पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की चर्चित किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ की प्री-प्रिंट कॉपी के लीक होने और उसके प्रसार को लेकर दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। बताया जा रहा है कि इस किताब को अभी तक संबंधित सरकारी अधिकारियों से आधिकारिक मंजूरी नहीं मिली थी, इसके बावजूद इसकी कॉपी ऑनलाइन सर्कुलेट होने लगी।
दिल्ली पुलिस को अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और न्यूज़ फोरम्स पर ऐसी जानकारी मिली थी, जिसमें दावा किया गया था कि ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ नाम की किताब की प्री-प्रिंट कॉपी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है। इसी आधार पर पुलिस ने संज्ञान लेते हुए मामले की जांच शुरू की।
दिल्ली पुलिस ने दर्ज किया मामला
रिपोर्ट्स के मुताबिक, किताब के प्रकाशन के लिए जरूरी सरकारी अनुमति अभी तक नहीं दी गई थी। इसके बावजूद जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि इसी नाम से तैयार की गई एक टाइपसेट किताब का पीडीएफ वर्जन कई वेबसाइटों पर मौजूद है। शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि यह किताब पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा प्रकाशित किए जाने की प्रक्रिया में थी।
इसके अलावा कुछ ऑनलाइन बिक्री प्लेटफॉर्म्स पर किताब का कवर भी दिखाई दे रहा था, जिससे यह संकेत मिलता है कि किताब को बिक्री के लिए पेश किया जा रहा था। चूंकि इस प्रकाशन को अभी आधिकारिक मंजूरी नहीं मिली थी, इसलिए कथित लीक और नियमों के उल्लंघन को लेकर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल में मामला दर्ज किया गया है। अब स्पेशल सेल पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
पब्लिश होने से पहले ही चर्चा में आई किताब
साल 2024 में जनरल एम.एम. नरवणे की आत्मकथा ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ के आधिकारिक रूप से रिलीज़ होने की घोषणा की गई थी। उस समय कई बुकस्टोर्स पर इसकी प्री-ऑर्डर बुकिंग भी शुरू हो चुकी थी और बड़ी संख्या में पाठकों ने इसे ऑनलाइन ऑर्डर किया था। लेकिन बाद में अचानक इसका लॉन्च रोक दिया गया।
अब साल 2026 आ चुका है और यह किताब अब तक आधिकारिक तौर पर प्रकाशित नहीं हो पाई है। इसी बीच पिछले हफ्ते यह किताब एक बार फिर सुर्खियों में आ गई, जब इसकी एक हार्डकवर कॉपी संसद में देखी गई। हैरानी की बात यह रही कि यह कॉपी किसी ब्लैक मार्केट में नहीं, बल्कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी के हाथ में नजर आई।
राहुल गांधी जिस कॉपी को दिखा रहे थे, वह कोई अधूरी ड्राफ्ट नहीं थी, बल्कि पूरी तरह छपी हुई हार्डबैक किताब थी। इस घटना ने किताब के लीक होने, उसकी उपलब्धता और सरकारी मंजूरी की प्रक्रिया पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुष्प रंजन-
शाब्बाश दिल्ली पुलिस! केस दर्ज़ किया, तो अब लग जाओ गिरफ़्तारी और नरवणे की किताब की प्री-प्रिंट कॉपी जब्त करने में. ये तो अंग्रेज़ों के समय होता था.
दिल्ली पुलिस ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे की ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ नाम की किताब की कथित तौर पर प्री-प्रिंट कॉपी सर्कुलेट होने के बारे में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन न्यूज़ फोरम पर चल रही जानकारी का संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, पोस्ट और रिपोर्ट में दावा किया गया था कि किताब का प्री-प्रिंट वर्जन ऑनलाइन शेयर किया जा रहा था, जबकि इसके प्रकाशन के लिए ज़रूरी मंज़ूरी, संबंधित अधिकारियों द्वारा अभी तक नहीं दी गई थी।
दिल्ली पुलिस ने एक बयान में कहा, “जांच के दौरान, पुलिस ने पाया कि उसी शीर्षक वाली एक टाइपसेट किताब की PDF कॉपी कुछ वेबसाइटों पर उपलब्ध थी। ऐसा लगता है कि यह दस्तावेज़ M/s पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा तैयार किया गया था। इसके अलावा, कुछ ऑनलाइन मार्केटिंग प्लेटफॉर्म पर तैयार किताब का कवर दिखाया जा रहा था, जिससे पता चलता है कि किताब खरीदने के लिए उपलब्ध थी.”
अनंत विजय-
दिल्ली पुलिस के FIR के बाद पेंग्विन का बयान- जन नरवणे की पुस्तक अभी छपी नहीं। अच्छा होता ये बयान उस दिन आता जिस दिन राहुल गांधी संसद में पुस्तक लेकर आए थे और उसपर पेंग्विन का लोगो दिख रहा था।




