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मध्य प्रदेश

माखनलाल यूनिवर्सिटी के छात्रों ने लड़ाई के लिए कमर कसी

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय का आंतरिक विवाद गहराता जा रहा है। कभी फर्जी नियुक्ति का मामला, कभी छात्र विरोधी स्थितियां तो कभी शिक्षकों के शोषण का मसला। इस तरह के एक नहीं बल्कि सैकड़ों प्रकरण उलझे हुए हैं। ऐसा लगता है, जैसे माखनलाल विश्वविद्यालय और विवादों का आपस में चोली-दामन का साथ है। विगत पांच सालों से लागातार छात्र हित की अनदेखी की जा रही है। छात्रों ने अपने हित की लड़ाई के लिए कमर कस ली है।

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय का आंतरिक विवाद गहराता जा रहा है। कभी फर्जी नियुक्ति का मामला, कभी छात्र विरोधी स्थितियां तो कभी शिक्षकों के शोषण का मसला। इस तरह के एक नहीं बल्कि सैकड़ों प्रकरण उलझे हुए हैं। ऐसा लगता है, जैसे माखनलाल विश्वविद्यालय और विवादों का आपस में चोली-दामन का साथ है। विगत पांच सालों से लागातार छात्र हित की अनदेखी की जा रही है। छात्रों ने अपने हित की लड़ाई के लिए कमर कस ली है।

समय और काल के साथ साथ सबकुछ बदल जाता है। आज वही बदला हुआ स्वरूप माखनलाल के छात्रों में देखने को मिल रहा है। छात्र हित में आगे आकर सोशल मीडिया पर कैंपेन कर रहे छात्रों ने बात करने पर बताया कि समय के साथ हम एकजुट होकर भोपाल से दिल्ली तक की सड़कों पर मार्च करेंगे। हमारा उद्देश्‍य व्यक्तिगत नहीं बल्कि देश के कोने कोने से आए माखनलाल विवि में पत्रकारिता की पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए है, जिनका भविष्य अधर में लटका हुआ है। 

समय के तेज गति के साथ अगर इस अभियान को नहीं रोका गया तो इसके परिणाम विस्फोटक हो सकते हैं। छात्रों के द्वार Save MCU Save Journalism #लड़ाईजारीहै के पेज की शुरूआत दो दिन पूर्व हुई है और इसके लाईक की संख्या हजार से उपर पहुंच गई है। पीएमओ और शिवराज सिंह के पेज पर हजारों छात्रों द्वारा लिखा गया है जो यह दर्शाता है कि छात्रों ने अपने हित की लड़ाई के लिए कमर कस ली है।

निरंजन कुमार से संपर्क : [email protected]

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2 Comments

2 Comments

  1. rahul upadhay

    June 9, 2015 at 8:16 pm

    जब मीडिया की पाठशाला में ये हाल है तो सोचो जब यहाँ से पासआउट कही प्रिंट या इलेक्टॉनिक मीडिया में काम करते होंगे तो उन पर क्या बीतति होगी जब वे किसी अखबार या चैनल के लिए काम करते है…………………………………… ये आप बीती वे ही बता सकते है पर मौन है

  2. Snehashish Samrat

    June 15, 2015 at 8:01 am

    Bahut umda prayas

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