दिनेश रघुवंशी-
अपूर्णीय क्षति। हरियाणवी और हिंदी के प्रख्यात कवि, लेखक, उपन्यासकार और दैनिक हिन्दुस्तान समाचार पत्र के वरिष्ठ पद से सेवानिवृति के पश्चात काव्यमंचों पर पूरी तरह समर्पित श्री महेंद्र शर्मा जी नहीं रहे। लम्बे समय से अस्वस्थ चल रहे श्री महेंद्र शर्मा जी बेहद ज़िंदादिल इंसान थे।

अपनी खुद्दारी के कारण कभी कोई समझौता नहीं किया उन्होंने। तमाम प्रतिष्ठित पुरुस्कारों से उनको नवाज़ा गया। हरियाणा साहित्य एकादमी, काका सम्मान जैसे बड़े सम्मान उनको प्राप्त हुए। लाल किला से अनेक बार काव्यपाठ कर उन्होंने अपनी धाक जमाई। रेवाड़ी के खलीलपुर गाँव में जन्में महेंद्र जी जीवन भर सबकी मदद को तत्पर रहे। मेरे लिए यह पल बेहद दुःखद है।
मेरे शुरुआती काव्य सफ़र के वो सबसे बड़े संबल थे। सैकड़ों काव्यमंच उन्होंने मुझे दिए। मेरी प्रगति पर बहुत प्रसन्न होते थे। मेरे बड़े भाई की भूमिका में महेंद्र जी सदैव मेरे साथ रहे। बेहद हँसमुख स्वभाव के धनी महेंद्र जी का निधन हिंदी और हरियाणवी साहित्य का बड़ा नुक्सान सर। ऐसे महामानव को भावपूर्ण श्रद्धांजलि। ईश्वर उन्हें अपने चरणों में स्थान दे।
हरीश पाठक-
बेहतरीन मित्र, सुलझे हुए पत्रकार और मंच के सफल हास्य कवि महेंद्र शर्मा का निधन स्तब्ध कर गया। वे अरसे तक दैनिक ‘हिंदुस्तान’ (दिल्ली संस्करण) से जुड़े रहे। उसके बाद वे अणुव्रत भवन की पत्रिका ‘सफर अणुव्रत संकल्पों का’ के संपादक रहे।
अरसे से वे लिवर सम्बन्धी बीमारी से जूझ रहे थे। आज उन्होंने अंतिम सांस ली। उनकी शालीनता, सज्जनता, मिलनसारिता और हर वक्त मित्रों की मदद को तैयार भावना दुर्लभ है। अंतिम प्रणाम शर्मा जी।
गणेश झा-
हास्य कवि और पत्रकार महेंद्र शर्मा नहीं रहे। ‘हिन्दुस्तान” अखबार के दिल्ली संस्करण में मेरे साथी रहे वरिष्ठ पत्रकार और हरियाणवी के जानेमाने और प्रतिष्ठित हास्य कवि महेंद्र शर्मा जी के निधन की खबर मिल रही है। बेहद मृदुभाषी और हंसमुख स्वाभाव के महेंद्र जी दूर-दूर तक दूसरे राज्यों तक में कविता पाठ करने जाया करते थे और लौटकर हमें फुरसत में वहां की खबरें यानी मंच पर का हाल सुनाया करते थे। महेंद्र जी को ढेर सारे साहित्यिक पुरस्कारों से भी नवाजा गया था। आज सुबह-सुबह भड़ास पर उनके निधन की खबर देखकर मर्माहत हो गया। महेंद्र जी का जाना मेरे लिए एक अजीज पारिवारिक पत्रकार मित्र का साथ छोड़ जाना है। महेंद्र जी अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि और सादर नमन । ईश्वर उन्हें अपने श्री चरणों में स्थान प्रदान करने की कृपा करें।


