इस मराठी लेखक ने साहित्य अकादमी पुरस्कार लेने से मना कर दिया

अमितेश कुमार-

“मैंने चार सालों से पुरस्कार लेना बंद कर दिया है। समाज ने मुझे बहुत कुछ दिया है। तो मुझे नहीं लगता कि मुझे और पुरस्कार लेना चाहिए। यह नितांत निजी कारण है और इसमें कोई राजनीति नहीं पढ़नी चाहिए।”

ऐसा कहते हुए इस वर्ष के मराठी भाषा के साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित (जिसकी घोषणा कल ही हुई है) नन्द खरे ने पुरस्कार लेने से इनकार कर दिया है।

बधाई के घटाटोप अंधेरे में एक्सप्रेस की आठवें पन्ने में दबी छोटी सी ख़बर साहित्य का उजाला है।


विजय शंकर सिंह-

मराठी लेखक नंदा खरे ने साहित्य अकादमी पुरस्कार लेने से मना किया।

उन्होंने कहा-

‘I was conveyed this afternoon that my novel ‘Udya’ was chosen for Sahitya Akademi award. I politely refused to accept the award since I have stopped accepting awards for the past four years. Society has given me a lot. So, I feel I shouldn’t accept more. This is entirely a personal reason and nothing political should be read into it’
( इंडियन एक्सप्रेस )



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