अजय शुक्ला-
एक और सम्मान का तमगा…! अगर गद्दारों को “गद्दार” कहना जुर्म है, तो मैंने यह जुर्म किया है!
हमारे महान, गोबर दिमाग अंधभक्तों के “पप्पा” Narendra Modi ने अपने एक पालतू मीडिया हाउस के मालिक Kartikeya Sharma के ज़रिए Rahul Gandhi के खिलाफ एजेंडा चलाने का दबाव बनाया गया, जिससे इंकार के चलते 2021 में इंडिया न्यूज समूह के प्रधान संपादक की नौकरी छीन ली गई। कार्तिकेय शर्मा को इनाम में हरियाणा में अवैध तरीके से Ajay Maken को हराकर राज्यसभा सौंप दी गई।
- 2022 में, समूह संपादक की एक और नौकरी छीन ली गई।
- 2023 में, मुझे एक और बड़े मीडिया संस्थान में परामर्श संपादक की नौकरी मिली—वह भी छीन ली गई।
- 2023 में, मेरी पत्नी की नौकरी भी छीन ली गई।
- उसी साल—2023 में—सरकार द्वारा नियमों के तहत आवंटित सरकारी आवास भी मुझसे बिना मेरी बात सुने ही ज़ब्त कर लिया गया, जिसके लिए पत्नी 2034 तक अनुमन्य थी।
- 2024 में, स्मृति ईरानी ने मेरे ख़िलाफ़ FIR दर्ज करवाई।
- 2025 में—भारत के इतिहास में पहली बार—सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की अगुवाई वाली तीन जजों की एक बेंच ने पहली किसी एक पत्रकार-संपादक के खिलाफ स्वतः संज्ञान (suo motu cognizance) लिया और मुझे आपराधिक मानहानि का दोषी ठहरा दिया।
- 2026 में, मेरे परिवार को परेशान करने की नीयत से, मेरे, मेरी पत्नी और हमारी दो बेटियों के बैंक खाते—केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश पर—एक साइबर क्राइम की शिकायत के आधार पर, तीन महीने से अस्थायी तौर पर फ्रीज़ कर दिए गए हैं।
- 2026 में ही, मेरी बेटी को दुनिया की एक प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी में दाखिला मिला, लेकिन उसका पासपोर्ट और ज़रूरी दस्तावेज़ ज़ब्त कर लिए गए।
- मई 2026 में—एक बार फिर, भारत के इतिहास में पहली बार—प्रवर्तन निदेशालय (#ED) (मोदी और शाह की पालतू एजेंसी) की एक टीम एक पत्रकार (जो किराए के मकान में रहता है) के घर पहुँची और उसे एक नोटिस थमाते हुए पूछा: “बताइए कि इन सब मुश्किलों से गुज़रने के बाद आप अपने ख़र्चे कैसे चला रहे हैं? अपनी आय और व्यय (आमदनी और ख़र्च) से जुड़ा सारा ब्योरा लेकर हमारे सामने पेश हों।”

निश्चित रूप से मुश्किलें हैं, लेकिन मुझे इस बात का एहसास होने पर असीम आनंद मिला है कि तानाशाह, आखिरकार, मुझ जैसे सच बोलने वाले पत्रकार से इतना ज़्यादा डरा हुआ है…
इसने मेरे इस विश्वास को और मज़बूत कर दिया है कि मैं सचमुच पत्रकारिता के पवित्र कर्तव्य का पालन कर रहा हूँ। अब हम जीतेंगे या शहीद बन जाएँगे मगर हार नहीं मानेंगे!
जय हिंद!
सत्यम शिवम सुंदरम…!
वरिष्ठ पत्रकार अजय शुक्ला की एफबी वॉल से.


