बरेली | शहर में अपराध की एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जिसमें एक विधवा महिला और उसकी सास को बर्बर तरीके से प्रताड़ित करने, उनकी संपत्ति हड़पने और 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का मामला उजागर हुआ है। इस पूरे षड्यंत्र में एक कथित पत्रकार की भी संलिप्तता पाई गई है।
आरोपियों ने विधवा का गला दबाकर हत्या करने की कोशिश की, गले से सोने की चेन लूट ली और जबरन घर पर कब्जा करने के लिए कमरे के ताले तोड़कर कीमती सामान चोरी कर लिया। पीड़िता ने एसपी सिटी मानुष पारिख से गुहार लगाई, जिसके बाद थाना बारादरी में आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
मुकदमे में जिसका नाम है उसमें- पत्रकार मयूर तलवार, रोली, अनीता, आकाश और एकता नामक महिला का नाम शामिल किया गया है।
संपत्ति हड़पने के लिए रची गई साजिश
हरुनगला, थाना बारादरी निवासी शशि के परिवार में पिछले डेढ़ साल के भीतर उसके ससुर बाबूराम, देवर सुनील और पति देवेंद्र सिंह की आकस्मिक मौत हो चुकी है। इसके बाद परिवार में केवल शशि और उसकी विधवा सास कलावती ही बची थीं। शशि अपने पति के शाहजहांपुर के बंडा स्थित मेडिकल स्टोर का संचालन करने लगी।
बरेली के हरुनगला स्थित मकान की रजिस्ट्री शशि के नाम है। लेकिन, इसी मकान को हड़पने के लिए उसकी ननद अनीता, अनीता की बेटी रोली, बेटे आकाश, कथित पत्रकार मयूर तलवार और एक महिला एकता ने मिलकर एक संगठित गिरोह तैयार कर लिया।
अवैध धंधों में लिप्त गिरोह
पीड़िता शशि का आरोप है कि उसकी ननद अनीता की बेटी रोली और बेटा आकाश अनैतिक कार्यों में लिप्त हैं। रोली के साथ मयूर तलवार नाम का कथित पत्रकार रहता है, जो इस गैंग के लिए ब्लैकमेलिंग और झूठे मुकदमे दर्ज कराने का काम करता है।
गिरोह ने कई लोगों को झूठे बलात्कार और छेड़छाड़ के मुकदमों में फंसाकर ब्लैकमेल किया है और लाखों रुपये की ठगी की है। शशि ने बताया कि अगर कोई उसकी मदद करने की कोशिश करता है तो ये लोग उसे झूठे केस में फंसा देते हैं।
आरोप है कि इन लोगों ने न केवल संपत्ति हड़पने की जिम्मेदारी ली, बल्कि शशि का गला दबाकर हत्या करने की कोशिश भी की। मयूर और आकाश ने गंदी गालियां दीं, छेड़छाड़ की और गले में पहनी सोने की चेन लूट ली। इतना ही नहीं, आरोपियों ने धमकी दी कि “अब इस मकान पर हमारा कब्जा होगा, वरना 5 करोड़ रुपये दो। अगर मकान पर दोबारा आईं, तो तुम्हारी और तुम्हारे बच्चों की लाश बिछवा देंगे।”
पीड़िता और परिवार दहशत में
इस घटना के बाद से शशि, उसकी सास और बेटा जान का खतरा महसूस कर रहे हैं। उन्हें डर है कि यह गिरोह कभी भी उनकी हत्या कर सकता है।
शशि ने एसपी सिटी मानुष पारिख को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई। एसपी सिटी के आदेश पर थाना बारादरी में आरोपियों के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
अब सवाल यह उठता है कि क्या पुलिस इस संगठित गैंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी? क्या विधवा को न्याय मिलेगा? या फिर पैसे और रसूख के दम पर ये अपराधी बच निकलेंगे? देखना होगा कि पुलिस और प्रशासन इस मामले में क्या ठोस कदम उठाते हैं और क्या पीड़िता को इंसाफ मिल पाएगा?
पत्रकार पर पुलिस से नजदीकी का लाभ उठाने का आरोप… देखें तस्वीरें और कवरेज






