेलरी तक कंपनी खा गई।

चंडीगढ़ में आईटीवी फाउंडेशन कहने को तो भूखों को भोजन करवा रहा है मगर अपने ही कर्मचारियों के पेट पर लात मारने में कंपनी के एमडी को जरा सी भी लाज नहीं आई।

चुनावों में गाड़ियां भरकर नोट खर्चने वाले लोग आजकल अपने कर्मचारियों की मेहनत की कमाई खाने में जुटे हैं। कर्मचारियों को उम्मीद थी कि बेटे मनु शर्मा के जेल से आने की खुशी में विनोद शर्मा कर्मचारियों को कुछ सौगात देंगे मगर यहां हुआ उल्टा है।

कंपनी के घालमेल भी सबके सामने हैं। आज हरियाणा में अखबार की क्या हालत है, यह सबको पता है। मगर एबीसी से सेटिंग करके गिनती की कापियां छपने के बावजूद सरकुलेशन में लाखों कापियां दिखाई जा रही हैं। डीएवीपी रेट जागरण व भास्कर से अधिक वसूला जा रहा है। हरियाणा व केंद्र सरकार से करोड़ों रुपयों का विज्ञापन लिया जा रहा है।

एक पीड़ित मीडियाकर्मी द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.

(अगर आईटीवी प्रबंधन की तरफ से इस खबर पर कोई सफाई या पक्ष आता है तो उसे भड़ास पर ससम्मान प्रकाशित किया जाएगा)



 

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