पत्रिका नोएडा से इस्तीफ़ा देने के बाद अमित बाजपेयी ने फ़ेसबुक पर क्या लिखा, पढ़िए

अमित कुमार बाजपेयी-

अलविदा पत्रिका… अक्टूबर 2015 में नोएडा ऑफिस की शुरुआत के साथ आज छह वर्ष से भी ज़्यादा वक़्त बाद पत्रिका समूह को अलविदा कहने का वक़्त आ गया है। कैच न्यूज़ (Catch Hindi) से शुरुआत के बाद पत्रिका (Patrika News) में काम करना काफ़ी तजुर्बे भरा रहा। अलग-अलग प्रोफ़ाइल, शिफ़्ट और लोगों संग काम किया और बहुत कुछ सीखा और जितना संभव हो सका, सिखाया।

एक सबसे बड़ी बात यह रही कि इस दौरान सीखने का जमकर मौक़ा मिला, सीनियर्स ने जमकर भरोसा किया और उस पर खरा उतरने की हर संभव कोशिश की। आख़िरकार अब नए रास्ते की तरफ़ मुड़ने की ज़रूरत आ गई है।

मुझ पर भरोसा जताने, नई ज़िम्मेदारियाँ देने, डाँटने और फिर समझाने के लिए गिरिराज सर ( Giriraj Sharma) आपका बहुत-बहुत धन्यवाद। शेखर सुमन सर (Shekhar Suman) के साथ हालाँकि कम वक़्त काम कर पाया, लेकिन आपके द्वारा जताए गए भरोसे, दी गई नई ज़िम्मेदारियों, हौसला अफजाई के लिए आभार। तमाम लोग जो शुरुआत से लेकर अब तक सफ़र में साथ छोड़कर जा चुके हैं, उन्होंने भी काफ़ी सीख दी, जिनमें Govind Chaturvedi, Manoj Jugran, रंगनाथ सिंह, Atul Chaurasia आदि प्रमुख नाम शामिल रहे।

जबकि सबसे पहले मिलने वाले हनीफ़ जी (Hanif Ahmed) और कैच के मेरे वक़्त के इकलौते बचे साथी गोविंद जी (Govind Adhikari) के अब तक साथ निभाने के लिए शुक्रिया। फ़िलहाल पुराने साथियों में धीरज जी (Dheeraj Sharma) और आशुतोष जी (आशुतोष आर. पाठक) के साथ भी सफ़र अच्छा रहा, जबकि नए साथियों संग रूबरू होने का तो मौक़ा नहीं मिला, लेकिन वर्चुअली जुड़ाव अच्छा रहा।

आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद और ईश्वर से आप सभी की तरक़्क़ी की कामना करता हूँ। अगर किसी को कुछ बुरा लगा हो तो उसके लिए क्षमा चाहता हूँ।

कल से एक नए सफ़र की शुरुआत होगी और नई चुनौतियाँ होंगी, लेकिन आख़िरी में यह कहना मुनासिब रहेगा….

… मुसाफ़िर हो तुम भी, मुसाफ़िर हैं हम भी
किसी मोड़ पर फिर मुलाक़ात होगी।

आभार,

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