Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

सियासत

लद्दाख कांड के पीछे भी अदानी ही निकला, जानिये परत दर परत!

एक बार खुद जाकर देख आइए SECMOL और वहां के बच्चों से मिलिए और कैंपस टूर कर लीजिए क्योंकि अपने यहां तो ऐसे स्कूल नहीं है, जिनका टूर कराया जा सके!! आपका एक बार मन जरूर करेगा कि काश हम भी यहीं पढ़े होते….। तब समझ आ जाएगा आखिर क्यों राजकुमार हिरानी ने वो स्कूल ही चुना मूवी के लिए… और क्यों रैंचो सब कुछ छोड़कर लद्दाख चला गया था मूवी में…

नयनी डी वर्मा-

लोग घर बैठे सोशल मीडिया पर देशभक्त और देशद्रोही लिख रहे हैं ; जो खुद आज तक लद्दाख नहीं गए और गए भी हैं तो लेह में रहकर और पैंगोंग लेक बस कार और बाइक से लद्दाख घूमने की ख्वाहिश पूरी करने और all is well करने, तो मान लीजिए आपने रत्ती भर भी लद्दाख नहीं देखा और आपको कोई हक भी नहीं है कि किसी को देशद्रोही बोल बैठें झट से …।

एक बार खुद जाकर देखिए मान गांव, चाइना बॉर्डर के पास और मॉडल विलेज phobrang और changthang गांव जाकर देखिए और गांव के लोगों से खुद बात करिए जहां का सॉफ्ट गोल्ड कहे जाने वाला पश्मीना पूरी दुनिया में फेमस है। आपको चरवाहे लोग खुद बताएंगे अपनी पश्मीना भेड़ों को दिखाकर कि पहले दूर उस पहाड़ी तक हमारी बकरियां और भेड़ें खाने की तलाश में जाती थी, फिर उनको लेने शाम को हम खुद जाते थे और अब एक समय ऐसा आ गया है कि वो पहाड़ी ही अब अपनी नहीं रही, ये सब देखकर दुख होता है कि अपनी जमीन पर हक अब धीरे- धीरे किसी और का ही हो रहा है और हमारे हाथ में कुछ नहीं रह जाएगा अब … हमारा क्या होगा?!! ये सब क्या खाएंगी?!!

सोनम वांगचुक भी यही कहते हैं कि चारागाह की जो जमीनें कार्पोरेट घरानों को सौंपी गई हैं और सौंपी जा रही हैं, सोलर प्लांट के नाम पर या किसी और नाम पर वह बंद होना चाहिए। चरवाहों को उनकी चारागाह की जमीनें सौंपी जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि चारागाह की कुछ जमीनों पर चीन ने कब्जा कर लिया है और जो बची हैं, उन्हें कार्पोरेट को सौंपा जा रहा है। वे अफसोस जताते हैं कि यही वे चारागाह हैं, जहां वे भेंडे़ं पलती हैं, जिनसे दुनिया का सबसे बेहतरीन पश्मीना मिलता है। चारागाह खत्म होंगे तो पश्मीना भी खत्म हो जाएगा।

वांचुक का कहना है कि हिमालय के पर्यावरण को बचाया जाए, जो न केवल लद्दाख बल्कि उत्तर भारत की जीवन रेखा है। यहीं से उत्तर भारत में बहने वाली नदियां निकलती हैं। यहां के ग्लेशियर ही इन नदियों के जलस्रोत हैं। विकास के नाम पर लद्दाख के बहुत ही नाजुक पर्यावरण के साथ खेल किया जा रहा है, जो हमारे लिए और आने वाली पीढ़ियों के लिए बहुत भयानक साबित होने वाला है। कार्पोरेट को बिना सोचे-समझे जमीनें दी जा रही हैं, यहां के पर्यावरण को नष्ट करने वाले उद्योग लगाए जा रहे हैं। वे आगे कहते हैं कि भले ही इसके भयानक दुष्परिणाम आज न दिखें, लेकिन 30-40 सालों के भीतर सब कुछ तबाह हो जाएगा। इसे बचाना जरूरी है, न केवल लद्दाख के लिए बल्कि पूरे देश के लिए।

लद्दाख जहां बारिश न के बराबर होती थी, इस साल बारिश ने खुबानी और सेब की खेती बर्बाद कर दी और जहां कई साल पहले बर्फ कितने फीट में होती थी, अब कुछ ही इंच में सिमटकर रह गई है!!! ऐसा क्लाइमेट चेंज का अनुभव एक बार खुद जाकर ठंडी में कीजिए।

एक बार खुद जाकर देख आइए SECMOL और वहां के बच्चों से मिलिए और कैंपस टूर कर लीजिए क्योंकि अपने यहां तो ऐसे स्कूल नहीं है, जिनका टूर कराया जा सके!! आपका एक बार मन जरूर करेगा कि काश हम भी यहीं पढ़े होते …। तब समझ आ जाएगा आखिर क्यों राजकुमार हिरानी ने वो स्कूल ही चुना मूवी के लिए … और क्यों रैंचो सब कुछ छोड़कर लद्दाख चला गया था मूवी में…??!!

एक बार जाकर देखिए सोलर टेंट, जिसमें आर्मी के लोग रहते हैं और खुद सियाचिन जाकर देखिए, जहां कैसे सोनम सर द्वारा कस्टमाइज्ड सोलर टेंट और कंटेनर में आर्मी के लोग, इतनी ठंडक में भी सीमा पर रहकर आखिर कैसे दिन–रात सेवा दे रहे हैं .. ?!!

एक बार जाकर देखिए जितने गांव में ice stupa project के तहत ice stupa बनाए जाते हैं, क्योंकि इतनी ठंडी में बनाए जाने वाले ice stupa को कुछ भी बोल देना आसान है, लेकिन उसमें दिन रात लगने वाली मेहनत को देखना है, तो एक बार ही सही जनवरी –फ़रवरी में होकर आइए लद्दाख और हर वो गांव जाकर लोगों से खुद बात करिए, जिस-जिस गांव में स्तूपा बनाए जाते हैं …। ( गांव : phyang के आखिरी में, जी हां, वही गांव जहां सोनम वांगचुक का HIAL इंस्टीट्यूट स्थित है और गांव : Tarchit, Gaya, Shara और कारगिल के कुछ गांव)।

लेह में हुई हिंसा वाले दिन के बाद से, मुझे बार–बार फिर से वो दिन याद आ रहा है जब सोनम सर अपनी पद यात्रा पूरी करके और 16 दिन अनशन पूरा करने के बाद तारीख 25 oct, 2024 को वापस हम लोगों के बीच, उसी जोश से वापस में मुलाकात की, जिस जोश से उन्होंने यात्रा पर जाने से पहले मुलाकात की थी …।

जब मुझे पता लगा सर वापस आ गए हैं, तो उनको एक पोस्टकार्ड बनाकर भेंट किया (जिसकी फोटो ये हैं), जिसमें साफ–साफ दिख रहा है ; 25 oct 2024 उनकी वापसी वाला दिन। सर पोस्टकार्ड लेते हुए बोले नयनी ये यात्रा खत्म नहीं हुई है, अभी लंबी चलेगी…। इसमें to be continue… लिखना था तुमको। इंस्टीट्यूट के सभी लोगों ने खुले दिल से स्वागत किया और सर ने कहा कोई भी सवाल हो पूछो, तब एक लोग का सवाल था कि यात्रा कैसी रही आपकी??? सर ने तुरंत जवाब दिया कि सत्याग्रह आंदोलन जैसी और आगे भी जारी रहेगी, क्यों न मुझे इसके लिए जेल भी जाना पड़ जाए?! गांधी जी तरह, मैं जेल में लिखूंगा, लेकिन लद्दाख को बहुत मिस करूंगा, जैसा कि अपनी हर यात्रा में करता ही हूं …।

आखिर कैसे न माने लोग ऐसे इंसान की बात जिसने एक बार नहीं बार – बार स्थानीय लोगों के मन की बात को सुना है और कितनी बार अनशन किया?

वृद्ध लोग खुद बोलते है कि पहले का समय और था हमारे पास सुविधाएं नहीं थी, हम अपनी बात रखते भी कैसे?? लेकिन अब हम हमारे पास कुछ तो सुविधाएं हैं ही और पढ़े लिखे लोग हैं अब हमारे पास भी… क्यों न हम भी साथ में अनशन करे अपने लिए, अपनों के लिए, अपने लद्दाख के लिए …!!

पूरा एक साल लद्दाख में रहने के बाद मेरा खुद का अनुभव कहता है कि अगर आप हर वो इनोवेशन जब खुद की नजर से देखकर वापस अपनी जगह लौटेंगे तो आप पहले जैसे आप न रहेंगे, कुछ सीखकर और समझकर ढेर सारे अनुभवों के साथ लौटेंगे, कुछ खुद में शांत होकर लौटेंगे …। किसी के देशभक्त और देशद्रोही कहने से पहले खुद से सवाल करेंगे …।

लद्दाख में हर कोई सोनम सर को पसंद करे ऐसा बिल्कुल भी नहीं है पर ज्यादातर लोग इज़्ज़त करते हैं सोनम सर की और उनके जेल जाने के बाद, अब लोग खुद जेल जाने को तैयार हो जाएंगे या फिर से एक और अनशन या फिर से अहिंसा से हिंसा वाला मार्ग पर चल पड़ेंगे एक साथ। फिलहाल all is well

हमें बचपन से सिखाया जाता है कि सवाल किया करो, लेकिन ये नहीं बताया जाता कि सवाल सबसे करो, लेकिन सरकार से नहीं … ।

संबंधित खबरें…

शेम शेम मोदी : आज इन्ही सोनम वांगचुक को देशद्रोह का आरोप लगाकर जेल भेज दिया!

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन