दैनिक भास्कर चंडीगढ़ के सिटी चीफ संजीव महाजन को लेकर जो शुरुआती जानकारी भड़ास के पास आई थी वो थी ड्रग रैकेट का हिस्सा होने के आरोप में अरेस्टिंग का. पर ये बात गलत है. उसे करोड़ों रुपये की कोठी हथियाने और फिर बेचने के आरोप में पकड़ा गया है. इस कोठी कांड के लिए संजीव महाजन एंड गैंग ने काफी दिमाग लड़ाया, काफी फर्जीवाड़ा किया, काफी साजिशें रचीं.


कोठी के असली मालिक को ड्रग भी दिया गया. इसलिए संजीव महाजन पर ड्रग वाली धारा भी लगाई गई है. असली कोठी मालिक को इन लोगों ने गुजरात और राजस्थान भेज दिया. पहले उसे किसी के फार्म हाउस पर रखा गया. फिर एक धार्मिक संगठन के हवाले कर दिया गया.
कोठी मालिक को संजीव महाजन एंड गैंग ने घर में घुसकर जबरन मारा पीटा और फिर अपहरण कर लेकर चले गए. कोठी मालिक से ब्लैंक पेपर पर साइन कराए. चेक पर जबरन साइन कराए गए.
भड़ास के पास पूरी एफआईआर की कॉपी आ चुकी है. कहानी पढ़ते पढ़ते दिमाग घूम जा रहा है.
देखें आप भी-






मूल खबर-
कोठी कब्जाने-बेचने में दैनिक भास्कर का सिटी इंचार्ज अरेस्ट
4 Comments
Leave a Reply
Cancel reply
Leave a Reply
भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team
भड़ास मेल: [email protected]
Latest 100 भड़ास
- पत्रकार रोज़ी का एसीपी विवेक भगत पर छाती दबाने और पत्रकार आफ़रीन खान का CRPF जवान पर हिप टच करने का आरोप!
- सत्ता के पक्ष में बैटिंग करने वाले पत्रकारों में उमेश चतुर्वेदी भी शामिल!
- दिल्ली पुलिस की रणनीति : महिला पत्रकारों को छेड़ो और सोशल मीडिया इंफ़्लुएंसर्स से पीआईबी कार्ड मांगो!
- कांग्रेस वाले सीजेपी आंदोलन को लेकर कंफ्यूज़ हैं कि हाथ लगाएं या रहने दें!
- हल्द्वानी के वरिष्ठ पत्रकार योगेश भट्ट ने Nation 27 में शुरू की नई पारी
- मीडिया कारोबार में बड़ा बदलाव: प्रिंट पर दबाव, डिजिटल का उभार, TV चैनलों के लाइसेंस सरेंडर
- मोदी-शाह का ‘आतंक’ खत्म करने के लिए याद किए जाएंगे ‘कॉकरोच’!
- प्रदर्शन की ख़बर को ‘इंडियन एक्सप्रेस’ द्वारा पहले पन्ने से लगभग विलुप्त कर देना उसके ‘साहसिक कौशल’ का प्रमाण है!
- ‘चाय बेची तो किसने कहा था?’ मोदी पर अभिजीत दिपके का सीधा वार, बोले- “हमारे पैसों से दुनिया घूम रहे हैं”
- वरिष्ठ पत्रकारों की आंखों देखी… कैसे लगा लंबे वीकेंड पर नैनीताल से मसूरी तक सैलानियों का सैलाब?
- Gyanesh Kumar: क्या पुलिस वाले महिला पत्रकारों की छाती पर हाथ मार रहे हैं? राहुल गांधी और नेहा वोरा फायर हैं!
- Pyre Movie: वरिष्ठ फिल्म क्रिटिक पंकज शुक्ल को भी पसंद आ गई विनोद कापड़ी की फिल्म ‘पायर’
- LIC के हजारों करोड़ के निवेश पर CBI की FIR, Reliance Capital और अनिल अंबानी जांच के घेरे में!
- स्वरा भास्कर को भांति-भांति तरीके से छेड़ने वाला वह फिल्म डायरेक्टर कौन था?
- टीवी पर ब्रेकिंग न्यूज़ देखने कौन आता है? प्रसार भारती CEO गौरव द्विवेदी ने बदलते न्यूज़ कारोबार का खोल दिया राज
- अखबार छापो तो 5% टैक्स, खबर डिजिटल करो तो Google-Meta ले जाएं विज्ञापन का बड़ा हिस्सा!
- Hindustan Times में बड़ा संपादकीय बदलाव: Sukumar Ranganathan की विदाई, Kunal Pradhan ने संभाली कमान
- मीडिया कंपनियों के शेयरों में लगातार बिकवाली, Nifty Media 2.33% लुढ़का; ZEEL एक महीने में 23% नीचे, Network18 52% टूटा
- 18 साल बाद बिजनेस अखबारों की नई एंट्री, प्रिंट संकट के बीच दक्षिण भारत से तीन नए बिजनेस डेली की दस्तक
- वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज की सारी मार्केटिंग ध्वस्त!
- साबरमती का संत और किंग्सवे हॉल का डांस!
- कोरोनाकाल में दिवंगत पत्रकारों को नोएडा मीडिया क्लब ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि, स्मृतिवन में गूंजे स्मृतियों के स्वर
- कम्पिल में जुटे सैकड़ों पत्रकार, निष्पक्ष एवं जनहितकारी पत्रकारिता पर हुआ मंथन
- पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एस.वाई. कुरैशी ने ज्ञानेश कुमार के अपराध का किया खुलासा, रवीश कुमार बोले- ‘बापू के बड्डे के दिन डाकू की चर्चा’
- फिल्म ‘कवन कसूर’: बिना शोर-शराबे के गाजीपुर की मिट्टी में एक बार फिर भोजपुरी सिनेमा को मिला नया ताना-बाना
- अनिल कुमार की तानाशाही के चलते एनडीटीवी से अलविदा!
- स्वतंत्र पत्रकार हर्ष यादव के साथ जंतर मंतर पर आज क्या हुआ, देखें तस्वीरें
- जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के साथ पत्रकारों को भी नहीं बख्श रही दिल्ली पुलिस, देखें वीडियो
- हिंदू कालेज के शिक्षक और ‘बनास जन’ त्रैमासिक के संपादक पल्लव का आज जन्मदिन है!
- डेरा प्रमुख राम रहीम ने जिन 400 लोगों को बधिया कराया था, आज वही उसके खिलाफ केस लड़ रहे हैं!
- Firstpost को चाहिए इंटरनेशनल डेस्क राइटर्स!
- सड़क हादसे में PIB, दूरदर्शन और CBC के 3 सरकारी सूचना अधिकारियों की मौत!
- पत्रकार अभिषेक सोम, राघव वालिया और ऋषभ राणा के बारे में सूचनाएं!
- वोट चोर ज्ञानेश को बचाने के लिए मोदी ने अपना पूरा पुलिस तंत्र लगा दिया है- संजय सिंह
- सड़क के गड्ढे में बैठी रिपोर्टर की फोटो हुई वायरल तो अगले ही दिन बदली तस्वीर!
- सीएनएन-न्यूज़18 से जुड़ीं पत्रकार अकांक्षा खजुरिया कपूर
- सृष्टि ओझा ने बतौर एसोसिएट एडिटर (Legal) NDTV जॉइन किया!
- टाइम्स ऑफ इंडिया डिजिटल में मेघना डेका बनीं नेशनल एडिटर!
- न्यूज़ एंकर सुरभि तिवारी की एक बार फिर जी मीडिया में वापसी!
- वरिष्ठ लेखिका मृदुला गर्ग के 93 वर्षीय पति मरने से ठीक पहले तक एक नया बिजनेस शुरू करने में जुटे हुए थे!
- एनडीटीवी से कई स्ट्रिंगर्स को हटाए जाने की खबर, देखें स्क्रीनशॉट
- आगरा के पत्रकार पीयूष शर्मा पर फिर दर्ज हुआ एक मुकदमा, अबकी ब्लैकमेल कर पाँच लाख मांगने का आरोप!
- ध्यान में बैठते ही मन कैसे बोलता है, हरिद्वार में गंगा तीरे भड़ासी यशवंत का प्रयोग!
- अमेठी में इंडिया न्यूज के संवाददाता संजय यादव इस पत्रकार संगठन के बने जिलाध्यक्ष!
- वरिष्ठ पत्रकार महेश शर्मा द्वारा संपादित पुस्तक ‘स्याही से शहादत तक’ का विमोचन!
- वरिष्ठ पत्रकार कीर्ति राणा ने ‘स्वदेश’ के साथ अपनी दूसरी पारी भी समाप्त की!
- रिपब्लिक टीवी से अरिजित डे और टाइम्स ग्रुप से पल्लवी उपाध्याय के बारे में सूचनाएं
- पाँचवी की किताब में कविता छपी ‘बन गया खाना..’ कवि का नाम गायब; JCERT पर लीगल एक्शन लेंगे वरिष्ठ पत्रकार अभिरंजन कुमार!
- दैनिक भास्कर ने गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे की जो खबर और वीडियो डिलीट कर दी वह ‘भड़ास’ पर पढ़िए देखिए!
- यूट्यूबर्स ने भारत की GDP में 18,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का योगदान दिया!
- गोदी मीडिया देखकर भ्रम होता है कि यह ख़बरों का चैनल है या अस्पताल का!
- एनडीटीवी से अलग होंगे वरिष्ठ पत्रकार अनुराग द्वारी!
- भास्कर ने बाबाओं का कर दिया स्टिंग, एक ने सरकारी जमीन कब्जा कराने तो दूसरे ने नरबलि के ज़रिए गड़ा सोना दिलाने की बात कही!
- 2036 तक मनी का कोई खास महत्व नहीं रह जाएगा, एलन मस्क से जानिये कैसी दुनिया बनाने जा रहे एआई!
- मीडिया पेशेवर अखिलेश सिंह बने ‘रेडियो सिटी’ में मैनेजर, बिग एफएम से दिया इस्तीफा
- सुप्रीम कोर्ट पहुंचे वरिष्ठ पत्रकार अजीत अंजुम, जानिए पूरा मामला!
- मध्य प्रदेश में ‘गधे’ ने नर्सिंग पढ़ी, परीक्षा दी और नर्स बन गया, देखें सर्टिफिकेट
- एंकर सुरभि तिवारी ने छोड़ा न्यूज़ इंडिया 24X7, देखें वीडियो
- नंदिता मिश्रा और सोनम सिंह ने द इंडियन एक्सप्रेस में शुरू की नई पारी!
- संजय कुमार की टाइम्स नाउ से नई पारी, राजस्थान पत्रिका में निष्ठा बधानी की नियुक्ति
- कैंसर से लड़ रहे संवेदनशील पत्रकार प्रकाश कुमार को मदद की जरूरत!
- नेपाल के पीएम बालेंद्र शाह का संयुक्त राष्ट्र संघ में दिया गया वायरल भाषण नार्वे के प्रमुख अखबार में छपा है!
- वरिष्ठ पत्रकार दिनेश पाठक जी के खाते में एक और किताब दर्ज हो गई; बाकी ‘सब ठीक है!’
- ब्यूरोक्रेसी छोड़ पूर्व आईएएस दिव्या बदलने चलीं यूपी की राजनीति
- रूबिका लियाकत.. अब कहाँ नौकरी मिलेगी?
- रामबहादुर राय पर राजेश जोशी का यह लेख पत्रकारिता का आईना है!
- राजीव नयन बहुगुणा की किताब “काजल कोठा” अब बाज़ार में आ गई है!
- जनता की गाढ़ी कमाई पुष्कर धामी ने अखबारों में अपनी वाहवाही कराने में उड़ाई, देखें लिस्ट
- इंडियन मार्केट के बुरे दिन अभी बीते नहीं हैं, शेयर बाज़ार भारत की सुपर तरक्की का प्रतीक नहीं रहा!
- क्या राजनीति में भी झंडे गाड़ पायेंगी पूर्व IAS दिव्या मित्तल?
- वरिष्ठ पत्रकार और सोशल एक्टिविस्ट असरार ख़ान का इंतक़ाल!
- मनीष श्रीवास्तव बने नवभारत टाइम्स लखनऊ के स्थानीय संपादक
- NBT लखनऊ के स्थानीय संपादक सुधीर मिश्रा का इस्तीफा, इस नए हिंदी चैनल से जुडेंगे!
- ज्ञानेश कुमार की सनक का खामियाजा हजारों बीएलओ भी भुगत रहे हैं- अजीत अंजुम
- कृष्णा मिश्रा ETGovernment से जुड़े, रायटर्स से वरुण सहाय के बारे में सूचना!
- अमर उजाला के न्यूज़ एडिटर उत्कर्ष चतुर्वेदी के एक्सीडेंट की खबर सबको मिल गई, सिवाय सरकारी तंत्र में पत्रकारों का जिम्मा लिए बैठे हाकिमों के!
- टाइम्स नाउ में टेक्नोलॉजी जर्नलिस्ट के पदों पर वैकेंसी
- किसी की मृत्यु होने पर तस्वीर किसी और की लगा दी, जिनकी तस्वीर लगी उन्होंने जीवित होने की आपत्ति दर्ज कराई!
- सच को साफ़ कहना, तथ्यों और तर्कों के साथ लिखना, एक पत्रकार और लेखन की बुनियादी शर्त है, प्रयोजन और परिभाषा भी है!
- वर्ल्ड क्लास फ़िल्म ‘PYRE’ बनाने में विनोद कापड़ी ने अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया, बहुत सारा गँवाया भी!
- बोल्ड, बावली और बवाली है यह अमेरिकी अभिनेत्री!
- ‘अस्सी के रामबहादुर’ का विमोचन और ‘मोदी मार्ग’ की चापलूसी!
- पूर्व पत्रकार और लखनऊ की शान न्यायमूर्ति डीके उपाध्याय सुप्रीम कोर्ट में नए जज होंगे!
- टीवी9 और न्यूज़18 ने एबीपी की पत्रकार निधि तिवारी की फोटो लगाकर सुसाइड की खबर चला दी!
- डीडी फ्री डिश की 102वीं ई-नीलामी में इन तीन न्यूज़ चैनलों को मिला स्लॉट
- दैनिक भास्कर से काकून सेठी, एबीपी से ध्रुब मुखर्जी समेत मीडिया रिसर्च काउंसिल में चुने गए नाम पढ़िए!
- बरेली कलेक्ट्रेट में एडीएम के स्टेनो से रंगदारी मांगने के आरोप में पांच पत्रकारों पर FIR की इनसाइड स्टोरी!
- वीरेंद्र सहवाग की अगुवाई वाले रियलिटी शो में कूटे गए बीजेपी के पूर्व प्रवक्ता शहजाद पूनावाला!
- निशिकांत दुबे की पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने पोल खोली तो मिला नोटिस, अब जवाब पढ़िए!
- 18 अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार जीतने के बाद विनोद कापड़ी की ‘PYRE’ भारत में 23 अक्टूबर को रिलीज होगी!
- अज्ञेय शब्द सृजन सम्मान सुभाष राय को!
- अमेरिकी दबाव में झुकी मोदी सरकार? तिहाड़ जेल में बंद आतंकी ट्रेनिंग के सरगना को सम्मान सहित अमेरिका जाने वाले प्लेन में बिठा दिया!
- मोदीजी घबरा गए हैं…इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक मार्च से जुलाई 26 तक 1.95 लाख सोशल मीडिया पोस्ट हटाने के निर्देश दिए गये!
- यशोभूमि के संपादक श्रीनारायण तिवारी को मिला ‘आज का कर्मवीर अवार्ड 2026’
- आंखों की बीमारी से ग्रसित छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ पत्रकार कमल शुक्ला जी को मदद की जरूरत
- एक अखबारी रिपोर्ट पर छप्पन इंची सरकार अचानक से इतनी डरी-डरी क्यों दिख रही है?
- अस्सी साल की बुढ़ौती में मोदी की इस चापलूसी का क्या मतलब है राय साहब?
- फ़ार्म हाउस में गैंगरेप के बाद पत्रकार से विधायक बने उमेश कुमार फिर आरोपों के घेरे में!
- आज के अखबार : एक ‘खबर’ से बदल गए ‘सर्वसम्मत’ फैसले, सरकार हिली या व्यवस्था – जो हुआ पर्दे में ही है
- NDTV से शिवानी सिंह और HT से निवेदिता जुड़ीं, Lokmat में गजानन दीवान का प्रमोशन!



प्रभु ॐ आत्म बोधानन्द
March 3, 2021 at 11:10 pm
क्यों संजीव, यह सच है क्या ? हिमालय से लेकर कन्याकुमारी तक पत्रकारिता का सफर तय करने का मौका मिला जाने अनजाने गिरते पड़ते। पता नहीं जीवन में कितनी तरह का नशा हमने किया, रिपोर्टिंग की, लेकिन सबसे बड़ा नशा इंसानियत का लगा । दुख हुआ चंडीगढ़ संजीव महाजन से जुड़ी खबर सुनकर। चंडीगढ़ में दिल्ली के बाद वेतनमान अच्छा है लेकिन पत्रकारों की भौतिक तावादी भूख, नेताओं की संगत में रहकर बढ़ जाती है असलियत यह है कि संजीव महाजन के नाम पर खबर किसी दूसरे ग्रुप में भेजी होगी । संंजीव, जल्द सिटी संपादक हो गए थे। अमर उजाला से भास्कर में आये वरिंदर रावत , दैनिक जागरण चंडीगढ़ में गए तो संजीव को मौका मिल गया ।संजीव, युवा हैं डीएसपी क्राइम से लेकर पुलिस विभाग में उनके अच्छे संबंध है और भी अच्छी स्टोरी की लाते हैं कई गेम खेले होंगे ।लेकिन हमारे मित्र रहे, चंडीगढ़ में पूरे 10 साल बिताएं । अब जाकर के बेंगलुरु में संपादक होंने का मौका मिला । संजीव महाजन का दोष क्या है आखिर, चूहा कितना खाएगा, नेता कितना खाता है । चंडीगढ़ में लगभग हर संपादक किसी न किसी सरकारी मकान को कब्जे में लीये है। नो संपादकों के मकान कैंसिल होने के बाद ,
भाइयों ने पॉलिसी बदलवा दी। जबकि उनकी सैलरी पत्रकारों से बहुत अच्छी है कोई जरूरत नहीं है । लेकिन मुफ्त का मजा लेने के शौक ने उन्हें सरकारी मकानों का कब्जा दार बना रखा है ।गवर्नर तक को पॉलिसी बदलनी पड़ी, जिससे हक मारा गया आम श्रमजीवी पत्रकार। संपादक महोदय अपना मजा लेते रहे। स्वर्गीय बाबूलाल शर्मा , नीतिश त्यागी, संजय पांडे संपादकों ने सरकारी मकान के लिए आवेदन ही नहीं किया, न सरकारी सुविधाएं ली । लेकिन हरामखोरी की आदत पड़ जाए तो छूटती नहीं है । ऐसे में अब महाजन ने कुछ किया तो क्या किया, पूरा गैंग होगा भाई, हो सकता है । चलो ,मामले की जांच होगी ।दोषी पाया जाएगा, सजा मिलेगी ।
आखिर छोटा बनकर रहने में बुराई क्या है ,कम से कम नींद अच्छी आती है । धन-संपत्ति तो यहीं छूट जाती है हमें तो ,जो आनन्द जमीन पर गद्दा या दरी बिझाकर सोने में आया , कही नहीं।
दैनिक भास्कर पानीपत में जॉइन किया और प्रबंधक श्री जगदीश जी शर्मा से गेस्ट हाउस की बात की। तो उन्होंने प्रसार प्रबन्धक विजय सिंह सिपहिया जी को गेस्ट हाउस में इंतजाम करने के आदेश दिये। अब रात लगभग 2-ढाई बजे का समय और एक पिठ्ठू , जिसने एक पेंट , कमीज व एक धोती ब्राह्मणों वाली या लुंगी लेकर पहुंचे हमें पानीपत में हरियाणा विकास प्राधिकरण के खाली मकानों, जो किराये की प्रेस के पीछे जीटी रोड पर करनाल जाने सड़क के पास थी और खाली ही थी। कालोनी में पहुंचे तो एक फ्लैट में श्री तिवारी जी , पूरा नाम भूल रहा हूँ, बरेली के थे, अमर उजाला से वरिष्ठ मशीनमैन या आपरेटर के तौर पर आए थे, फिट थे, उन्होंने मुझे एक दरी दी और कहा , भाई यहाँ सोना है तो यहां छत पर सो जाओ या फिर कहीं और। अब मैने सोचा भाई लोग बड़े हैं , थके होंगे , इनकी पार्टी या नींद क्यों खराब करनी अपने शेर दिल मजदूरी खुराटों से। सो अपन ने आव देखा न ताव , होटल लगभग 3-4 किलोमीटर दूर थे। शहर से बाहर जाने का साधन भी नहीं। नौकरी का पहला दिन और वर्ष 2000 या 2001 में 5,500 रुपये की नौकरी , वह भी 1 माह के ट्रायल पर । सेलेक्शन भी चंडीगढ़ में किया तो किसने अति स्वाभिमानी, विद्वान, अनुभवी ग्रुप एडिटर श्री श्रवण जी गर्ग ने, पूछा कहां जाओगे , कहा शिमला, तो पू्छा शिमला क्यों, अब अपन पहले राष्ट्रीय सहारा से पहले शिमला के श्री द्वारिका प्रसाद उनियाल जी के हिमालय टाइम्स में बतौर उप सम्पादक काम कर चुके थे, शादी हुई नही थी, शिमला में कपड़े धो लो तो प्रेस से सुखाने पड़ते थे। पसीना कम आता था और अपन को गर्मी बहुत लगती थी। अब पसीना निकलेगा तो कुँवारे के कपड़े धुलेगा कौन, फिर हम थे भी सुकुमार , हसीना की तरह, अब हसीना को पसीना तो पसं नहीं या यूं कह लें हमें जो हसीना का सामना कालोनी, शहर, आफिस में करना पड़ता तो उन्हें व अपन हीरो को उसकी दुर्गन्ध नहीं सुगंध ही कह लो, का सामना करना पड़ता और लव स्टोरी या आंख मिचौनी का द एन्ड हो जाता। इसीलिए तुरन्त जवाब दिया , शिमला में पसीना नहीं आता या कम आता है, कपड़े कई दिन चल जाते हैं। श्रवण जी पता नहीं किस मूड में थे या प्रबन्धन की जरूरत थी। उन्होंने श्री गिरीश अग्रवाल , श्री सुधीर अग्रवाल जी से -बहुत काम का लड़का भेज रहस होकेन। बात कर हिसार लॉन्चिंग पर भेज दिया, रिसेप्शन पर बैठी सुंदरी से कहा इन्हें हिसार के गिरीश जी मोबाइल, से लेकर गेट तक के सब फ़ोन नम्बर दे दो। अनमने मन से हिसार पहुंचे , काम किया। जाने अनजाने अच्छा ही हो गया। लेकिन यहां भी गर्म, यहीं आज दैनिक भास्कर के वर्तमान नार्थ स्टेट हैड , उस समय सब एडिटर थे बलदेव कृष्ण शर्मा जी से भी मुलाकात हुई और संपादक श्री हरिमोहन शर्मा जी से भी। जो अपनी कार्यशैली के कॉयल थे। लेकिन गर्मी और इस तामसी शरीर का क्या करते। हमने गिरीश जी से हिसाब मांग लिया।अब गिरीश जी ने कहा आप दिल्ली बहुत अप डाउन करते हो , पानीपत संपादक श्री बलदेव भाई शर्मा जी व जीएम व अब जयपुर जे प्रबंध संपादक श्री जगदीश शर्मा जी से मिलो। अब एक तो श्रवण जी, दूसरे बकदेव जी और जगदीश जी, सबकी परीक्षा पर भी खरा उतरना था। सो सी तिवारी द्वारा दी दरी को कन्धे पर डाला और आ गए कॉलोनी के बीच मे बने पार्क में । गर्मियों के दिन और मच्छरों की भरमार। मरता क्या न करता? याद आया पुराने लोगों का मुहावरा -नींद न जाने टूटी खाट……….., भूख न जाने जूठा भात,….. न जाने ……. आगे में नहीं लिखता। बच्चे बड़े हो रहे हैं।
दरी बिझाई , लुंगी या पण्डित की धोती ओढ़कर सो गये। कुछ देर तो मच्छरों का गाना सुना। बाद में थके कथित बुद्धिजीवी बनने वाले कसरती युवक को नींद आ गई। अगले ही दिन 700 रुपये माह पर कॉलोनी में ही कमरा लिया, वहीं दरी व तख्त खरीद लिया। जमीन पर भी सोये। बाद में संपादक बने श्री मुकेश भूषण जी ने शायद कान, लगन व ज्ञान , 2 बार बेस्ट ले आउट जर्नलिष्ट का ग्रुप में पुरुष्कार जीतने के बाद देख समझकर प्रबन्धन की सहमति या श्री जगदीश शर्मा जी के सुझाव और सेंटर से पेज बनवाकर भिजवाने, रिपोर्टिंग, सम्पादन के लिये करनाल का जिला प्रभारी बनाया दिया, तो सम्पादकीय साथी रविकांत ओझ , जो बाद में आज तक दिल्ली में रहे, हमारी ईमानदारी, सरलता , या कम खर्च में सादगी, चाहे मजबूरी की हो, को देख या पता नहीं उनके मन मे सहानुभूति तो थी ही। बोले गुरु हरियाणा में चुनाव हैं और आप बन गए ब्यूरो चीफ, ऑफ कमरे में सामान मत रखना, सारा खुद आ जायेगा। करनाल पहुंचे तो वहां सदर बाजार में ऊपर की मंजिल का मकान श्री सन्दीप साहिल ने दिलवाया। इसलिये यहां भी दरी फर्श पर ही बिझी कई दिन। एक दिन वरिष्ठ सम्पादकीय साथी श्री प्रदीप द्विवेदी जी आफिस के काम से शहर व कमरे में आये, तो जमीन पर सोने की व्यवस्था देख बोले , यार अब ब्यूरो चीफ बन गए हो, ढंग से रहो। बाद में निर्मल कुटिया गुरुद्वारे के पास सेक्टर में सरदार जी का मकान व डबल बेड भी काम आया। यहीं हाल हमारा चंडीगढ़ में दैनिक भास्कर व दैनिक जागरण कार्यकाल के दौरान रहा। और अब बेंगलुरु और हैदराबाद है । हैदराबाद मैं हम मित्र प्रशांत श्रीवास्तव ,डॉक्टर कांबले के साथ हिंदू महासभा के प्रदेश अध्यक्ष कमलेश महाराज के आश्रम में दरी बिछाकर सोते थे। संजीव जैसे पत्रकारों को सबक लेना होगा कि अपराध करो तो नेताओं की तरह करो, पकड़ते ही न बने, या अपराध मत करो । भाई यशवंत भी तो तुम्हारे सामने उदाहरण है। हाउस डॉट कॉम, पत्रकारों का हितेषी उनको सूचना देने वाला ,उनके साथ होने वाले अन्याय के खिलाफ खड़ा होने वाला पोर्टल खड़ा किया। देश में कई ऐसे पत्रकार रहे जो इस दुनिया में नहीं है लेकिन उन्होंने जमीर से समझौता नहीं किया ।
– प्रभु ओम अद्भुत आनंद द्वारा प्रेषित
Durgesh Durgesh Mishra editor uttrakhand ka Aditya
March 5, 2021 at 3:28 pm
Om bhai yah Baat bilkul sahi hai lekin patrakaar ka dosh kya hai Kitna khaya per Ek Taraf Dekha Jaaye to neta Kitna kehte hain patrakaar To Ek chuhe ke Saman khata hai aur Neta Hathi Ki Tarah khata hai agar patrakaar dusri hai to use Saja mile Jo Neta karod ka ghotala Karke dikha Jaate Hain Use tufan se milane chahie
प्रभु ॐ
March 6, 2021 at 4:30 pm
सब को सजा होनी चाहिये, पहले अपराधियों को। अपराध करने वाले नेताओं को। फिर ऐसा करने वाले पत्रकारों को।
चंडीगढ़ का कॉन्सेप्ट ही है ईट, ड्रिंक एंड एन्जॉय।
संजीव तो मोहरा है, असलु अपराधी तो और हैं
प्रभु ॐ
March 6, 2021 at 5:06 pm
जी दुर्गेश भाई
संपादक श्री
उत्तराखंड का आदित्य
तुम अपना उत्तरांखड बचाओ
कम से कम वहां ऐसा न हो
में तो बेंगलोर में हूँ।