प्राइम वीडियो ने भारतीय मनोरंजन में महिला प्रतिनिधित्व पर एक अध्ययन संबंधी रिपोर्ट- ओ वुमनिया (O WOMANIYA!) जारी की है. प्राइम वीडियो की यह रिपोर्ट ऑरमैक्स मीडिया और फिल्म कंपेनियन स्टूडियोज के नेतृत्व में, वर्ष 2023 में स्ट्रीमिंग प्लेटफार्म और सिनेमाघरों में रिलीज हुई 9 भाषाओं में 169 भारतीय फिल्मों और श्रंखलाओं का विश्लेषण है.
रिपोर्ट में जिन भारतीय भाषाओं की फिल्मों को शामिल किया गया है उनमें हिंदी, तमिल, तेलुगु, मलयालम, कन्नड, मराठी, पंजाबी, बंगाली और गुजराती की 169 फिल्में शामिल हैं. जिसके विश्लेषण में पाया गया है कि महिलाओं को फिल्मों के ट्रेलर में सबसे कम यानी 29% फुटेज (बोलने का समय) ही दी गई है.
विश्लेषण की गई फिल्मों में- मेड इन हेवन सीजन2 (हिंदी), बू (तेलुगु), झिम्मा2 (मराठी), ताली (हिंदी), रेनबो रिश्ता (हिंदी), वेडिंग.कॉन (हिंदी), स्वीट करम कॉफी (तमिल), सास बहू और फ्लेमिंगो (हिंदी) और जाने जान (हिंदी) इस लिस्ट में शीर्ष पर रहने वाली कुछ प्रमुख फिल्में हैं.
इसके अलावा रिपोर्ट में पाया गया कि इन सभी फिल्मों के निर्देशन, छायांकन, संपादन, लेखन और प्रोडक्शन जैसे प्रमुख विभागों एचओडी पदों में से केवल 15% पद महिलाओं के पास थे. स्ट्रीमिंग फिल्मों और सिरीज दोनों में 20% से अधिक महिलाएं एचओडी पदों पर थीं.
रिपोर्ट का उद्देश्य था कि क्या किसी फिल्म या सिरीज में महिलाओं के पास लीड है.. वे अपनी कहानियों की स्वयं संचालक हैं या पुरुष दृष्टिकोण को चलाने के लिए केवल सहायक उपकरण हैं.
ऑरमैक्स मीडिया के फाउंडर और सीईओ शैलेश कपूर ने कहा- ओ वुमनिया के हर संस्करण के साथ हमने रिपोर्ट का दायरा बढ़ाने पर ध्यान दिया है. इस वर्ष संस्करण में लैंगिक समानता टूलकिट की शुरूआत मनोरंजन में महिलाओं के प्रतिनिधित्व पर एक सूक्ष्म परिप्रेक्ष्य प्रदान करती है. यह रचनाकारों और उत्पादकों को बराबरी के नजरिए से नए विचारों का मूल्यांकन करने में मदद कर सकता है.
वहीं, फिल्म समीक्षक और निर्माता अनुपमा चोपड़ा ने कहा, मनोरंजन उद्योग पहले से कहीं अधिक जांच के दायरे में है. हर कदम आगे बढ़ाने और हर कमी को उजागर करने के साथ, हितधारक इस बात पर विचार कर रहे हैं कि वे सार्थक बदलाव कैसे ला सकते हैं. लैंकि समानता के इर्द-गिर्द हर गतिविधि और बातचीत मायने रखती है. मैं इस अभूतपूर्व पहल के लिए प्राइम वीडियो और ऑरमैक्स मीडिया की बहुत आभारी हूं.


