इंदौर के ‘खुलासा फर्स्ट’ अखबार ने एक साल पूरा किया

आक्रामक और खुलासा करती खबरों के दम पर बनाई अलग ही पहचान

इंदौर। साल 2020 में जब कोरोना ने देश में दस्तक दी थी, तब मार्च से शुरू हुए करीब तीन माह के लॉकडाउन ने इंदौर के बड़े-बड़े अखबारों की आर्थिक कमर तोड़कर रख दी थी। समय पर वेतन नहीं दे पाने के कारण इन अखबारों ने कर्मचारियों की छंटनी का दौर शुरू कर दिया था। तब कोरोना के संकटकाल और विपरित परिस्थितियों के बीच इंदौर में उदय हुआ सांध्य दैनिक अखबार खुलासा फर्स्ट का।

मात्र 30 लोगों के स्टाफ के साथ 1 जुलाई 2020 को विजयनगर क्षेत्र की बीसीएम हाइट्स बिल्डिंग के एक ऑफिस में शुरू हुए खुलासा फर्स्ट ने आक्रामक और बड़े-बड़े मामलों का खुलासा करती हुई खबरों से इंदौर में जल्द ही अपनी एक अलग पहचान बना ली। ‘24 घंटे 365 दिन और पक्का इंदौरी अखबार’ की टैगलाइन के साथ प्रकाशित होने वाले खुलासा फर्स्ट की असली पत्रकारिता को देख शहर के ऐसे अखबार बौखला गए, जिन्होंने पत्रकारिता को व्यापार बनाकर रखा था।

कम समय में बढ़ती खुलासा फर्स्ट की लोकप्रियता को देख उक्त अखबारों ने षड्यंत्र और अपने दबाव-प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए खुलासा फर्स्ट का ऑफिस करीब 20 दिन में ही खाली करवा दिया, लेकिन इसके बाद भी खुलासा फर्स्ट का हौसला नहीं टूटा और एबी रोड स्थित शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के दफ्तर से अपनी पत्रकारिता के सफर को आगे बढ़ाया और 1 जुलाई 2021 को इसे एक साल पूरा हो गया।

इस एक साल के सफर के दौरान खुलासा फर्स्ट ने बड़े-बड़े स्टिंग ऑपरेशन किए, जिनमें होटलों में ड्रग्स पार्टी और कोरोनाकाल में रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी जैसे प्रमुख मुद्दे शामिल हैं। इसके अलावा नगर निगम की दादागीरी, पुलिस-प्रशासन की नाकामी, हनीट्रैप, होटलों में सेक्स रैकेट, अवैध शराब, डॉक्टर-अस्पतालों, भूमाफियाओं और सफेदपोश नेताओं के काले कारनामों का लगातार खुलासा किया। इसका असर ये हुआ कि सांवेर क्षेत्र के तीन अस्पतालों को प्रशासन ने सील कर दिया।

साथ ही ड्रग्स माफियों को पुलिस ने सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। यहां तक कि निगमायुक्त प्रतिभा पाल को मानना पड़ा कि नगर निगम में निकम्मे अफसरों की फौज है। इन मामलों से खुलासा फर्स्ट की खुलासा करती खबरों की प्रामाणिकता साबित हो गई। लेकिन खुलासा फर्स्ट की खबरों से बौखलाकर निगम अफसरों ने अपने कर्मचारियों से खुलासा फर्स्ट के कार्यालय पर हमला करवा दिया अौर कार्यालय में तोड़फोड़ कर दी गई। इसके बावजूद खुलासा फर्स्ट जनता से किए गए अपने वादे और पत्रकारिता धर्म को निभाते हुए निगम के कारनामों का लगातार खुलासा कर रहे हैं।

आज खुलासा फर्स्ट अपनी इंदौर में 5000 अखबार की प्रतियों के अलावा सोशल और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी उपस्थित है। रोजाना 5 लाख लोगों को वाट्सएप और अन्य सॉफ्टवेयर के माध्यम से अखबार की पीडीएफ पहुंचाई जाती है, जिसका पाठकों को बेसब्री से इंतजार रहता है। इसके अलावा खुलासा फर्स्ट के ऑफिस में वर्तमान में लंबा-चौड़ा स्टाफ है, जो मुस्तैदी के साथ अपने पाठकों तक खुलासा करती खबरों को पहुंचाने का काम करता है। साथ ही इंदौर के अलावा मप्र के 45 स्थानों (जिलें और तहसीलों) में अपनी उपस्थिति दर्ज करवा चुका है।

20 साल तक रिपोर्टिंग करने के बाद खोला खुलासा फर्स्ट… कंट्रोल रूम ऑपरेटर से लेकर संपादक बनने तक का सफर

खुलासा फर्स्ट अखबार के संपादक अंकुर जायसवाल हैं, जो खोजी पत्रकारिता जगत में जाना-पहचाना नाम है। साथ ही पत्रकारों की मदद के लिए वे 24 घंटे और 365 दिन मौजूद रहते हैं। जब भी कोई पत्रकार मुश्किल में होता है तो वह सबसे पहले अंकुर जायसवाल को याद करता है। उसे पता है कि सिर्फ एक ही बंदा है, जो तत्काल मौके पर पहुंच सकता है।

अंकुर जायसवाल की पत्रकारिता की शुरुआत सन 2000 में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से हुई थी। तब वे ओटीजी चैनल में कंट्रोल रूम ऑपरेटर थे। तीन साल यहां काम करने के बाद दैनिक भास्कर ग्रुप के भास्कर टीवी को ज्वाइन किया। यहां भी वे तीन साल कंट्रोल रूम ऑपरेटर रहे। न्यूज चैनल में दिलचस्पी होने के चलते तब संपादक पंकज दीक्षित ने उन्हें खबरें करने का मौका दिया।

इस दौरान उन्होंने कई स्टिंग ऑपरेशन किए। इसका नतीजा ये हुआ कि पंकज जी ने उन्हें 2007 में न्यूज चैनल का संवाददाता बना दिया। उसके बाद 2013 तक बी-टीवी न्यूज में सेवाएं दीं। इसके बाद इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के सूरमा प्रतीक श्रीवास्तव उन्हें लोकल चैनल से रीजनल चैनल साधना न्यूज में ले आए। फिर सांध्य दैनिक प्रभातकिरण से प्रिंट मीडिया की ओर रुख किया। यहां चार साल काम करने के बाद प्रजातंत्र अखबार के मालिक हेमंत शर्मा ने मौका दिया। उन्होंने प्रजातंत्र के ही अंग्रेजी अखबार फर्स्ट प्रिंट में सीनियर रिपोर्टर के रूप में काम किया।

2000 से लेकर 2020 तक 20 साल पत्रकारिता का लंबा अनुभव होने के बाद अंकुर जायसवाल ने 1 जुलाई 2020 को खुद का अखबार खुलासा फर्स्ट शुरू किया, जो आज इंदौर ही नहीं, प्रदेशभर के पत्रकारिता जगत में अपनी खुलासा करती खबरों का परचम लहरा रहा है।

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