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उत्तर प्रदेश

दो माह में लखनऊ पुलिस की हिरासत में दूसरी मौत!

जिस लखनऊ में आईपीएस, पीपीएस, नेता, मंत्री, संतरी की भरमार है वहीं की जनता भगवान भरोसे जीवन जी रही है। नहीं पता कब कौन मार दिया जाये। पुलिस को बेलगाम छूट देने का परिणाम ये है कि माफिया की तरह व्यवहार कर रही पुलिस लोगों को खुलेआम क़त्ल करने लगी है। ऊपर की तस्वीर मोहित पांडेय की है जिसे पुलिस ने हिरासत में पीट पीट कर मार दिया।

FIR पढ़िए

ये हाल है उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की पुलिस का। एक 32 साल का लड़का पुलिसिया गुंडई की भेंट चढ़ गया। सोचिए छोटे और दूर दराज के ज़िलों में तो नंगा नाच होता होगा। वर्दी क्या मिल गई, गुंडई का लाइसेंस मिल गया है इनको।

देखें घटना की कवरेज-

ज्ञात हो कि लखनऊ पुलिस की कस्टडी में दो माह के भीतर ही अमन गौतम नाम के एक दलित युवक की संदेहास्पद हालात में मौत हो गई। अमन गौतम के मामले में आरोपी पुलिस कर्मियों की गिरफ्तारी नहीं हुई।

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