Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

सियासत

नेशनल हेराल्ड केस: मोदीजी इन दो कारणों से राहुल गांधी से खौफ खाते हैं!

शीतल पी सिंह-

एक जज ने रीढ़ दिखाई… नेशनल हेराल्ड मामले में गांधी परिवार पर ईडी के आरोप को रद्दी की टोकरी में डाला। कहा- ईडी अपने अधिकारों का दुरुपयोग कर रही है। यह मामला एक व्यक्ति (सुब्रमण्यम स्वामी) की ज्यूडीशियल कम्प्लेंट के कारण पैदा हुआ न कि किसी FIR से!

ग़ौरतलब है कि दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने भी ईडी की चार्जशीट के आधार पर एक FIR संसद के शीतकालीन सत्र के ठीक पहले दर्ज कर ली थी। ये सारे मामले राजनीतिक धौंसपट्टी के चलते चलाए जा रहे हैं, कोर्ट को शायद ऐसा लगा।


विजय सिंह ठकुराय-

मोदी जी वर्तमान समय में सिर्फ और सिर्फ राहुल गांधी से खौफ खाते हैं, उसके दो सबसे अहम कारण हैं।

पहला – पिछले 11 साल में जितनी छिछली और बदले की राजनीति की गई है, राहुल गांधी स्पष्ट तौर से उसे भूलने और माफ कर देने के मूड में नहीं दिखता है। वह खुलकर कहने लगा है कि – एक दिन सबका हिसाब होगा।

दूसरा कारण – राहुल गांधी आज 100 सीट पर है। यह वो पॉइंट है, जहां से मात्र 30-40 सीट की बढ़त मोदी जी की कुर्सी की टांग तोड़ने के लिए पर्याप्त है। धातव्य रहे कि सोनिया गांधी ने भी किसी समय में 145 सीट लाकर अटल जी के इंडिया शाइनिंग की हवा निकाल दी थी।

वे लोग मूर्ख हैं, जो यह सोचते हैं कि राहुल गांधी के जेल से बाहर रहने में ही मोदी जी का फायदा है। वास्तव में मोदी जी 11 वर्ष से अपनी राह के इस आखिरी कांटे को साफ करने की जुगत भिड़ा रहे हैं पर आज तक एक मामला तक नहीं खोल पाए। ले-दे कर सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा दर्ज कराया हुआ “नेशनल हेरॉल्ड” का फर्जी मामला 11 साल से घसीट रहे थे, जिसमें न कोई धन का आदान-प्रदान हुआ, न किसी पक्ष को आर्थिक लाभ हुआ। फिर भी “मनी लांड्रिंग” का मामला बनाया हुआ था, ताकि एक झूठा नैरेटिव चलाया जा सके कि – गांधी जमानत पर बाहर है।

आज कोर्ट ने इस नैरेटिव की भी हवा निकाल दी और ईडी की चार्जशीट का संज्ञान लेने से ही मना कर दिया।

11 साल से तुमने उस बंदे की खूब जासूसी कर ली, एजेंसियों को दौड़ाया, पर आज तक राहुल नामक इस बंदे के दामन पर भ्रष्टाचार का एक भी दाग नहीं ढूंढ पाए हों, न ही 70 साल में इसके खानदान द्वारा लूटी गई दौलत ढूंढ पाए हो, तो इसके दो ही निष्कर्ष संभव हैं।

या तो हमारा नेता वास्तव में ईमानदार है। अथवा आपका नेता एक नम्बर का निकम्मा है।


आजादी से पूर्व क्रांतिकारियों की आवाज को एक प्लेटफार्म प्रदान करने के लिए नेहरू जी ने अपने कुछ सहयोगियों के साथ “नेशनल हेराल्ड’ नामक अखबार की स्थापना की थी।

आजादी के बाद धीरे-धीरे अखबार की माली हालत खस्ता होती गयी। अब चूंकि यह अखबार कांग्रेस की हैरिटेज था तो इसे पुनर्जीवित करने के लिए 2002 से 2011 तक कांग्रेस ने ब्याजमुक्त 90 करोड़ का ऋण प्रदान किया, ताकि अखबार के तनख्वाह, टैक्स इत्यादि खर्चे चलते रहें। नॉन-कमर्शियल उद्देश्य से ऐसा राजनीतिक दल कर सकते हैं, चुनाव आयोग ने स्पष्ट कर रखा है।

पर फिर भी अखबार की हालत न सुधरी और कर्जा चुकाने की स्थिति न बनी तो सोनिया और राहुल ने “यंग इंडियन” नामक एक कंपनी बना कर 50 लाख रुपये पेमेंट कर के नेशनल हेराल्ड के ऋण को इक्विटी शेयर में बदल कर नयी कंपनी में ट्रांसफर कर दिया। एक तरह से – लोन माफ कर दिया। इस पर आरोप है कि यह नेशनल हेराल्ड के 5000 करोड़ के एसेट्स पर कब्जा करने की साजिश है, जबकि नेशनल हेराल्ड की पैरेंट कंपनी “AJL” तथा “यंग इंडियन’ दोनों नॉन-प्रॉफिट आर्गेनाइजेशन हैं। अर्थात – सोनिया अथवा राहुल इस अखबार से एक पैसे की कमाई अथवा तनख्वाह लेने या कुछ भी खरीदने-बेचने के कानूनी हकदार नहीं होते। उसके अलावा नेशनल हेराल्ड के पास लखनऊ में अपनी सिर्फ एक संपत्ति है, बाकी 4-5 संपत्ति उसे लीज पर दी गयी थीं। अर्थात नेशनल हेराल्ड की 5 हजार करोड़ की मिल्कियत के दावे भी झूठे हैं।

सुब्रह्मण्यम स्वामी ने पहले काँग्रेस द्वारा कर्ज दिए जाने को लेकर चुनाव में शिकायत दर्ज कराई, वहां से बैरंग लौटे। 3 साल कोर्ट में केस लड़ा। कुछ हासिल नहीं हुआ। फिर आपियों के मसीहा शांति भूषण जी मदद के लिए प्रकट हुए। आरोप लगाया कि शेयर ट्रांसफर करने से पहले कंपनी के ओरिजनल 5000 शेयर होल्डर के आज जीवित बचे 1057 शेयर होल्डर में से 296 शेयर होल्डर्स से ट्रांसफर परमिशन नहीं ली गयी। शांति भूषण भी उनमें से एक हैं। इनके पप्पा जी के पास भी अखबार के कुछ शेयर थे। भूषण जी के साथ 10-12 शिकायतकर्ता और प्रकट हो गए। अपने गौप्रेमी जस्टिस काटजू जी भी उनमें से एक हैं।

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन