



टेक जोन 4 स्थित आम्रपाली लेजर पार्क, ग्रेटर नोएडा वेस्ट में नोएडा अथॉरिटी के नाम पर दुकानदारों से कथित उगाही करने वाले कुछ लोगों को रेजिडेंट्स और स्थानीय दुकानदारों ने रंगे हाथ पकड़ लिया, मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार ये लोग दुकानों से पैसे वसूल रहे थे और साथ में पॉइंट ऑफ सेल यानी POS मशीन से तुरंत रसीद भी काट रहे थे ताकि वसूली को वैध दिखाया जा सके।
पूछताछ के दौरान जब इनसे पहचान पत्र मांगा गया तो ये लोग पहले आनाकानी करते रहे, बाद में एक व्यक्ति ने जो आईडी कार्ड दिखाया वह एक्सपायर निकला और उस पर पद रिसेप्शनिस्ट दर्ज था, जिससे पूरे मामले पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि ये लोग खुद को प्रभावशाली बताने के लिए पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह का नाम लेकर दबाव बना रहे थे, जबकि इनके द्वारा दी गई रसीद पर कहीं भी किसी अथॉरिटी या वैध सरकारी संस्था का कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं था।
घटना के बाद रेजिडेंट्स और दुकानदारों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, पुलिस मौके पर पहुंची और सभी आरोपियों को अपने साथ ले गई, फिलहाल मामले की जांच जारी है और बिसरख थाने की पुलिस द्वारा उगाही के पूरे नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है।
लेजर पार्क सोसाइटी के अपार्टमेंट ओनर एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अविनाश कुमार ने कहा कि नोएडा अथॉरिटी के पास खुले नालों को ढँकने की फुर्सत नहीं है लेकिन अवैध वसूली करने कराने के लिए पर्याप्त टाइम है। बिना किसी पहचान पत्र के उगाही कर रहे इन कथित नोएडा अथॉरिटी कर्मियों की असलियत सामने लाया जाना चाहिए कि क्या ये वाक़ई इंप्लायी हैं या नोएडा अथॉरिटी के बहाने उगाही करने वाला कोई गैंग है!
युवा हिंदू वाहिनी के नोएडा मीडिया प्रभारी वरुण उपाध्याय ने इस उगाही की घटना की जानकारी मिलने के बाद आक्रोश व्यक्त किया और एक प्रेस रिलीज़ जारी कर पुलिस से सच्चाई सामने लाने का आग्रह किया। त्वरित पुलिस कार्रवाई पर संतोष व्यक्त करते हुए वरुण उपाध्याय ने कहा कि लेज़र पार्क के बहादुर रेजिडेंट्स और दुकानदारों ने एकता का परिचय देते हुए अराजक तत्वों को मुंहतोड़ जवाब दिया है। पुलिस प्रशासन को ऐसे माहौल बिगाड़ने वाले उगाहीबाजों के ख़िलाफ़ सख्त से सख्त एक्शन लेना चाहिए।


