सत्येंद्र पीएस-
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भाजपा 15 करोड़ रुपये देकर हमारे विधायक तोड़कर सरकार बनाने की योजना बना रही है। एन्टी करप्शन ब्यूरो ने इस सिलसिले में केजरीवाल से पूछताछ करने की कोशिश की।
इस पर यह कहा जा रहा है चुनाव हारने के बाद भाजपा पता नहीं कौन सा गति करने वाली है उनकी। जैसा कि एग्जिट पोल आया है, ज्यादातर लोग आप के हारने की संभावना मान रहे हैं। मैने करीब डेढ़ महीने पहले कुछ मित्रों से बातचीत में स्पस्ट कहा था कि भाजपा जीत जाएगी। इलेक्शन के 4 दिन पहले फेसबुक पर सार्वजनिक रूप सेलिख दिया। पहले इसलिए नहीं लिखा कि तमाम फेसबुकिया मित्र सोचेंगे कि मैं भाजपा के लिए माहौल बना रहा हूँ। खैर…
बदले की बात पर आते हैं। हर राजनेता का अपना एक कैरेक्टर होता है। आप Narendra Modi से बदले की उम्मीद न करें। मोदी जिस तरह से प्रचंड बहुमत और चरम लोकप्रियता के साथ सरकार चला रहे हैं, अगर कोई सज्जन से सज्जन नेता होता तो वह थोड़ा बहुत पेट्रोल मूतने ही लगता। लेकिन मैंने नहीं देखा कि पिछले 12 साल में नरेंद्र मोदी ने पर्सनल किसी के खिलाफ बदले की कार्रवाई की हो।
हां, उनके राजनीतिक जीवन मे जिसने भी उन्हें अपमान और उपेक्षा दी, उन्हें एक झटके में हाशिये पर डाल दिया, चाहे वह आडवाणी हों या जोशी। और जिसने प्यार दिया, उसको सूद ब्याज सहित प्यार वापस किया जैसे अरुण जेटली। एक कैरेक्टर उनका यह भी रहा है कि ओबीसी नेताओं के प्रति वह नरमदिल रहे हैं।
एक बात और बताएं। कोयला घोटाला मामले में डॉ मनमोहन सिंह पर सीधे आरोप लग रहे थे। यहां तक कहा जा रहा था कि मनमोहन सिंह की गिरफ्तारी हो सकती है। मनमोहन सिंह ने अपने भाषण में करीब रो सा दिया कि जिंदगी में कभी किसी भ्रस्टाचार का आरोप नहीं लगा और अब ये क्या है? नरेंद्र मोदी उसी दिन मनमोहन सिंह से मिले, उनसे बात की और कहा कि राजनीति चलने दीजिए डॉक्टर साहब। आपकी इंटिग्रिटी पर कोई सवाल नहीं उठा सकता। कोई एजेंसी आपका कुछ करने नहीं जा रही है। शायद आपको ध्यान हो या न हो, उसके बाद न किसी भाजपा नेता ने कोयला शब्द कहा, न किसी एजेंसी ने जांच की।
अरविंद केजरीवाल खिलाफ जो भी जांच चल रही है, वह निहायत जरूरी है। इस बंदे ने हर एक दलित पिछड़े नेता को मंच से चोर बेईमान, भरस्ट बताया कि इन्हें जेल होना चाहिए। अब इनको लग रहा है कि बदले की कार्रवाई में लोग जेल जाते हैं। अभी बहुत कुछ केजरीवाल जी के बारे में लिखा जा सकता है। अभी बस इतना ही।
नरेंद्र मोदी से बदले की कार्रवाई की उम्मीद न करें। नरेंद्र मोदी ने कभी बदले की कार्रवाई नही की है। किसी बहुमत सरकार को बर्खास्त नहीं किया है, किसी विपक्षी सीएम की रातोंरात कुर्सी नहीं छीनी है। जबरी कोई कानून नहीं बनवाया है। कांग्रेस 1991 से ही सवर्ण आरक्षण का वादा करती आ रही थी, उस मामले में संविधान संशोधन हुआ तो वह भी सर्वसम्मति से, केवल राजद और डीएमके ने विरोध किया। नरेन्द्र मोदी का चरित्र समझिए, फिर कुछ लिखिए।


