नोएडा पुलिस ने वरिष्ठ पत्रकार, उनकी पत्नी, 3 बेटियों, नाबालिग बेटे समेत 11 परिजनों को जेल भेजा!

ये प्रकरण थोड़ा पुराना है. बीते साल 16 नवंबर का वाकया है. सुबह 4 बजे का. नोएडा पुलिस की टीम ‘हिंद की जमीन’ नामक अखबार के एडिटर के घर आती है और पूरे परिवार के 11 लोगों को उठाकर जेल भेज देती है. हिंद की जमीन अखबार के एडिटर इसाक सैफी हैं. ये समाचार पत्र नोएडा से निकलता है. इसका प्रकाशन पिछले 20 वर्षों से लगातार हो रहा है. पत्रकार इसाक सैफी का कहना है कि वे अखबार के जरिए समय-समय पर आम जन पर पुलिस जुल्म की खबरें छापते रहते हैं. सच्चाई दिखाने का प्रयास करते हैं.

16 नवंबर की सुबह 4:00 बजे करीब 25 से 30 पुलिसकर्मियों की टीम घर पर आई और पत्नी, तीन बेटियों, एक बेटा, पांच भतीजों सहित परिवार के 11 लोगों को गिरफ्तार कर ले गई. पत्रकार और उनके 20 परिजनों के खिलाफ 15 नवंबर को रात्रि 12:00 बजे एफ आई आर दर्ज की गई और 16 नवंबर को सुबह 4:00 बजे आवास पर आकर पुलिस टीम ने 11 लोगों को गिरफ्तार कर लिया. पत्रकार और दो नाबालिगों, तीन बेटियों समेत सभी 11 लोगों को जेल भेज दिया गया.

पत्रकार इसाक सैफी कहते हैं कि इस प्रकरण की कई बार शिकायत एसएसपी वैभव कृष्ण से की गई. लेकिन आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई. यह हाल पत्रकार और उनके परिवार का है तो नोएडा के आम लोगों के साथ पुलिस क्या करती होगी, सोचा जा सकता है.

पत्रकार इसाक सैफी कहते हैं कि लोग वैभव कृष्ण को इमानदार कहते हैं, पर वे बताएंगे कि आखिर उनकी बेटियों और नाबालिग बेटे का क्या दोष था जो उन्हें जेल में महीने भर रहना पड़ा. यह कहां का जंगल राज है. नोएडा पुलिस में ईमानदारों की नहीं बल्कि बेईमानों का राज है. सैफी कहते हैं- मेरी फेमिली में मेरे किसी बच्चे पर आज तक एक भी कोई केस दर्ज नहीं है.

पत्रकार सैफी के मुताबिक 16 नवंबर को आनन-फानन में 4:00 बजे उनकी पत्नी उनकी तीन बेटी एक बेटा को उठा कर जेल भेज दिया गया. नियम है कि महिला को सूरज छिपने के बाद और सूरज निकलने से पहले गिरफ्तार करने का अधिकार पुलिस के पास नहीं है.

यह भी आदेश है कि किसी पत्रकार के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने से पहले उसकी जांच की जाए, उसके बाद ही मुकदमा दर्ज किया जाए.

जब मेरी बेटी ने यह भी पूछा कि आपके पास गिरफ्तारी वारंट है तो बेटी के साथ बदतमीजी की गई. बदतमीजी करने वाला सतवीर शौकीन सलारपुर है जिसने कहा कि तुम जैसे लोगों को कानून हम सिखाएंगे, पुलिस होती क्या है, हम बताएंगे. उसने यह भी कहा कि जो हम चाहते हैं वही एसएसपी करते हैं. इस पुलिस वाले की कई बार शिकायत की जा चुकी है लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई.

इसाक सैफी का मोबाइल नंबर 9873786788 है. गिरफ्तार की गईं उनकी पत्नी का नाम नसीम जहां सैफी, बैटी शबनम सैफी, शबाना सैफी, रुबीना सैफी, सोनू सैफी (उम्र 11वर्ष), खालिदा अफशाना सैफी, भतीजे फिरोज सैफी, अकबर सैफी, आरीफ सैफी आदि लोग जेल भेजे गए. ये सभी 11 लोग 16 नवंबर से 14 दिसंबर तक जेल में रहे.

इसाक सैफी ने भड़ास4मीडिया से अनुरोध किया है कि उनकी बात को पूरी मीडिया और शासन सत्ता तक पहुंचाया जाए ताकि नोएडा में हो रहे अन्यया से सभी लोग वाकिफ हो सकें.

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