पीटीआई से निकाले गए 297 मीडियाकर्मियों की तुरंत वापसी के लिए मुख्यालय पर हुआ जमावड़ा, देखें वीडियो

फेडरेशन ऑफ पीटीआई इम्प्लाईज यूनियन्स ने विरोध दिवस मनाया

नयी दिल्ली, 29 सितंबर। फेडरेशन ऑफ पीटीआई इम्प्लाईज यूनियन्स ने चार वर्ष पूर्व आज के ही दिन अवैध ढंग से अपने 297 साथियों को पीटीआई की नियमित सेवा से निकाले जाने के खिलाफ यहां संसद मार्ग पर पीटीआई बिल्डिंग स्थित पीटीआई मुख्यालय पर विरोध दिवस मनाया और प्रबन्धन से चार वर्ष पूर्व अवैध ढंग से निकाले गये अपने सभी नियमित कर्मचारियों को ड्यूटी पर वापस लेने की आज मांग दोहरायी।

फेडरेशन ऑफ पीटीआई इम्प्लाईज यूनियन्स के महासचिव बलराम सिंह दहिया ने पीटीआई प्रबन्धन की चार वर्ष पूर्व 297 नियमित कर्मचारियों के खिलाफ की गयी रिट्रेंचमेंट की इस कार्रवाई को पूरी तरह अवैधानिक एवं अमानवीय बताया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1948 में अपनी स्थापना के समय से ही पीटीआई के सभी पत्रकार एवं गैर पत्रकार एक परिवार की तरह मिलजुल कर देशहित को सामने रख कर काम करते थे लेकिन पिछले कुछ वर्षों में पीटीआई प्रबन्धन बिलकुल मनमाना व्यवहार किया है और उसी का परिणाम है कि आज 297 नियमित कर्मचारी सड़क पर हैं। इन्हीं कर्मचारियों के खून पसीने की मेहनत से पीटीआई ने देश के समाचार की दुनिया में अपना सर्वोच्च स्थान बनाया था और आज उन्हीं को एक झटके में बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।

इससे पूर्व बड़ी संख्या में एकत्रित पीटीआई के कर्मचारियों एवं छंटनी किये गये कर्मचारियों ने आज संसद मार्ग पर स्थित पीटीआई बिल्डिंग में पीटीआई बोर्ड के अध्यक्ष अवीक सरकार एवं आधा दर्जन अन्य निदेशकों तथा शीर्ष प्रबंधन की उपस्थिति में जमकर नारेबाजी की और विरोध प्रदर्शन किया। पीटीआई मुख्यालय पर आज पीटीआई बोर्ड की वार्षिक आम सभा :एजीएमः भी आयोजित थी जिसमें बोर्ड के अध्यक्ष एबीपी समूह के अवीक सरकार, उपाध्यक्ष डेक्कन हेराल्ड समूह के केएन शान्त कुमार, बोर्ड के नये निदेशक दक्षिण भारत के दिनमलार समूह के एल आदिमूलम् समेत 16 सदस्यों में से सात सदस्य उपस्थित थे।

पीटीआई की सेवा से रिट्रेंच किये गये कर्मचारियों के विरोध दिवस के कार्यक्रम में रांची से आये नेशनल कान्फेडरेशन ऑफ न्यूज पेपर्स एंड न्यूज एजेंसीज इंप्लाईज ऑर्गनाइजेशन्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा पीटीआई फेडरेशन के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य डा. इन्दुकान्त दीक्षित ने कर्मचारियों को अपना संघर्ष जारी रखने के लिए उत्साहित किया और बताया कि कर्मचारियों का मामला दिल्ली उच्च न्यायालय से होता हुआ अब मुंबई स्थित राष्ट्रीय न्यायाधिकरण :नेशनल ट्रिब्यूनलः में है जहां अब बीस अक्तूबर को निकाले गये कर्मचारियों को अंतरिम राहत देने के मुद्दे पर बहस होनी है। उन्होंने कर्मचारियों से धैर्य के साथ न्यायिक लड़ाई लड़ने की अपील की और कहा कि देश के मीडिया के इतिहास में यह पहला मामला है जो फेडरेशन ऑफ पीटीआई इंप्लाईज यूनियन्स के प्रयास से राष्ट्रीय न्यायाधिकरण में पहुंचा है और वहां कर्मचारियों को शीघ्र न्याय मिलने की पूरी संभावना है।

फेडरेशन के अनुरोध पर सक्रियता से कार्रवाई करते हुए केन्द्रीय श्रम मंत्रालय ने पिछले माह ही देश के अधिकतर सीजीआईटी एवं मुंबई एवं कोलकाता स्थित एनआईटी में पीठासनी पदाधिकारियों :प्रिसाइडिंग आफीसर्सः की नियुक्ति कर दी थी जिसके बाद वहां लंबित मामलों पर सुनवाई पुनः प्रारंभ हो गयी है।

पीटीआई फेडरेशन के इस विरोध दिवस का समर्थन नेशनल कान्फेडरेशन ऑफ न्यूज पेपर्स एंड न्यूज एजेंसीज इंप्लाईज ऑर्गनाइजेशन्स, दिल्ली यूनियन आफ जर्नलिस्ट, आईएफडब्लूजे, प्रेस क्लब ऑफ इंडिया समेत तमाम संगठनों ने भी किया और पीटीआई प्रबन्धन से मांग की कि वह अपने इस अवैध कदम को तुरत वापस ले जिससे चार वर्ष पूर्व संस्था से अवैध ढंग से निकाले गये कर्मचारियों एवं उनके परिजनों को राहत मिल सके।

विरोध दिवस के पूरे कार्यक्रम की मेजबानी पीटीआई वर्कर्स यूनियन दिल्ली ने की जिसकी अध्यक्ष रेणू सिन्हा एवं महासचिव सीएल गुप्ता विरोध दिवस के इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी ट्रेड यूनियन्स एवं कर्मचारियों का धन्यवाद किया तथा कर्मचारियों की शंकाओं एवं प्रश्नों का समाधान किया।

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