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कश्मीर में हमले की खबर सिंगल कॉलम में लेकिन ट्रम्प पर हमले की खबर और चिन्ता के कई एंगल

संजय कुमार सिंह

आज के अखबारों की दो खास बातें हैं। पहली तो अमरिकी राष्ट्रपति के लिए चुनाव के उम्मीदार पूर्व राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प पर हमले के बाद की खबरें और चिन्ता सभी अखबारों में अलग हैं। दोनों हिन्दी अखबारों के साथ द हिन्दू में भी डोनल्ड ट्रम्प से संबंधित मामला लीड नहीं है लेकिन पहले पन्ने पर तो सबमें है। खास बात यह है कि टाइम्स ऑफ इंडिया में सिंगल कॉलम की खबर है, डोडा की मुठभेड़ में पांच सुरक्षाकर्मी गंभीर रूप से घायल। यह दूसरे अखबारों में नहीं है जबकि सोमवार रात की बात है और हो सकता है देर से आई हो। हालांकि, टाइम्स ऑफ इंडिया में सिंगल कॉलम की ही खबर बन पाई हो तो भी दूसरे अखबारों में इतनी ही सही, होनी तो चाहिये थी। लेकिन बाकी अखबारों में यह क्यों नहीं है, इसे समझना चाहिये। मेरा मानना है कि कश्मीर से और कश्मीर की रिपोर्टिंग पहले भी कम होती थी, अनुच्छेद 370 हटाने के बाद और कम हुई है जबकि उसके बाद से अभी तक चुनाव नहीं कराया जा सका है। सुप्रीम कोर्ट ने जो अंतिम सीमा दी थी वह अब काफी करीब है। भाजपा ने कश्मीर में लोकसभा चुनाव में हिस्सा ही नहीं लिया था। अब देखना है आगे क्या करती है और क्या होता है। 

सीएए का हाल

आज एक दिलचस्प खबर सीएए मामले में भी है। टाइम्स ऑफ इंडिया में पहले पन्ने पर सिंगल कॉलम में छपी खबर के अनुसार असम के मुख्य मंत्री ने कहा है कि सीएए के तहत नागरिकता के लिए सिर्फ आठ आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से छह ने अभी तक इंटरव्यू के लिए रिपोर्ट नहीं किया है। यह खबर उन अनुमानों के उलट है कि सीएए के इस प्रावधान के कारण राज्य की आबादी 50 लाख तक बढ़ सकती है। कहने की जरूरत नहीं है कि इससे इस कानून की जरूरत भी संदेह के घेरे में है। इस मामले में दूसरा दिलचस्प पहलू इंडियन एक्सप्रेस में है। इसके अनुसार सरकार ने सीमा पुलिस से कहा है कि सीएए के तहत नागरिकता के मामले विदेशी नागरिकता से संबंधित ट्रिब्यूनल में न भेजकर संबंधित व्यक्तियों को प्रेरित किया जाये कि वे सीएए के तहत आवेदन करें। सीएए वाली इंडियन एक्सप्रेस की खबर हिन्दुस्तान टाइम्स में भी है। यहां यह डबल कॉलम में है।

व्यापार घाटा बढ़ा

द हिन्दू में पहले पन्ने की एक खबर है, आयात निर्यात से बढ़ा तो व्यापार घाटा एक साल पहले के मुकाबले बढ़कर 9.4 प्रतिशत हुआ। इस खबर के अनुसार भारत में आयात निर्यात के मुकाबले तेजी से बढ़ रहा है। इसी तरह नवोदय टाइम्स की एक खबर है, नैनीताल बैंक का सर्वर हैक कर 16.50 करोड़ रुपये निकाले गये। इसके अलावा कुछ खबरें ऐसी भी हैं जो एक से ज्यादा अखबारों में हैं। उन्हें छोड़कर आज की खबरों का हाल इस तरह है। हिन्दुस्तान टाइम्स ने मध्य प्रदेश की भोजशाला से संबंधित एएसआई की रिपोर्ट को सेकेंड लीड बनाया है। पहले पन्ने से पहले के अधपन्ने पर राज्यों में बाढ़ की स्थिति का जायजा लिये जाने की खबर लीड है। इसके अनुसार केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सभी बाढ़ प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों को सभी संभावित केंद्रीय सहायता का आश्वासान दिया है। खबर के अनुसार तीन राज्यों के मुख्यमंत्रियों से फोन पर बात हुई है और ये तीनों डबल इंजन वाले राज्य हैं।

हिन्दी अखबारों में लीड विवादित भोजशाला कमाल मौला मस्जिद परिसर के सर्वेक्षण की रिपोर्ट है तो द हिन्दू ने मनी बिल (धन विधेयक) के रूप में कानून पास करने के खिलाफ याचिकाओं को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है – को लीड बनाया है। इसपर और आज की सेकेंड लीड या दूसरी महत्वपूर्ण खबरों पर आने से पहले ट्रम्प और हिन्दी अखबारों की लीड को समझ लिया जाये। आज अमर उजाला की लीड का शीर्षक है, भोजशाला में देवताओं की 94 मूर्तियां मिलने का दावा। फ्लैग शीर्षक है, एएसआई ने हाईकोर्ट को सौंपी 2,000 पन्नों की रिपोर्ट …. हिन्दू पक्ष ने कहा – स्तंभों पर मिले वेद शास्त्रों के निशान। उपशीर्षक है, सर्वेक्षण में विभिन्न कालखंडों के 31 सिक्के, वाग्देवी की खंडित प्रतिमा और कई शिलालेख मिलने का दावा …. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में होगी 22 जुलाई को सुनवाई। हाईलाइट किया हुआ अंश है (पहला) – गणेश ब्रह्मा, नरसिंह व भैरव की प्रतिमा मिलीं। (दूसरा) – साबित हुआ, वहां पहले मंदिर था हिन्दू पक्ष।

हिन्दी में इसी खबर को पेश करने का दूसरा तरीका नवोदय टाइम्स में है। यहां शीर्षक है, भोजशाला : एएसआई ने 2000 पन्नों की रिपोर्ट सौंपी।” यहां भी बहुत सारी बातें हाइलाइट की हुई है। इनमें एक है, इस स्मारक को लेकर हिन्दुओं और मुसलमानों के बीच विवाद है। भोजशाला को हिन्दू समुदाय बाग्देवी (देवी सरस्वती) का मंदिर मानता है जबकि मुस्लिम पक्ष 11वीं सदी के इस स्मारक को कमाल मौला मस्जिद बताता है। यह परिसर एएसआई द्वारा संरक्षित है। मुझे लगता है कि पुराने भवनों, स्मारकों, मस्जिदों, मंदिरों, किलों, खंडहरों का संरक्षण किया जाना चाहिये और एएसआई इसीलिए है। अगर बाबरी मस्जिद की तरह पुराने निर्माण गिराये जाने लगें और उनके बदले दूसरी जगह नई मंदिर बन जाये तो पुरानी को गिराने का क्या मतलब और एएसआई को इनके संरक्षण का अपना काम गंभीरता से मुस्तैदी के साथ करना चाहिये। एएसआई के उद्देश्यों में देश के सांस्कृतिक विरासत की रक्षा भी है।

आइये, अब अंग्रेजी के चार अखबारों में ट्रम्प से संबंधित खबरों के शीर्षक देख लें। इसके बाद द हिन्दू और फिर हिन्दी के दोनों अखबारों में ट्रम्प की खबर का शीर्षक देखते हैं। उसके बाद पहले पन्ने की आज की खबरें। 

1. इंडियन एक्सप्रेस

तीन शब्दों के फ्लैग शीर्षक के साथ दो कॉलम की लीड है। फ्लैग शीर्षक है, “राष्ट्र को संबोधन”। मुख्य शीर्षक है, :”ट्रम्प पर गोली चलने के अगले दिन, जो बिडेन ने कहा, तापमान कम कीजिये”। उप शीर्षक है, इस तरह की हिन्सा के लिए कोई जगह नहीं है, किसी भी तरह की हिंसा ….. कोई अपवाद नहीं।

2. टाइम्स ऑफ इंडिया

ट्रम्प के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार 39 साल के हैं जिसकी शादी भारतीय मूल की महिला से हुई है। इंट्रो है, सीनेटर वांस की पत्नी उषा का मूल आंध्र प्रदेश का है। इसके साथ जेडी वांस की एक पारिारिक फोटो है। इसमें दंपत्ति अपने दोनों बच्चों को गोद में लिये हुए हैं। कैप्शन में बताया गया है तीसरी बेटी है। जिसका नाम मीराबेल है और जो तस्वीर में नहीं है।

3. हिन्दुस्तान टाइम्स

चार कॉलम के शीर्षक के साथ तीन कॉलम की फोटो है। मुख्य शीर्षक है, “मैं मर गया होता, ईश्वर ने मुझे बचा लिया : ट्रम्प”। इसके साथ एक और खबर है। इसका शीर्षक है, “जो बिडेन ने राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा : इसे ठंडा कीजिये”। सिंगल कॉलम की तीसरी खबर है, अमेरिकी एजेंसियां कह रही हैं कि गोली चलाने वाले का मकसद स्पष्ट नहीं है।

4. द टेलीग्राफ

दो कॉलम की लीड का शीर्षक है, हत्या की कोशिश से लौटने के प्रयासों को ताकत मिली। फ्लैग शीर्षक है, पूर्व राष्ट्रपति के वेबसाइट पर जख्म की तस्वीरों का उपयोग करके चुनाव प्रचार के लिए दान मांगा गया है।

5. द हिन्दू

खबर लीड नहीं है, दो कॉलम में टॉप पर छपी खबर का शीर्षक है, ट्रम्प पर हमले का मकसद जानने के लिए जांच जारी है।

6. नवोदय टाइम्स

टॉप पर चार कॉलम की खबर है। इसके बराबर में चाल कॉलम में ही एएसआई और भोजशाला वाली खबर है। ट्रम्प की खबर का शीर्षक लगभग वही है जो हिन्दुस्तान टाइम्स का है। अनुवाद मैंने जो किया है उससे थोड़ा अलग है लेकिन बात वहीं है। हिन्दी में यहां शीर्षक है, मौत कर दी गई थी तय, ईश्वर ने बचाया ट्रम्प।

7. अमर उजाला

चार कॉलम की खबर की शीर्षक है, आज हो चुनाव तो बहुमत से ट्रम्प बनेंगे राष्ट्रपति। फ्लैग शीर्षक है, अमेरिका में हमले के बाद पूर्व राष्ट्रपति के पक्ष में बढ़ी सहानुभूति, सर्वे करने वाली एजेंसियों का दावा। 

आइये, अब अखबारों के इसी क्रम में दूसरी प्रमुख खबरों के शीर्षक देखकर समझें कि किन खबरों को कम महत्व दिया जा रहा है और कैसी कहानी बनाई जा रही है। इंडियन एक्सप्रेस की आज की दूसरी प्रमुख और उल्लेखनीय खबरों में प्रमुख है 1) तीन विपक्षी राज्यों ने पीएम-श्री को ना कहा, केंद्र ने स्कूल स्कीम फंड बंद किया। उपशीर्षक है, “दिल्ली पंजाब ने राज्य की योजनाओं का उल्लेख किया के शीर्षक इस प्रकार हैं”। 2) चुनाव के बाद ईवीएम की जांच : चुनाव आयोग 1400 तक वोट से मॉक पॉल कराने की तैयारी में। 3) भोजशाला से संबंधित इंडियन एक्सप्रेस की खबर का शीर्षक है (फ्लैग) सुप्रीम कोर्ट ने कहा : सर्वेक्षण पर अपील की लिस्टिंग पर विचार किया जायेगा। मुख्य शीर्षक है, मौजूदा संरचना मंदिर के भाग से बनाई गई है : भोजशाला पर एएसआई ने हाईकोर्ट से कहा। टाइम्स ऑफ इंडिया की सेंकड लीड का शीर्षक है, 30 सैनिकों के खिलाफ अभियोजन के लिए नगालैंड सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की। केंद्र सरकर ने इस मामले में डेढ़ साल पहले अभियोजन चलाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने अब नगालैंड सरकार की अपील स्वीकार कर ली है। आतंकवादियों पर घात लगाकर हमले का एक अभियान गड़बड़ हो जाने से इन सैनिकों पर 13 नागरिकों की हत्या का आरोप है। दूसरी खबर का शीर्षक है, चेन्नई हवाई अड्डे पर सोने की तस्करी में सहायता करने के लिए ‘आईबी’ के कई अफसर निलंबित। तीसरी खबर दूसरे अखबारों में भी है। इसके अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने अदाणी हिन्डनबर्ग जांच के खिलाफ फैसले की समीक्षा से इनकार किया।

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