पहाड़ की तरफ घूमने जा रहे हों तो रुक जाइए, हर हिल स्टेशन है जाम!

Neeraj Kumar : The Himalayan Club समेत लगभग सभी फेसबुक ग्रुपों में हाहाकार मचा हुआ है… शिमला जाम, मनाली जाम, हरिद्वार जाम, ऋषिकेश जाम, धर्मशाला जाम, मैक्लोडगंज जाम, बद्रीनाथ जाम, केदारनाथ जाम… हर तरफ जाम… टूरिस्ट कह रहे हैं कि पहाड़ के लोग लूट रहे हैं… पहाड़ के लोग कह रहे हैं कि टूरिस्ट खराब हैं… आठ किलोमीटर लंबे जाम में फँसा आदमी कह रहा है कि उसकी गाड़ी से अगली गाड़ी आगे नहीं सरक रही है, इसलिए जाम लगा है… हर पीछे वाला आगे वाले को कोस रहा है… अपने बगल वाले को कोस रहा है कि इसने गाड़ी फँसा दी, इसलिए जाम लगा है…

आज श्री मानसून जी ने भारत में दस्तक दे दी है… जैसे-जैसे मानसून आगे बढ़ता रहेगा, सब जाम खुलते जाएँगे… फिर कोई भीड़ नहीं होगी… लोगों के दिमाग भी ठंडे हो जाएँगे… मैं इसी वजह से मानसून का आदर करता हूँ… पहले भी कहता आया हूँ और आज भी कह रहा हूँ कि मार्च से जून तक का समय भारत के किसी भी हिस्से में घूमने का समय नहीं होता… इन चार महीनों में घर से बाहर निकलना ही नहीं चाहिए… मैं हर साल इन चार महीनों में यात्रा करने से बचता हूँ… इस साल मार्च में दक्षिण में था, तो आधी-अधूरी यात्रा छोड़कर उत्तर में आया और हिमाचल में एक कमरा लेकर आराम से बैठ गया… दो महीनों से भले ही हिमाचल में हूँ, लेकिन कहीं भी घूमने नहीं गया… जिस तरह दिल्ली में रहकर कभी चांदनी चौक चले जाते हैं, कभी कश्मीरी गेट, कभी शाहदरा, लेकिन उसे घूमना नहीं कहते… वही इन दो महीनों में मैंने किया है… कभी-कभार अपने आसपास के आठ-दस किलोमीटर के क्षेत्र में चला जाता हूँ और आप सोचते हैं कि बहुत घूम रहा है…

मार्च से जून के महीनों में पूर्वोत्तर और हिमालय के ऊँचाई वाले क्षेत्रों को छोड़कर पूरा भारत तपता है… बुरी तरह तपता है… आप भले ही मई-जून में राजस्थान, गुजरात, एमपी आदि घूमने चले जाओ, लेकिन गर्मी से परेशान होकर रोने न लगो, तो कहना… इस बार तो छत्तीसगढ़ में चित्रकोट वाटरफाल भी सूख गया है…

घूमने का सीजन शुरू होता है मानसून आने के बाद… पूरे देश का मौसम खुशनुमा हो जाता है… चारों तरफ हरियाली… दक्षिण में निकलो, तो हैरान हो जाओगे… य्यै ऊँचे-ऊँचे जलप्रपात… य्यै सघन हरियाली… पश्चिमी घाट में तो आपको रजाई-कंबल ओढ़ने पड़ेंगे… बस्तर का चित्रकोट देखो मानसून में… गोवा का दूधसागर देखो… कूर्ग देखो… वायनाड देखो… कास पठार देखो… महाबलेश्वर देखो… बादलों को पहाड़ चढ़ते देखो… और फिर बरसते देखो…

हिमालय को देखो… हिमाचल के देवताओं को देखो… भादो बीस के मेले देखो… यहाँ से सब देवता भादो बीस पर दुर्गम ऊँचाइयों पर जाते हैं… श्रीखंड कैलाश, किन्नर कैलाश, मणिमहेश, भद्रवाह, आदि कैलाश की यात्राएँ करो और कुदरत के आगे अपनी तुच्छता का एहसास करो… फूलों की घाटी देखो… गंगाजी का किनारा देखो…

सब घूमो गर्मी में… हम घूमेंगे मानसून में… श्री मानसून जी भारत में प्रवेश कर चुके हैं…

Akash Sharma : Do you know that Rishikesh is hotter than Dubai nowadays? Ever stood near a car while its AC is on? You’ll experience the amount of heat it generates that you can’t stand more than a minute. Now imagine the scenario here since a month! Yes this picture sums it all.

The amount of traffic & people getting to a particular place for fun & all is deteriorating the place like nothing. Haridwar to Rishikesh takes you only 35-40 minutes but nowadays you can just crawl with your car for 9 to 10 HOURS to get to Rishikesh (and mind you the traffic gets more intense there). Our roads having capacity of 1000 vehicles is getting 5 times the number everyday. There’s no single day passed where you’ll not be stucking in a long jam nowadays.

I really can’t understand that why people are getting blind in seeing the impact this whole thing has on our environment!! I am living in Rishikesh since 23 years, the temp which was used to be 30-35°C in summers have touched 48°C now :/ Trees being cut down, rivers turning into sewer dump yard, and never ending traffic is leading to the doom if this place.

TRAVEL WARNING : THAT IF YOU DON’T WANT TO RUIN YOUR PRECIOUS HOLIDAYS WHIKE GETTING STUCK IN LONG TRAFFIC JAMS WITH SCORCHING HEAT OF SUMMERS.. ABORT THE RISHIKESH PLANS. PLEASE.

चर्चित घुमक्कड़ नीरज कुमार और आकाश शर्मा की एफबी वॉल से.

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