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उत्तर प्रदेश

पत्रकार हत्याकांड : पुलिस ने चार लेखपालों, एक फौजी समेत 8 को उठाया, अंतिम संस्कार से परिजनों का इनकार!

सीतापुर | पत्रकार राघवेंद्र बाजपेई हत्याकांड में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार लेखपालों समेत आठ लोगों को हिरासत में लिया है। बताया जा रहा है कि राघवेंद्र ने कुछ दिन पहले धान खरीद में हो रही गड़बड़ियों को उजागर किया था, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया था। अब इस मामले में पुलिस लेखपाल संघ के तहसील अध्यक्ष अनीश द्विवेदी, लेखपाल राम सिंह राणा, प्रतीक गुप्ता और डीपी सिंह से पूछताछ कर रही है। इनके अलावा राघवेंद्र के पड़ोसी रिटायर्ड फौजी और तीन अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया है।

CCTV फुटेज से बड़ा खुलासा

दैनिक भास्कर में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, घटना का CCTV फुटेज में राघवेंद्र बाजपेई को बाइक से जाते हुए देखा जा सकता है। कुछ ही सेकंड बाद दो नकाबपोश बदमाश एक बाइक से उनका पीछा करते नजर आते हैं। फुटेज में एक ब्लैक थार कार भी दिख रही है, जो हमलावरों से जुड़ी हो सकती है। इसके कुछ ही मिनट बाद राघवेंद्र की हत्या कर दी गई थी।

कैसे हुई हत्या?

शनिवार दोपहर सीतापुर-लखनऊ हाईवे पर हेमपुर रेलवे क्रॉसिंग के पास राघवेंद्र की बाइक को बदमाशों ने पहले टक्कर मारी, जिससे वह सड़क पर गिर गए। इसके बाद हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं और फरार हो गए। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक, चार गोलियां राघवेंद्र को लगी थीं, जिनमें से एक पसली में फंस गई थी, जबकि बाकी तीन बाहर निकल गई थीं।

परिजनों का अंतिम संस्कार से इनकार

रविवार को पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया, लेकिन परिवार ने आरोपियों की गिरफ्तारी तक अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया है। मृतक की पत्नी और दोनों छोटे बच्चों—10 साल के आराध्य और 8 साल की अस्मिता—का रो-रोकर बुरा हाल है।

अधिकारियों और नेताओं की सक्रियता

घटना के बाद आईजी रेंज प्रशांत कुमार ने मौके पर पहुंचकर परिजनों को जल्द न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। वहीं, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने मृतक के परिवार से मुलाकात कर एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है।

आगे की कार्रवाई

पुलिस इस हत्याकांड के पीछे के कारणों की गहराई से जांच कर रही है। माना जा रहा है कि धान खरीद घोटाले से जुड़ी खबर लिखने के कारण राघवेंद्र को निशाना बनाया गया। पुलिस की टीमें अब CCTV फुटेज और हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ के आधार पर अपराधियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं।

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