नई दिल्ली | प्रसार भारती ने DD फ्रीडिश के खाली पड़े MPEG-2 स्लॉट्स के लिए सातवीं वार्षिक ई-नीलामी शुरू कर दी है। हालांकि, इस बार कई बड़े ब्रॉडकास्टर्स ने अपने प्रमुख चैनलों को फ्रीडिश से हटा लिया है, जिससे फ्री-टू-एयर (FTA) चैनलों की होड़ दिलचस्प हो गई है।
बड़े ब्रॉडकास्टर्स ने हटाए अपने चैनल
JioStar ने Star Gold Thrills को, जबकि Zee Entertainment ने Zee Punjabi को फ्रीडिश से हटा लिया है। वहीं, Sony Pictures Networks India (SPNI) ने Sony WAH को पेड चैनल बना दिया है। इसके अलावा, शीर्ष मनोरंजन चैनल जैसे Star Utsav, Colors Rishtey, Zee Anmol और Sony PAL अब पे-टीवी चैनल बन चुके हैं, जिसका मतलब है कि ये सभी चैनल DD फ्रीडिश की ई-नीलामी में हिस्सा नहीं लेंगे।

फ्रीडिश पर बने रहेंगे ये चैनल
हालांकि, कुछ मूवी और क्षेत्रीय भाषा के चैनल अब भी फ्रीडिश पर उपलब्ध रहेंगे।
JioStar के चैनल : Star Utsav Movies, Colors Cineplex Bollywood, Colors Cineplex Superhits, Sports18 Khel
Zee Entertainment के चैनल : Zee Chitramandir, Zee Anmol Cinema, Zee Anmol Cinema 2, Action Cinema, Zee Bispoke, Big Magic
TDSAT के फैसले का असर
टेलीकॉम विवाद निपटान और अपीलीय ट्राइब्यूनल (TDSAT) के फैसले के अनुसार, अगर कोई चैनल DD फ्रीडिश पर फ्री है, तो उसे अन्य सभी प्लेटफॉर्म्स पर भी फ्री रखना होगा। इसी वजह से कई बड़े ब्रॉडकास्टर्स ने अपने चैनलों को फ्रीडिश से हटा लिया है।
छोटे ब्रॉडकास्टर्स बने रहेंगे फ्रीडिश पर
छोटे ब्रॉडकास्टर्स के लिए DD फ्रीडिश छोड़ना मुश्किल है, क्योंकि उनका पूरा बिजनेस मॉडल विज्ञापन पर आधारित है। श्री अधिकारी ब्रदर्स नेटवर्क के बिजनेस हेड कैलाश अधिकारी ने कहा कि FTA चैनलों की 100% कमाई विज्ञापनों से होती है, जबकि पे-टीवी चैनलों की सिर्फ 35%।
उनकी कंपनी के Mastiii चैनल को फ्रीडिश पर बनाए रखना जरूरी है, क्योंकि यह एक अखिल भारतीय हिंदी म्यूजिक चैनल है। हालांकि, उनके दो अन्य चैनल Maiboli और Dabangg फ्री हैं लेकिन वे DD फ्रीडिश के बजाय प्रसार भारती के WAVES OTT प्लेटफॉर्म पर प्रसारित होते हैं।
Dangal बना अपवाद
FTA चैनलों पर अधिकतर रिपीट कंटेंट दिखाया जाता है, लेकिन Enterr10 का चैनल Dangal इस मामले में अलग है। यह प्राइम-टाइम में ओरिजिनल कंटेंट प्रसारित करने वाला इकलौता FTA चैनल है। एक ब्रॉडकास्ट विशेषज्ञ के अनुसार, Dangal का कंटेंट इन्वेस्टमेंट Zee Entertainment के बराबर है, जिससे यह फ्रीडिश पर अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखेगा।
FTA चैनलों के पास फ्रीडिश ही विकल्प
ब्रॉडकास्ट विशेषज्ञों के मुताबिक, पे-टीवी प्लेटफॉर्म्स के शीर्ष 10 चैनल स्लॉट्स बड़े ब्रॉडकास्टर्स के पास पहले से ही सुरक्षित हैं। ऐसे में, FTA चैनलों के पास DD फ्रीडिश ही एकमात्र बड़ा विकल्प बचता है।


