फर्जी पत्रकारों का गढ़ बनता जा रहा है मेरठ

Saleem Akhter Siddiqui : मेरठ फर्जी पत्रकारों का गढ़ बनता जा रहा है। हैरत की बात यह है कि वे लोगों को ब्लैकमेल करते हैं, पैसा वसूलते हैं, लेकिन उनके खिलाफ कभी कार्रवाई नहीं होती। उनसे पूछो कि किस अखबार या चैनल से हैं, तो ऐसे चैनल या अखबार का नाम लेते हैं, तो कभी न देखा और न पढ़ा। ठाठ ऐसे कि असली पत्रकार उनसे ईर्ष्या करने लगें। ऐसे साप्ताहिक और पाक्षिक अखबारों के ढेरों संवाददाता मिल जाएंगे, जो शायद ही कभी छपता हो। पैसे लेकर ऐसे लोगों को आई कार्ड या बना दिया जाता है, जिन्हें पत्रकारिता का कखग भी नहीं आता।

पिछले दिनों ऐसे ही एक फर्जी पत्रकारों के ‘गिरोह’ से आमना-सामना हो गया। मुझसे कहने लगे, आपका कभी नाम नहीं सुना। फील्ड में भी कभी आपको नहीं देखा। गिरोह का दावा था कि वह पिछले 30 साल से पत्रकारिता में है। मैंने पूछा, राजेंद्र माथुर का नाम सुना है? कहने लगे, कौन राजेंद्र माथुर। मैंने फिर कहा, सुरेंद्र प्रताप सिंह का नाम तो सुना होगा, कहने लगे कि नहीं। मैंने कहा, एमजे अकबर का नाम तो सुना ही होगा। कहने लगे, वे पत्रकार थोड़े ही हैं, वे तो भाजपा के प्रवक्ता हैं।

मेरठ के पत्रकार सलीम अख्तर सिद्दीकी के फेसबुक वॉल से.



भड़ास व्हाट्सअप ग्रुप- BWG-10

भड़ास का ऐसे करें भला- Donate






भड़ास वाट्सएप नंबर- 7678515849

Leave a Reply

Your email address will not be published.

*

code