जानिए वे कारण जिसके चलते भारी मतों से जीत गया जलाली-नदीम पैनल… (देखें जीत-हार का अधिकृत डाटा)

: प्रेस क्लब आफ इंडिया के चुनाव में राहुल-नदीम पैनल ने विरोधी पक्ष का सूपड़ा साफ किया : राष्ट्रीय सहारा के संजय सिंह ने लगातार पांच चुनावों में भारी मतों से जीतकर रिकार्ड बनाया :

राष्ट्रीय राजधानी में मीडिया कर्मियों के प्रमुख संगठन  प्रेस क्लब आफ इंडिया (पीसीआई) के वाषिर्क चुनाव में राहुल जलाली-नदीम काजमी के नेतृत्व वाले पैनल ने भारी बहुमत से जीत हासिल की है। कार्यकारणी के लिये चुने गये सदस्यों में ‘राष्ट्रीय सहारा’ के संजय सिंह ने लगातार पांच बार ‘प्रेस क्लब आफ इंडिया’ के चुनाव में जीत दर्ज कर इतिहास रचा। निवर्तमान (आउटगोइंग) कमेटी में वे कोषाध्यक्ष थे और इस बार उन्होंने फिर इसी पद पर लड़ने से इनकार कर दिया था। एक्जक्यूटिव के लिये इस बार भी उन्हें रिकार्ड मत हासिल हुये। विरोधी पैनल यानि कि लाहिड़ी-प्रदीप पैनल ने अफवाहें फैलाकर और तरह-तरह के अनर्गल लांछन व आरोप लगाकर ‘वोट फार चेंज’ के लिये वोट मांगे, लेकिन समझदार सदस्यों ने उनके मंसूबे पर पानी फेर दिया। वोटरों ने निवर्तमान मैनेजिंग कमेटी द्वारा कराये गये विकास कायरे को तरजीह दी और एक बार फिर इस कमेटी को पीसीआई की जिम्मेदारी सौंपते हुये यह संदेश दिया कि अब वही क्लब को संचालित करेगा, जो पारदर्शिता, सुचिता और स्वछता के साथ क्लब को आगे ले जायेगा। धुप्पलबाजी और गाल बजाकर क्लब पर कब्जा करने की कवायद फलीभूत नहीं होगी।

30 मई को हुये मतदान के 31 की रात घोषित चुनाव परिणाम के अनुसार मीडियानेट के राहुल जलाली अध्यक्ष पद पर निर्वाचित हुये जबकि द स्टेट्समेन के श्री कृष्णा उपाध्यक्ष निर्वाचित हुये। एनडीटीवी के नदीम अहमद काजमी दोबारा महासचिव और एबीपी न्यूज चैनल की तेजतर्रार रिपोर्टर विनीता यादव दोबारा संयुक्त सचिव निर्वाचित हुई। आकाशवाणी के अरुण जोशी कोषाध्यक्ष पद पर चुने गये। यही नहीं 16 सदस्यीय कार्यकारिणी में से 15 सदस्य राहुल जलाली पैनल के विजयी रहे। 11 बजे से 6.30 तक चले मतदान में कुल 1431 मत पड़े, जो कि एक रिकार्ड ही है।

कार्यकारिणी सदस्यों में राष्ट्रीय सहारा के संजय सिंह, जी न्यूज के नीरज ठाकुर, राष्ट्र टाइम्स के विजय शंकर चतुव्रेदी, न्यूज राइस के उज्जवल कुमार, हिंदुस्तान टाइम्स के फोटोजर्नलिस्ट अजय अग्रवाल, फ्रीलांस फोटोजर्नलिस्ट रवि बत्रा, डीएनए के चन्द्रशेखर लूथरा, उत्तर उजाला के के.एन.जोशी, सहारा समय की कोमल शर्मा, डीएनए के मनन कुमार, टाइम्स आफ इंडिया के मानस प्रतीम गोहाई, सहारा समय के मृगांग प्रभाकर, भास्कर न्यूज के प्रफुल्ल कुमार सिंह और दैनिक हिन्दुस्तान के दिनेश तिवारी शमिल है। प्रतिद्वन्दी गौतम लाहिड़ी पैनल से एकमात्र विजयी प्रत्याशी सुश्री अन्नपूर्णा झा सदस्य कार्यकारिणी चुनी गयीं।

इस बार के चुनाव में अध्यक्ष पद के लिये राहुल जलाली को 792 वोट मिले। उन्होंने गौतम लाहिड़ी को हराया जिन्हें 586 वोट मिले। श्री जलाली पहले भी दो बार (वर्ष 2006 और 2007) पीसीआई में अध्यक्ष निर्वाचित हो चुके हैं। उपाध्यक्ष पद के लिये श्री कृष्णा को 841 मत मिले। उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस की अबन्तिका घोष को हराया जिन्हें 505 वोट मिले। महासचिव पद के लिये नदीम अहमद काजमी को 884 वोट मिले। उन्होंने जनसत्ता (पूर्व) के प्रदीप श्रीवास्तव को हराया जिन्हें 494 वोट मिले। संयुक्त सचिव पद के लिये विनीता यादव ने राष्ट्रीय सहारा के राकेश आर्य को हराया। सुश्री विनीता को 828 वोट मिले जबकि श्री आर्य को 456 वोट से संतोष करना पड़ा। कोषाध्यक्ष पद पर अरुण जोशी को 874 वोट मिले जबकि इसी पद के लिये चुनाव लड़ने वाले राज्य सभा टीवी के संजय कुमार को 428 वोट मिले।

प्रेस क्लब प्रबन्धन ने मतदान के दिन सुचारू मतदान और सदस्यों को बेहतर व्यवस्था के लिये व्यापक प्रबन्ध किये थे। गेट के बाहर प्रचार और नारेबाजी में लगे दोनों पैनलों के प्रत्याशियों और भारी संख्या में उमड़े उनके समर्थकों और सुरक्षा बलों के लिये इस भीषण गर्मी में शीतल मिनरल वाटर का पर्याप्त नि:शुल्क प्रबन्ध किया गया था। लान में पंडाल डालकर और उसके चारों तरफ पानी के फुहारों वाले कूलरों और पंखे लगाये गये थे, ताकि सदस्यों को बाहर बैठने पर भी गर्मी या लू से बचाव हो सके।

11 बजे मतदान शुरू होने से पहले सुबह 10 से 11 बजे तक जनरल बाडी मीटिंग (जीबीएम) में वित्तीय वर्ष 2014-15 का वित्तीय लेखा-जोखा कोषाध्यक्ष संजय सिंह ने प्रस्तुत किया, जिसे सदस्यों ने हाथ उठाकर पारित कर दिया। उन्होंने बताया कि पिछले वित्तीय साल में हुये 4.61 करोड़ Rs आय के मुकाबले इस वित्तीय साल (2014-15) यानि कि उनके कार्यकाल में क्लब ने 5.15 करोड़ की आय अर्जित की है। इस तरह क्लब ने 11.76 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज प्राप्त कर एक रिकार्ड ही कायम किया है।

राष्ट्रीय सहारा अखबार के पत्रकार संजय सिंह : लगातार पांच चुनावों में भारी मतों से जीतकर रिकार्ड बनाया

संजय सिंह ने बताया कि इस साल जो सबसे बड़ा काम हुआ है, वह प्रेस क्लब को भारत सरकार द्वारा आवंटित भूखंड का फुल एंड फाइनल 1.31 करोड़ का भुगतान करना है। यह कार्य उनकी कमेटी द्वारा किये गये कायरे में ‘मील का पत्थर है। श्री सिंह ने विरोधी पक्ष के सवालों का माकूल और तर्कसंगत जवाब दिया। विरोधी पक्ष के सेक्रेट्री जनरल पद के प्रत्याशी प्रदीप श्रीवास्तव ने कहा कि क्लब में निर्माण कायरे पर कितना धन खर्च हुआ है, इसका उल्लेख नहीं किया गया है। श्री सिंह ने कहा कि बैलेंस सीट में ‘रिपेयर एंड रिन्यूअल’  के मद में इसका उल्लेख किया गया है। जिसमें साफ-साफ अंकित है कि इस कार्य में 15 लाख 55 हजार रुपये खर्च किये गये हैं। इस रकम से क्लब में बहुत सारे निहायत ही जरूरी कार्य कराये गये हैं,जैसे- क्लब गेट पर एटीएम (सेन्ट्रल बैंक) के लिये कमरे का निर्माण, जिससे प्रतिमाह भाड़े के रूप में क्लब को 25 हजार रुपये की आय हो रही है।

मीडिया सेन्टर का निर्माण, जिसमें पांच कम्प्यूटर टर्मिनल लगाये गये हैं। ‘भारत के प्रेस क्लब’ में रिसेप्शन और लाबी नहीं थी, उसका निर्माण कराया गया है, जिससे क्लब का इंटरेंस लुक भव्य हो गया है। रेलवे रिजव्रेशन कक्ष का स्थान बदलकर उसके लिये नया कमरा बनाया गया है और जनरल काउंटर की खिड़की बाहर कर दी गयी है, ताकि क्लब के अंदर गैर सदस्यों का प्रवेश रोका जा सके। 1956 से संचालित इस क्लब में रिकार्डस और कागजातों को सुरक्षित रखने का कोई बंदोबस्त नहीं था, जिसके लिये रिकार्ड रूम बनाया गया। कान्फ्रेंस हाल में कार्यक्रमों के दौरान आगंतुकों के खान-पान के लिये एक रिफ्रेशमेंट रूम का निर्माण किया गया, जिसकी निहायत ही जरूरत थी, इसके अभाव में यह कार्य सर्दी-गर्मी-बरसात में बाहर लान में किया जाता था।

तकरीबन 75 साल पुराने प्रेस क्लब भवन की सीवरलाइन बिल्कुल ही ध्वस्त हो गयी थी, और अक्सर ही सीवेज लाइन चोक हो जाती थी, जिसका निदान नया सीवर लाइन डालकर किया गया। क्लब भवन छोटा था और इसका इलेक्ट्रिक लोड कम था। दिनोंदिन क्लब का विस्तार होता गया। इलेक्टि़क से चलने वाले यंत्र और एसी की संख्या में गुणात्मक वृद्धि हुयी, लेकिन इलेक्ट्रिक वायर, केबिल और पावर डिस्ट्रीबूसन यंत्र जर्जर हो चुके थे। क्लब में अक्सर ही विद्युत फाल्ट होने लगा था। पुराना मुख्य केबिल कम क्षमता का होने के कारण अक्सर ही फुंकने लगा था। पूरा क्लब ही एक तरह से लाक्षागृह बना हुआ था।

ऐसे में प्राथमिकता के आधार पर न सिर्फ विद्युत क्षमता बढ़ाई गयी, बल्कि पुराने उपकरणों, तारों और केबिल को बदलकर बिल्कुल ही नयी वायरिंग करायी गयी। यही नहीं, इतने बड़े क्लब की विद्युत सप्लाई जो सिर्फ एक ही जगह से केन्द्रित थी, उसका डिस्ट्रीबूसन चार भागों में बांटा गया। ताकि किसी एक हिस्से में कोई फाल्ट हो तो पूरे क्लब की बिजली न गुल हो। जाहिर है इतना सारा काम सिर्फ और सिर्फ साढ़े 15 लाख में कराया गया, जिसमें से तीन लाख रुपये भारत सरकार के उपक्रम ‘सेल’ ने मीडिया सेन्टर बनाने के लिये स्पांसर किये थे। यानि कि क्लब ने अपने पास से खर्च किये सिफ 12 लाख, जिसमें से तीन लाख रुपये पिछले 12 महीने में सेन्ट्रल बैंक एटीएम से भाड़ा के रूप में आ चुका है। विरोधी पक्ष निरुत्तर था और निराधार हो-हल्ला के सिवा उनके पास कुछ बचा नहीं था। जीबीएम समाप्त होने की घोषणा अध्यक्ष आनन्द सहाय ने की और 11 बजे से मतदान शुरू हुआ।

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Comments on “जानिए वे कारण जिसके चलते भारी मतों से जीत गया जलाली-नदीम पैनल… (देखें जीत-हार का अधिकृत डाटा)

  • jitendra kumar says:

    सभी जीते हुये लोगो को हार्दिक बधाई ……. उम्मीद है , मीडिया के बिस्वास पर खरे उतरेंगे ……

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