रवीश कुमार-
क्या कांग्रेस ने कुम्भ का बहिष्कार किया था? राहुल गांधी नहीं गए लेकिन कितने कांग्रेसी वहां आए। 27 फ़रवरी को कुम्भ खत्म हुआ। 6 मार्च के भास्कर में लेख की हेडिंग लगाई जाती है।
इस तरह की बात कई लेख में हमने देखी। कांग्रेस को हिन्दू विरोधी साबित करने का प्रोपोगैंडा साल भर चलता रहता है। किसी कांग्रेसी को पता भी नहीं चलता होगा। कांग्रेस के उठाए सवाल पर क्या पांच दिन बाद इस तरह की हेडिंग से लेख छपते हैं? राहुल मंदिर जाते हैं तो लेख छपता है कि दिखावा कर रहे हैं, नहीं जाते हैं तो बहिष्कार हो जाता है।
करोड़ों हिन्दू कुंभ में नहीं गए, क्या उन सबकी चेकिंग होगी? क्या यह माना जाएगा कि उन्होंने कुम्भ का बहिष्कार किया? महाराष्ट्र् में बीजेपी उद्धव ठाकरे से पूछ रही कि आप कुम्भ नहीं गए, तो शिव सेना ने पूछा कि मोहन भागवत क्यों नहीं गए?
अगर यह सही है तो क्या भास्कर लिख सकता है कि संघ ने कुम्भ का बहिष्कार किया? क्या इस लेख के लेखक मर्चेंट गए थे स्नान करने? मर्चेंट साहब लिखते हैं कि कुम्भ में नहीं जाने का कांग्रेस ने अलिखित फरमान जारी किया था? इन्होंने सुना था क्या किसी नेता से? ऐसे लेख पाठकों के दिमाग़ में कूड़ा भरने का काम करते हैं।
अफसोस कि अख़बार छापते भी हैं।
हिमांशु कुमार-
यह फर्जी लेखक व पत्रकार कांग्रेस को हिंदू विरोधी साबित करने के लिए भाजपा से पेमेंट लेकर आर्टिकल लिखते रहते हैं।
इस पट्ठे से यह पूछो कि 2014 से पहले नरेंद्र मोदी या किसी भी भाजपा नेता का किसी भी कुंभ में नहाते हुए फोटो दिखा दे।
इस कुंभ में भी मोहन भागवत या आरएसएस के लीडर का फोटो दिखा दे।
लेकिन यह बीजेपी के नौकर पत्रकार अखबार में लेख लिखकर इसी तरह की बकवास करते रहेंगे।
और कांग्रेस जिस तरह सामाजिक न्याय और आर्थिक मुद्दे उठा रही है उससे ध्यान भटकाकर धर्म की तरफ लाने की अपनी गंदी कोशिश जारी रखेंगे।
दैनिक भास्कर में प्रकाशित यह लेख देखें…




RAJAN
March 7, 2025 at 10:28 am
इस तरह का लेख प्रकाशित करना दैनिक भास्कर की समझदारी नहीं