पंजाब में नायब तहसीलदार की परीक्षा केवल इंग्लिश में हो रही है!

रंगनाथ सिंह-

इस खबर से पता चलता है कि भारत में कोलोनियल गुलामी की जड़ें कितनी गहरी हैं। पंजाब में नायब तहसीलदार की परीक्षा केवल इंग्लिश में हो रही है। PPSC चीफ कह रहे हैं यही नियम है। पंजाब की तहसीलों में शेक्सपियर-मिल्टन-बायरन पर निबंध लिखना होता है क्या? पंजाबी प्राइड का क्या हुआ?

राज्य सरकारों को सभी प्रादेशिक सेवाओं की परीक्षा केवल उस राज्य की राजभाषा में लेना चाहिए। जहाँ बहुत जरूरी हो वहाँ परीक्षा में एक पर्चा इंग्लिश का रख सकते हैं जो क्वालिफाइंग नेचर का हो। 100 में 51 पाने वाले उसमें उत्तीर्ण समझे जाएँ। इंग्लिश का अंक कुल प्राप्तांक में नहीं जुड़ना चाहिए।

हमारे देश का कोलोनियल स्लेव माइंडसेट जब तक नहीं टूटेगा देश में मौलिकता का व्यापक विकास मुश्किल है। तब तक अपवादों से काम चलाना होगा।



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