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सियासत

पीएम केयर्स फंड : 11531 करोड़ के मालिक मोदीजी से इस पर्देदारी पर कोई कुछ नहीं पूछेगा!

पीएम केयर्स फंड को लेकर नया बखेड़ा उठ खड़ा हुआ है। पीएमओ का सख्त ऑर्डर जारी हुआ है कि अब कोई भी प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदरदास मोदी से इस फंड से संबंधित किसी तरह का सवाल नहीं पूछ पाएगा। और पूछ पाएगा ही नहीं…बल्कि पूछेगा ही नहीं। जबकि इसे लेकर तमाम तरह के सवाल इंटरनेट पर घूम रहे हैं….नीचे पढ़िए


कृष्ण कांत-

पीएम केयर्स फंड : कुछ तो है जिसकी पर्दादारी है…प्रधानमंत्री कार्यालय ने लोकसभा सचिवालय को निर्देश दिए हैं कि ‘PM CARES फंड, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष और राष्ट्रीय रक्षा कोष से जुड़ा कोई भी सवाल लोकसभा में नहीं उठाया जा सकता। ये फंड सरकार के सीधे नियंत्रण या जिम्मेदारी में नहीं आते।’

अब वे पुराने सवाल फिर से जीवित हो गए हैं। सरकार कोर्ट में भी कह चुकी है कि यह निजी फंड है। अगर यह निजी फंड है तो यह प्रधानमंत्री के नाम पर क्यों चलता है?

प्रधानमंत्री खुद जिसके चेयरमैन हों, गृहमंत्री, रक्षामंत्री व वित्तमंत्री इसके ट्रस्टी हों, वह निजी कैसे हैं? वह सवालों से परे कैसे है? पीएम केयर्स फंड में सरकार की हिस्सेदारी वाली 57 कंपनियों ने कुल 2,913.60 करोड़ रु दान किए। पूरे देश में सरकारी कर्मचारियों के वेतन से जबरन पैसे काटकर पीएम केयर्स फंड में डाले गए। यह सब निजी कैसे है?

इस फंड में बड़े उद्योगपतियों से लेकर चीनी कंपनियों तक ने दान किया। यह ​सब जिम्मेदारी से परे और गुप्त कैसे हो सकता है? क्या सरकारी कंपनियां निजी हैं?

क्या प्रधानमंत्री पद निजी है? क्या प्रधानमंत्री के अगुआई वाली कोई संस्था गुप्त हो सकती है? पहले से प्रधानमंत्री राहत कोष मौजूद था, जो पूरी तरह से पारदर्शी व्यवस्था थी। सरकार उसका ऑडिट कराती थी और ऑडिट रिपोर्ट जारी होती थी। पीएम केयर्स का मामला इसके उलट है।

क्या छुपाया जा रहा है? ​किस बात की पर्देदारी है? क्या अब इस तरह खुला भ्रष्टाचार होगा कि पद पर बैठा व्यक्ति अपने पदनाम से फंड बनाकर उसे गोल कर जाएगा?


विश्व दीपक-

₹11531 करोड़ का मालिक…. भारत जैसे तीसरी दुनिया के चौथे दर्जे के देश में अगर किसी एक व्यक्ति के पास इतनी बड़ी रकम हो तो समझिए वह पूरा सिस्टम खरीद सकता है. संभवत: खरीद भी रहा है – सांसद, विधायक, न्यायपालिका से लेकर चुनाव तक – लेकिन किसी को पता नहीं चल रहा.

यह रकम पीएम केयर्स फंड + पीएमएनआरएफ + एनडीएफ का सम्मिलित बैंक बैलेंस है.

  • पीएमएनआरएफ – ₹3800 करोड़
  • पीएम केयर्स फंड – ₹6283 करोड़
  • एनडीएफ – ₹1448 करोड़
  • कुल मिलाकर हुए – ₹11531 करोड़

₹11531 करोड़ का फंड भारत में जिस एक व्यक्ति के नियंत्रण में हैं उनका नाम है नरेन्द्र मोदी. भारत के प्रधानमंत्री. पीएम केयर्स फंड, पीएमएनआरएफ और एनडीएफ तीनों के चेयरपर्सन मोदी हैं. मोदी जी को जनता ने चुना है लेकिन तीनों के बारे में जनता को कोई जानकारी नहीं मिल सकती.

इन्हें पहले आरटीआई के दायरे से बाहर किया गया. अब इसे सांसदों की पहुंच से भी परे कर दिया गया है. सोचिए कि इस देश के लिये कानून बनाने वाला सांसद भी इन तीन फंड्स के बारे में न कोई सवाल पूछ सकता है न कोई जानकारी नहीं ले सकता.

पीएमओ ने लोकसभा सचिवालय को आदेश दिया है कि इनके बारे में कोई सांसद अगर सवाल करता भी है तो उसे एंटरटेन मत करो.

पीएम केयर्स फंड के बारे में पहले लिख चुका हूं कि यह ट्रस्ट कोविड महामारी के दौरान बनाया गया था जबकि पीएमएनआरएफ पहले से ही था. पीएमएनआरएफ भी ट्रस्ट है. दोनों का मकसद भी एक है.

जब पीएमएनआरएफ पहले से ही है तो फिर पीएम केयर्स फंड क्यों बनाया गया? याद कीजिए 2020 का वक्त. जब चीन लद्दाख में घुसपैठ कर रहा था चीन की मोबाइल कंपनियां पीएम केयर्स फंड में दिल खोलकार दान दे रही थीं.

  • ह्यूवेई – ₹7 करोड़
  • टिक टॉक – ₹30 करोड़
  • शाओमी – ₹10 करोड़
  • वन प्लस – ₹1 करोड़
  • ओप्पो – ₹1 करोड़

खास बात यह है कि इन सभी कंपनियों को 80जी के तहत टैक्स में छूट भी मिली थी. सवाल यह है कि इस देश की जनता कब मोदी से सवाल करेगी या कब मोदी जी खुद को इस देश के लिये जिम्मेदार समझेंगे? नहीं जानता लेकिन इतना ज़रूर जानता हूं कि मोदी जी ने भ्रष्टाचार मिटाने और पारदर्शिता लाने का वादा किया था.

लेकिन पिछले 11 सालों में जिस तरह से भ्रष्टाचार ड्रग्स कार्टेल की तरह संगठित होकर फैला है उसकी अतीत में कोई मिसाल नहीं. आरटीआई कानून की जिस तरह से हत्या की गई है उसने जनता को असहाय, बेबस और एक हद तक गुलाम बना दिया है.

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1 Comment

1 Comment

  1. अनन्त वर्मा

    February 10, 2026 at 10:24 am

    आपका एप्प गूगल एप्प स्टोर में पिछले 8 दिन से दिख नहीं रहा है भडास 4 मिडिया खोजने पर दुसरे एप्प दिखा रहा है कृपया यथाशीघ्र ठीक करें

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